देश में सनातन धर्म के प्रतीक मंदिरों की लड़ाई लड़ रहे प्रसिद्ध वकील विष्णु शंकर जैन ने कांग्रेस की दोमुही नीतियों पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सनातन धर्म को बांटने के लिए जैनों को अल्पसंख्यक समुदाय की कैटेगरी में डाल दिया। लेकिन जैनों को कभी भी इसका लाभ नहीं मिला। इसका लाभ हमेशा मुस्लिम समुदाय को ही मिला। हालात ये हो गए हैं कि देश में अल्पसंख्यकों के अधिकार मुस्लिम अधिकारों के समान हो गए हैं।
वरिष्ठ वकील जैन समुदाय के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने ये बात कही। विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हम जैन देश की जीडीपी में बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए हमें अल्पसंख्यक समुदाय का दर्जा देने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने ये भी कहा कि जैन समुदाय सनातन धर्म का ही अभिन्न अंग है।
मुस्लिमों के अलावा बाकी अल्पसंख्यक समुदायों से हो रहा भेदभाव
विष्णु शंकर जैन कहते हैं कि देश में हालात ये हो गए हैं कि अल्पसंख्यकों के अधिकार मतलब मुस्लिमों के अधिकार हो गए हैं। देश के बाकी अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। विष्णु शंकर जैन ने एक्स पोस्ट के जरिए सवाल किया कि केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों के लिए जो भी योजनाएं चलाती है, उसका लाभ केवल मुस्लिमों को ही मिल रहा है। इसकी वर्तमान राशि करीब 3200 करोड़ रुपए है औऱ ये पूरा पैसा केवल और केवल मुस्लिमों को ही दिया जा रहा है। हमें तो अल्पसंख्यक समुदाय का दर्ज इसलिए दिया गया, ताकि सनातन धर्म ले अलग किया जा सके। उन्होंने सवाल किया, “आखिर किस आधार पर 2013 में जैन समुदाय के लोगों को अल्पसंख्यक घोषित किया गया?”
https://Twitter.com/Vishnu_Jain1/status/1930828020644037060
सेक्युलरिज्म पर उठाया सवाल
वकील जैन ने मुस्लिमों और दूसरे समुदायों के साथ किए जा रहे बर्ताव में भिन्नता की ओर इशारा किया और कहा कि वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 पर चर्चा हो रही है। इसके लिए जेपीसी का भी गठन किया गया। लेकिन कोई भी इस पर चर्चा नहीं करता है। 42 वें संविधान संशोधन के जरिए बिना चर्चा के ही सेक्युलरिज्म शब्द को संविधान में जोड़ दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट भी कर रहा पक्षपात
वरिष्ठ वकील ने सुप्रीम कोर्ट पर पक्षपात करने का आरोप लगाया कि एससी केवल मुस्लिम समुदाय को ही तरजीह देता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने कहा कि नफरत फैलाने वाली घटनाएं सबसे ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ होती हैं। विष्णु शंकर जैन के अनुसार, जज के अल्पसंख्यक से मतलब मुस्लिमों से था।

















