ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड शहर से पुलिस बर्बरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक 42 वर्षीय भारतवंशी गौरव कुंडी को पुलिस ने बेरहमी से सड़क पर पटक दिया और घुटने से उसकी गर्दन दबा दी। इस कारण गंभीर रूप से घायल गौरव इस वक्त कोमा में हैं और एडिलेड के रॉयल अस्पताल में जीवन रक्षक मशीनों के सहारे मौत से जंग लड़ रहे हैं। गौरव की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
यह घटना अमेरिका के मिनियापोलिस में अश्वेत नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या की याद दिला रही है, जिसने दुनियाभर में विरोध-प्रदर्शनों की लहर पैदा की थी।
पत्नी से बहस को पुलिस ने समझा घरेलू हिंसा
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब गौरव कुंडी की अपनी पत्नी अमृतपाल कौर के साथ किसी बात को लेकर बहस हो रही थी। उसी दौरान इलाके से गुजर रही पुलिस टीम ने उनकी बातचीत सुनी और इसे घरेलू हिंसा का मामला मान लिया।
सिर गाड़ी से टकराया, गर्दन पर घुटना रखा
गौरव की पत्नी कौर का आरोप है कि पुलिस ने बिना पूरी बात समझे गौरव को जबरन पकड़ने की कोशिश की। इस दौरान उनका सिर पुलिस वाहन से टकरा गया और फिर उन्हें जमीन पर गिराकर गर्दन पर घुटने से दबाव डाला गया।
इस पूरी घटना का वीडियो अमृतपाल कौर ने खुद रिकॉर्ड किया है। वीडियो में गौरव को कहते सुना जा सकता है- “मैंने कुछ गलत नहीं किया।”
वहीं कौर लगातार पुलिस से कह रही हैं कि उनके पति निर्दोष हैं और उनकी तबीयत बिगड़ रही है। उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई कि गौरव को थाने न ले जाकर अस्पताल पहुंचाया जाए।
डॉक्टरों ने जताई चिंता
डॉक्टरों ने बताया कि गौरव का मस्तिष्क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और उनकी गर्दन में भी गहरी चोटें हैं। उनकी स्थिति बेहद गंभीर है और बचने की संभावना बहुत कम है। गौरव दो बच्चों के पिता हैं।
कौर ने भावुक होते हुए कहा- “पुलिसवाले ने मेरे पति को सड़क पर बेरहमी से पीटा। अब उनका दिल भी काम नहीं कर रहा है।”
फिर ताजा हुईं जॉर्ज फ्लॉयड की यादें
यह मामला वर्ष 2020 की उस दुखद घटना की याद दिलाता है जब अमेरिका में एक अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की पुलिस हिरासत में मृत्यु हो गई थी। मिनियापोलिस में पुलिस अधिकारी डेरेक चौविन ने फ्लॉयड की गर्दन पर करीब नौ मिनट तक घुटना दबाकर रखा था, जिससे उसकी जान चली गई थी।
उस वक्त फ्लॉयड बार-बार कहता रहा- “मैं सांस नहीं ले पा रहा हूं।” इस घटना ने अमेरिका समेत पूरी दुनिया में पुलिस बर्बरता के खिलाफ आंदोलन को जन्म दिया था। अब गौरव के साथ हुई घटना ने एक बार फिर वैसी ही बहस को जन्म दे दिया है।











