कोई बरगलाकर आपकी पहचान को कुछ वक्त के लिए छीन सकता है, लेकिन हमेशा के लिए उस सत्य को नहीं मिटाया जा सकता जो आपकी आत्मा से जुड़ा है। सनातन धर्म की यही महानता है कि दूसरे मतों में ले जाए गए लोगों को उनका मूल धर्म सदैव अपनी ओर आकर्षित करता है।
ताजा मामला उत्तर प्रदेश के देवबंद (सहारनपुर) से सामने आया है, जहां एक मुस्लिम परिवार के 10 सदस्यों ने अपने मूल धर्म सनातन को स्वीकार कर घर वापसी की है। यह घर वापसी की प्रक्रिया मुजफ्फरनगर में स्थित आचार्य यशवीर के आश्रम में पूरी हुई। सनातन में वापसी से पहले इन सभी लोगों का शुद्धिकरण कराया गया। इसके बाद आचार्य मृगेंद्र ब्रह्मचारी ने वेद मंत्रों से हवन करवाकर इन सभी से आहुतियां दिलवाईं। तत्पश्चात सभी मुस्लिम परिवार के सदस्यों ने स्वेच्छा से सनातन धर्म को अपनाया।
ईद गुजरते ही की घर वापसी
इस बारे में बात करते हुए आचार्य यशवीर ने बताया कि इस परिवार के बुजुर्गों ने लगभग 50 वर्ष पहले किन्हीं कारणों से इस्लाम मत को अपना लिया था। लेकिन अब मौजूदा पीढ़ी सनातन धर्म से प्रभावित थी। ईद के बाद सभी सदस्यों ने अपने मूल धर्म में वापसी का निर्णय लिया और इस प्रक्रिया के लिए आश्रम में आए। उन्होंने बताया कि सभी ने सनातन धर्म में घर वापसी के बाद इस्लामिक रीति-रिवाजों का त्याग कर दिया है। साथ ही अपने इस्लामिक नामों को भी बदलकर सनातनी नाम अपना लिए हैं।
सनातन नाम बने नई पहचान
सनातन धर्म अपनाने के बाद परिवार के नाम बदल गए हैं। फैमिदा अब राजकुमारी कश्यप के नाम से जानी जाएंगी, रेशमा ने पूजा नाम अपनाया, पलक अब सविता बन गईं, और महक का नया नाम कविता हो गया। इसी तरह, दिलजान ने बृजेश कश्यप नाम चुना, आलिया अब पायल के रूप में पहचानी जाती हैं, सना ने सोनिया नाम लिया, खुशनुमा अब साधना कहलाती हैं, अरमान ने अपना नाम बदलकर अमित कश्यप कर लिया, और इस्लाम ने अपनी नई पहचान विक्रम के रूप में स्वीकार की।
टिप्पणियाँ