कांग्रेस के नेता कभी चीन के पक्ष में खड़े होते हैं तो कभी भारतीय सेना पर आरोप मढ़ने लगते हैं। अब ताजा मामला कांग्रेस से ही जुड़ा। भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तानों में से एक और भारत का झंडा बुलंद रखने वाले रोहित शर्मा पर कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद वह सफाई देती फिर रही हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उन्हें करारा जवाब दिया है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी राजनीतिक दलों को चेताया है कि खिलाड़ियों पर राजनीति न करें।
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रोहित शर्मा एक मोटे खिलाड़ी हैं। उन्हें अपना वजन कम करने की जरूरत है। वह भारत के अब तक के सबसे बेअसर कप्तान हैं। उनके इस बयान पर यूजर्स नाराज हुए। खेल समुदाय, पूर्व खिलाड़ी और कई सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। वहीं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कांग्रेस और टीएमसी को आड़े हाथों लिया।
केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री मनसुख मंडाविया ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इन दलों को खिलाड़ियों के पेशेवर जीवन में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय खिलाड़ी अपने करियर को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं और राजनीतिक दलों को उन पर अनावश्यक टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए।
मनसुख मंडाविया ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस और टीएमसी को खिलाड़ियों को उनके हाल पर छोड़ देना चाहिए क्योंकि वे अपने पेशेवर जीवन को संभालने में पूरी तरह सक्षम हैं। इन दलों के कुछ नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियां, जिनमें बॉडी शेमिंग और खिलाड़ियों की टीम में जगह पर सवाल उठाना शामिल है, न केवल बेहद शर्मनाक हैं, बल्कि पूरी तरह निंदनीय भी हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसी टिप्पणियां उन खिलाड़ियों की मेहनत और त्याग का अपमान हैं, जो देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करते हैं। खेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार खिलाड़ियों को हरसंभव समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर उनके मनोबल को गिराने वाले बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेल रहे हर एथलीट के सम्मान की रक्षा की जाएगी।
मंडाविया ने यह भी कहा कि खेल को राजनीति से दूर रखना जरूरी है। उन्होंने अपील की कि सभी राजनीतिक दल खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करें और उनके बारे में अनावश्यक और अपमानजनक टिप्पणियों से बचें।

















