बलिदान के 56 साल बाद परिवार को मिलेगा वीर जवान नारायण सिंह बिष्ट पार्थिव शरीर
October 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

बलिदान के 56 साल बाद परिवार को मिलेगा वीर जवान नारायण सिंह बिष्ट पार्थिव शरीर

1968 में रोहतांग दर्रे में क्रेश हुआ था वायु सेना का विमान

Written byदिनेश मानसेरादिनेश मानसेरा
Oct 2, 2024, 04:28 pm IST
inभारत, उत्तराखंड

देहरादून । 56 साल पहले जिन सिपाही नारायण सिंह बिष्ट को मृत मान लिया गया था, उनका पार्थिव शरीर अब घर लौटेगा। यह अविश्वसनीय घटना सात फरवरी 1968 को हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे में भारतीय वायुसेना के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से जुड़ी है। सिपाही नारायण सिंह बिष्ट, जो भारतीय सेना की मेडिकल कोर में तैनात थे, उस हादसे में लापता हो गए थे। उनके साथ विमान में सवार अन्य 102 लोग भी तब से लापता थे। अब 56 साल बाद सेना के सर्च ऑपरेशन और पर्वतारोहियों की अथक कोशिशों के चलते कुछ पीड़ितों के अवशेष मिले हैं, जिनमें सिपाही नारायण सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर भी शामिल है।

1968 की विमान दुर्घटना का इतिहास

सात फरवरी 1968 को भारतीय वायुसेना का एक परिवहन विमान चंडीगढ़ से लेह के लिए उड़ान भर रहा था। लेकिन, खराब मौसम के कारण विमान को वापस लौटने का निर्णय लिया गया। दुर्भाग्य से, विमान हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे के ढाका ग्लेशियर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में 102 लोग सवार थे, जिनमें 6 क्रू मेंबर और सेना के जवान शामिल थे। इस हादसे के बाद से विमान और उसमें सवार सभी लोगों का कोई पता नहीं चला था।

पर्वतारोहियों के अथक प्रयास

वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान के एक पर्वतारोही दल ने लाहौल-स्पीति जिले में विमान का मलबा ढूंढ निकाला। इसके बाद से ही दुर्घटनाग्रस्त विमान के मलबे से कुछ अवशेष मिले। हाल ही में डोगरा स्काउट्स और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू के संयुक्त अभियान के दौरान बर्फीले मलबे से चार और पीड़ितों के अवशेष मिले, जिनमें सिपाही नारायण सिंह बिष्ट के साथ मलखान सिंह और थॉमस चरण की पहचान हो चुकी है।

56 साल बाद घर लौटेगा सिपाही का पार्थिव शरीर

सिपाही नारायण सिंह बिष्ट का पार्थिव शरीर 56 साल बाद अब उनके पैतृक गांव कोलपुड़ी, उत्तराखंड लाया जाएगा। वहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। यह घटना न केवल बिष्ट परिवार के लिए, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए अत्यंत भावुक पल है। सेना के निरंतर प्रयासों के कारण, आज उन वीर जवानों का पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सका है, जिन्हें देश ने लंबे समय से खो दिया मान लिया था।

भारतीय सेना की महत्वपूर्ण सफलता

भारतीय सेना के खोज अभियानों में यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कामयाबियों में से एक मानी जा रही है। ऐसे कठिन और दुर्गम इलाकों में कई वर्षों बाद इस तरह के अवशेषों को ढूंढ निकालना न केवल भारतीय सेना की लगन और परिश्रम का प्रतीक है, बल्कि उन शहीदों को श्रद्धांजलि देने का भी एक अनूठा तरीका है, जिन्होंने अपने देश की सेवा करते हुए अपने प्राण त्याग दिए थे।

Topics: रोहतांग दर्रा हादसे के अवशेषढाका ग्लेशियर विमान दुर्घटनाNarayan Singh Bisht plane crashindian army search operation1968 Air Force plane crashनारायण सिंह बिष्ट विमान हादसाRohtang Pass plane crash1968 वायुसेना विमान दुर्घटनाremains of missing army soldiersरोहतांग दर्रा विमान क्रैशRohtang Glacier plane crashसेना के लापता जवानों के अवशेषNarayan Singh Bisht's bodyरोहतांग ग्लेशियर विमान हादसाremains of Rohtang Pass accidentभारतीय सेना की खोज अभियानDhaka Glacier plane crashनारायण सिंह बिष्ट की पार्थिव देह
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के डोरीमाल जंगलों में बड़ा सर्च ऑपरेशन, सुरक्षाबलों को 2-3 पाक आतंकी होने की आशंका

जम्मू कश्मीर: कुपवाड़ा में घुसपैठ की कोशिश विफल, सेना और पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में एक आतंकी ढेर

Load More

ताज़ा समाचार

मोहम्मद यूनुस को न्यूयॉर्क में विरोध का सामना करना पड़ा

‘आतंकवादी, तुम यहां क्यों आए’, न्यूयॉर्क में मोहम्मद यूनुस पर फूटा लोगों का गुस्सा

एआई का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो बनाने वाला स्वयंभूम पत्रकार नदीम पुलिस के हत्थे चढ़ा (प्रकोष्ठ में)। वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पर गत 3 अक्तूबर को हुए प्रदर्शन के दौरान बनाया गया था। इसमें एसीपी विवेक भगत को कथित तौर पर महिला पत्रकार से छेड़छाड़ करते हुए दिखाया गया था

गहराता पहचान का संकट

ओएसडी राजबीर घुम्मन (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत मान।

पंजाब सरकार की बढ़ी मुसीबत : ईडी ने मुख्यमंत्री मान के OSD के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस किया दर्ज

पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर मुख्यमंत्री धामी ने उठाए सवाल, उत्तराखंड कांग्रेस से मांगा जवाब

वो राष्ट्रऋषि जिन्होंने भारत को दिया आर्थिक स्वावलंबन का मार्ग -Dattopant Thengadi

Explainer: केरल सरकार ने ज्ञानेश कुमार को हटाने वाला प्रस्ताव किया पारित, क्या राज्य CEC को हटा सकता है?

“भगवा ओढ़कर बदनाम करने की साज़िश?” – ABVP ने कनॉट प्लेस प्रदर्शन पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री धामी ने शिवराज सिंह चौहान से की मुलाकात, उत्तराखंड में PMGSY सड़कों की स्वीकृति का अनुरोध

Punjab and Haryana High Court PIL against Sacrilege Law 2026

पंजाब में AAP सरकार का बड़ा घोटाला: बनी सड़कों का दोबारा टेंडर, 500 करोड़ की अनियमितता

संयुक्त राष्ट्र की चिंता निरर्थक, भारत ने दोहरे मापदंड पर दिया कड़ा जवाब

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies