जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर से कैंसर: केस करने की वाली महिला की जीत, 45 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी कंपनी
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जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर से कैंसर: केस करने की वाली महिला की जीत, 45 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी कंपनी

अमेरिका के इलिनोइस की रहने वाली 6 बच्चों की मां और दादी गार्सिया ने करीब एक दशक पहले जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के टालकम पाउडर पर केस किया था कि इसके इस्तेमाल से कैंसर होता है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Apr 21, 2024, 03:14 pm IST
in विश्व
Johnson & Johnson Baby Powder cancer

प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो साभार: द हिन्दू)

‘जॉनसन एंड जॉनसन बेबी पाउडर’ ये वो नाम है, जिसे दुनियाभर में बहुत पसंद किया जाता है। मुख्यतया नवजात बच्चों के लिए सबसे अधिक इसी का इस्तेमाल होता है। लेकिन फिर एक दिन एक महिला ने कंपनी के पाउडर से कैंसर होने के खतरे का आरोप लगाते हुए इस पर केस दर्ज करा दिया। करीब एक दशक तक चली इस कानूनी लड़ाई के बाद अब अमेरिकी अदालत ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने कंपनी को महिला को 45 मिलियन डॉलर का जुर्माना देने का आदेश दिया है।

क्या है पूरा मामला

अमेरिका के इलिनोइस की रहने वाली 6 बच्चों की मां और दादी गार्सिया ने करीब एक दशक पहले जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के टालकम पाउडर पर केस किया था कि इसके इस्तेमाल से कैंसर होता है। मामला कोर्ट में पहुंचता है। करीब एक दशक तक ये कानूनी लड़ाई चलती है। मामला कोर्ट में था, तभी वर्ष 2020 में गार्सिया की मौत हो जाती है। गार्सिया का आरोप था कि जॉनसन एंड जॉनसन को ये अच्छे से पता था कि उसके पाउडर में एसबेस्टस है, जो कि कैंसर का कारक है। बावजूद इसके कंपनी ने इसे बेचा।

इसे भी पढ़ें: भगवान महावीर के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाती है कि देश सही दिशा में जा रहा : प्रधानमंत्री

सालों साल केस चलता रहता है और मामले की सुनवाई करने के बाद बीते शुक्रवार को शिकागो में जूरी के सदस्यों ने महिला के पक्ष में ये फैसला सुनाया। जूरी के सदस्यों का कहना था कि गार्सिया की मौत के लिए केनव्यू 70 फीसदी जिम्मेदार थी। इसके अलावा जॉनसन एंड जॉनसन इसके लिए 30 फीसदी जिम्मेदार थी। इसके बाद जूरी ने ये फैसला सुनाया।

जूरी के फैसले को करेंगे चैलेंज

इस बीच जूरी के फैसले पर कंपनी ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में चैलेंज करेगी। इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान पहले तो कंपनी ने खुद के दिवालियेपन का हवाला देते हुए जूरी से राहत मांगी, लेकिन जब इस पर बात नहीं बनी तो उसने जूरी को बताया कि वह एक सदी से टालकम पाउडर बेच रही है, अभी तक कोई शिकायत नहीं आई। हालांकि, जूरी ने कंपनी की दलीलों को दरकिनार करते हुए महिला के पक्ष में फैसला सुनाया।

Topics: fineजुर्मानाजॉनसन एंड जॉनसनjohnson & johnsonपाउडरpowdercancerकैंसर
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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