www से परे है 95 प्रतिशत इंटरनेट
September 20, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विज्ञान और तकनीक

www से परे है 95 प्रतिशत इंटरनेट

‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’ की चर्चा के बाद दिमाग में कईसवालों का उठना स्वाभाविक है। विश्व व्यापी वेब का बहुत सारा हिस्सा रहस्यों के दायरे में घिरा है

Written byबालेन्दु शर्मा दाधीचबालेन्दु शर्मा दाधीच
Nov 16, 2023, 01:15 pm IST
inविज्ञान और तकनीक

वेब का प्रयोग करते हैं उसके विस्तार और आकार की कोई थाह नहीं है। किसी एक कीवर्ड पर सर्च करने के बाद आपको जितने परिणाम मिलते हैं, वे इस बात का अनुमान लगाने के लिए काफी हैं।

हम डिजिटल मीडिया में जिस वेब का प्रयोग करते हैं उसके विस्तार और आकार की कोई थाह नहीं है। किसी एक कीवर्ड पर सर्च करने के बाद आपको जितने परिणाम मिलते हैं, वे इस बात का अनुमान लगाने के लिए काफी हैं। कारण यह कि जब एक शब्द के बारे में सर्च करने पर हमें हजारों-लाखों परिणाम मिल सकते हैं तो अनगिनत शब्दों को सर्च करने पर कितने मिलेंगे? और एक से अधिक शब्दों के युग्म को सर्च करने पर कितने परिणाम मिलेंगे? इससे पहले कि आप कौतूहल में पड़ जाएं, यह भी जान लीजिए कि गूगल समूचे इंटरनेट की खोज नहीं करता। वह उसके एक बहुत छोटे हिस्से को ही सर्च कर पाता है।

गूगल और दूसरे सर्च इंजनों की पहुंच से बाहर जितनी वेबसाइटें और वेब सेवाएं हैं उनसे भी कई गुना अधिक बड़ा इंटरनेट का एक अंधियारा इलाका है जिस तक सर्च इंजनों, वेब निर्देशिकाओं आदि की पहुंच नहीं है। असल में कॉम, नेट और आर्ग जैसे डोमेन नामों से जुड़ी वेबसाइटों की कुल संख्या पूरे वेब पर मौजूद सामग्री के 5 प्रतिशत हिस्से का ही प्रतिनिधित्व करती है। बाकी 95 प्रतिशत वह है जिसे तकनीकी दुनिया में ‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’ कहा जाता है। जितनी वेबसाइटों तक हमारी पहुंच है वह तो महज ‘सतही’ (ऊपर-ऊपर का) इलाका है जिसे ‘सरफेस वेब’ कहा जाता है।

‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’? ये क्यों हैं और किसके लिए हैं? अगर यह बुरी चीज है तो फिर इसे खत्म क्यों नहीं किया जाता और अगर इसमें कुछ अच्छा है तो वह हमसे छिपा क्यों है? कौन हैं जो उसे हमसे छिपा रहे हैं या सचमुच कोई उसे हमसे छिपा रहा है क्या? अगर हम इसके भीतर झांकना चाहें तो वह संभव है क्या और ऐसा करने के बाद हम अपनी सुरक्षित दुनिया में आगे भी सुरक्षित बने रह सकते हैं या नहीं? ‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’ की चर्चा के बाद ऐसे सवालों का सिलसिला मस्तिष्क में उठना स्वाभाविक है।

‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’ के नाम ऐसा संकेत देते हैं कि ये इंटरनेट आपराधिक इलाके होंगे। यह बात कुछ हद तक सही है लेकिन पूर्णत: नहीं क्योंकि इनमें सरकारें भी सक्रिय हैं तो कंपनियां भी और गैर-सरकारी संगठन भी। हां, साइबर अपराधी, हैकर, और हमारी भौतिक दुनिया के बहुत सारे अपराधी, माफिया और आतंकवादी भी इनकी अंधेरी गलियों में छिपे रहते हैं, यह सच है।

जिस तरह समूचे आसमान में धरती हमारे लिए सब कुछ होकर भी वास्तव में इस ब्रह्माण्ड का बहुत छोटा हिस्सा है उसी तरह से जिस इंटरनेट या विश्वव्यापी वेब का प्रयोग हम करते हैं उसकी कोई औकात समूचे इंटरनेट के समक्ष कुछ नहीं है। वह जो बाकी 95 प्रतिशत इंटरनेट है, वह आपके हमारे द्वारा प्रयोग किए बिना भी लगातार बना हुआ है। इसका मतलब यह हुआ कि उसकी कुछ न कुछ महत्ता जरूर होगी और उसमें कुछ ऐसा होगा जिसे सुरक्षित रखने के पीछे बहुत सारी शक्तियां लगी होंगी। हम नहीं तो कोई और उसका इस्तेमाल भी कर रहे होंगे और ये दूसरे लोग किसी अन्य ग्रह के प्राणी नहीं होंगे क्योंकि उनके पास हमारे जैसे इंटरनेट की पहुंच है या नहीं-कहना मुश्किल है।

विश्व व्यापी वेब का बहुत सारा हिस्सा रहस्यों के दायरे में घिरा है, जैसे समुद्र्र में बर्फ का कोई बहुत विशाल पिंड (आइसबर्ग) हो। उसका छोटा सा हिस्सा ही सतह के ऊपर दिखाई दे रहा होता है जबकि बहुत बड़ा हिस्सा पानी में छिपा होता है। लेकिन आपकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए सबसे पहले इतना जरूर बता देते हैं कि ‘डार्क वेब’ तथा ‘डीप वेब’ को एक्सेस करना वैध है, अपराध नहीं।

तो क्या है ‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’? ये क्यों हैं और किसके लिए हैं? अगर यह बुरी चीज है तो फिर इसे खत्म क्यों नहीं किया जाता और अगर इसमें कुछ अच्छा है तो वह हमसे छिपा क्यों है? कौन हैं जो उसे हमसे छिपा रहे हैं या सचमुच कोई उसे हमसे छिपा रहा है क्या? अगर हम इसके भीतर झांकना चाहें तो वह संभव है क्या और ऐसा करने के बाद हम अपनी सुरक्षित दुनिया में आगे भी सुरक्षित बने रह सकते हैं या नहीं? ‘डार्क वेब’ और ‘डीप वेब’ की चर्चा के बाद ऐसे सवालों का सिलसिला मस्तिष्क में उठना स्वाभाविक है।

विश्व व्यापी वेब का बहुत सारा हिस्सा रहस्यों के दायरे में घिरा है, जैसे समुद्र्र में बर्फ का कोई बहुत विशाल पिंड (आइसबर्ग) हो। उसका छोटा सा हिस्सा ही सतह के ऊपर दिखाई दे रहा होता है जबकि बहुत बड़ा हिस्सा पानी में छिपा होता है। लेकिन आपकी जिज्ञासा को शांत करने के लिए सबसे पहले इतना जरूर बता देते हैं कि ‘डार्क वेब’ तथा ‘डीप वेब’ को एक्सेस करना वैध है, अपराध नहीं।
(लेखक माइक्रोसॉफ्ट एशिया में डेवलपर मार्केटिंग के प्रमुख हैं)

Topics: keyword searchवेब का प्रयोगडार्क वेबसरफेस वेबकीवर्ड पर सर्चWeb usagedark websurface web
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

पहचान बिकती है, खरीदोगे?

साइबर क्राइम का अभयारण्य है डार्क वेब

गुमनाम सा एक ‘मायाजाल’

Load More

ताज़ा समाचार

devbhoomi cultural festival 2026 badrinath cm dhami

देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल-2026 का समापन: बदरीनाथ में सीएम धामी ने कहा- लोक संस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी

किशाऊ परियोजना और सहकारी संघवाद की असली परीक्षा

Uttarakhand MBBS Fake Certificate SIT

MBBS में फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन पर एक्शन : उत्तराखंड में बनी 5 सदस्यीय SIT, पटवारियों से पूछताछ!

cm pushkar singh dhami badrinath master plan katha mahotsav

बद्रीनाथ पहुंचे सीएम धामी: भगवान बदरीविशाल के किए दर्शन, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा

“अजीत डोभाल पर टिप्पणी हर देशभक्त उत्तराखंडी का अपमान” : राहुल गांधी पर BJP का कड़ा प्रहार, जानिए क्या है पूरा मामला!

बाबा केदारनाथ

केदारनाथ गर्भगृह का वीडियो वायरल : मंदिर समिति ने लिया संज्ञान, अब कार्रवाई की तैयारी, जानिए क्या है पूरा मामला

kishau dam project uttarakhand rehabilitation displacement

उत्तराखंड: किशाऊ बांध की राह साफ, लेकिन हजारों लोगों के पुनर्वास और 2500 हेक्टेयर वन भूमि की चुनौती

21 सितंबर का पंचांग

21 सितंबर का पंचांग: बुध बदलेंगे नक्षत्र, बन रहा शोभन योग; जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Gold Silver Price Today

Gold Price Today: सोना खरीदने से पहले जान लें 20 सितंबर का रेट, 10 ग्राम की कीमत यहां देखें

बढ़ता प्रभाव, बढ़ती जिम्मेदारी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies