आतंकवाद की परिभाषा पर सहमति न बनने का फायदा उठा रहे मानवता के दुश्मन : प्रधानमंत्री
July 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत दिल्ली

आतंकवाद की परिभाषा पर सहमति न बनने का फायदा उठा रहे मानवता के दुश्मन : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित पी-20 शिखर सम्मेलन का आगाज किया और दुनिया को शांति का संदेश दिया

Written byPanchjanyaPanchjanya
Oct 13, 2023, 09:56 pm IST
in दिल्ली

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित पी-20 शिखर सम्मेलन का आगाज किया और दुनिया को शांति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय विकास और कल्याण का है और यह शांति बिना संभव नहीं है। उन्होंने आतंकवाद को लेकर एक बार फिर विश्व को चेताया कि यह मानवता के विरुद्ध सबसे बड़ा अपराध है और इस पर दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 9वें जी-20 संसदीय अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी-20) का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भारत की 5000 साल पुरानी सभ्यता और उसमें रचे बसे लोकतंत्र का परिचय कराया। उन्होंने बताया कि हजारों साल पहले भी हमारे यहां संवाद एवं चर्चा के माध्यम से जनहितैषी व्यवस्था काम करती थी।

प्रधानमंत्री ने दुनिया में चल रहे रूस-यूक्रेन और इजराइल एवं आतंकी संगठन हमास संघर्ष के बीच अपने शांति संदेश में कहा कि संकट भरी दुनिया किसी के हित में नहीं है। शांति के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि आज शाम दुनिया भर से आए संसदीय प्रतिनिधि भारतीय संसद की यात्रा करेंगे और वहां स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। साथ ही उन्होंने यहां आतंकवाद की उस घटना का भी जिक्र किया जिसमें भारतीय संसद पर आतंकियों ने हमला किया था। प्रधानमंत्री ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि दुनिया के देश अभी तक आतंकवाद की परिभाषा पर आम सहमति नहीं बना पाए हैं, जिसका फायदा मानवता के दुश्मन उठा रहे हैं। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, जी-20 देशों और आमंत्रित देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारी, अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) के अध्यक्ष दुआर्ते पचेको और अन्य गणमान्य भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन पूरी दुनिया की सभी संसदीय परंपराओं का एक ‘महाकुंभ’ है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख भी किया कि आज यहां उपस्थित सभी प्रतिनिधियों के पास विभिन्न देशों की संसदों का समृद्ध अनुभव है। इसके साथ ही मोदी ने इस आयोजन के बारे में संतोष भी व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पी-20 शिखर सम्मेलन उस भूमि पर हो रहा है जो न केवल लोकतंत्र की जननी के रूप में जानी जाती है बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। विश्व की सभी संसदों के प्रतिनिधियों में चर्चा और विचार-विमर्श के महत्व के बारे में बात करते हुए प्रधानमंत्री ने इतिहास में दर्ज संवाद और वाद-विवाद के सटीक उदाहरणों का उल्लेख भी किया।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि समय के साथ भारत की संसदीय परंपराओं का निरंतर विकास हुआ है और ये परम्पराएं और सशक्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से भारत में 17 आम चुनाव और विभिन्न राज्यों के 300 से अधिक विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इतने बड़े पैमाने पर होने वाले चुनावों में लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि 2019 का आम चुनाव, जिसमें उनकी पार्टी सत्ता में आई थी, मानव इतिहास की सबसे बड़ी चुनावी प्रक्रिया थी क्योंकि 600 मिलियन मतदाताओं ने इसमें भाग लिया था। उस समय 910 मिलियन पंजीकृत मतदाता थे, जो पूरे यूरोप की जनसंख्या से भी अधिक है। इतनी बड़ी संख्या में मतदाताओं में से करीब 70 प्रतिशत मतदान भारत के लोगों की संसदीय परंपराओं में गहरी आस्था को दर्शाता है। 2019 के चुनाव में महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी देखी गई। राजनीतिक भागीदारी के विस्तृत दायरे का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले आम चुनाव में 600 से अधिक राजनीतिक दलों ने भाग लिया और 10 मिलियन सरकारी कर्मचारियों ने चुनाव का संचालन किया। इसके साथ ही मतदान के लिए करीब एक मिलियन मतदान केंद्र बनाए गए।

प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधियों को संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित किए जाने के निर्णय की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्वशासी निकायों में 30 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों में से लगभग 50 प्रतिशत महिला प्रतिनिधि हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है। हमारी संसद द्वारा हाल ही में लिया गया निर्णय हमारी संसदीय परंपरा को और समृद्ध करेगा।

वैश्विक निर्णय लेने में व्यापक भागीदारी के महत्व पर ज़ोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अफ्रीकी संघ को जी-20 में शामिल करने के प्रस्ताव के पीछे यही उद्देश्य था जिसे सभी सदस्यों ने स्वीकार कर लिया। प्रधानमंत्री ने पी-20 के मंच पर पैन अफ्रीकी संसद के प्रतिनिधि की भागीदारी पर प्रसन्नता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने इस बात का उल्लेख किया कि दुनिया की चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी से बेहतर कोई माध्यम नहीं हो सकता। सरकारें बहुमत से बनती हैं, लेकिन देश सहमति से चलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी संसदें और यह पी-20 मंच भी इस भावना को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि चर्चा और विचार-विमर्श के माध्यम से इस दुनिया को बेहतर बनाने के प्रयास निश्चित रूप से सफल होंगे।

शिखर सम्मेलन के एजेंडे के बारे में बात करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों का उद्देश्य मानव के समग्र विकास के माध्यम से एक बेहतर विश्व का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि भारत ने इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पहले ही नीतिगत योजनाएं तैयार कर ली हैं जिन पर संसद में व्यापक रूप से चर्चा की गई है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से सतत ऊर्जा परिवर्तन आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है और भारत ग्रीन डेवलपमेंट और ग्रीन ट्रांजिशन को प्राथमिकता देते हुए सतत ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में कई पहलें कर रहा है। हाल ही में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का उल्लेख करते हुए बिरला ने कहा कि महिला सशक्तीकरण किसी भी देश के विकास का परिचायक है और अब भारत महिला सशक्तीकरण से महिला नेतृत्व में विकास की ओर बढ़ गया है। अब पंचायत से लेकर संसद तक नीति निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

बिरला ने बताया कि दो दिवसीय इस शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिनिधि निम्नलिखित चार विषयों पर विचार-मंथन करेंगे- एसडीजी के लिए एजेंडा 2030: उपलब्धियां दर्शाना एवं प्रगति में तेजी लाना, सतत ऊर्जा परिवर्तन-हरित भविष्य का प्रवेश द्वार, महिला-पुरुष समानता को मुख्यधारा में लाना- महिला विकास से महिलाओं के नेतृत्व में विकास तक और सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से लोगों के जीवन में परिवर्तन।

अंतर-संसदीय संघ के अध्यक्ष पचेको ने लोकसभा अध्यक्ष बिरला और भारत की संसद द्वारा गर्मजोशी से किए गए आतिथ्य-सत्कार के लिए आभार जताया। उन्होंने जी-20 शिखर सम्मेलन के सफल नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भी बधाई दी। भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बताते हुए पचेको ने कहा कि भारत के लोकतंत्र में भारत की संसद की प्रमुखता और प्रासंगिकता को देखते हुए पी-20 शिखर सम्मेलन की सफलता में कोई संदेह नहीं। पचेको ने कहा कि सांसदों को दुनिया के सभी हिस्सों में शांति की रक्षा करनी चाहिए। शांति के बिना दुनिया सतत विकास जैसे अन्य लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगी। चूंकि सांसद चर्चा और संवाद के आधार पर सर्वसम्मति से निर्णय लेने की बात को समझते हैं, इसलिए वैश्विक मुद्दों के समाधान में उन्हें अधिक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने इस दिशा में आईपीयू और पी-20 के जरिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

(सौजन्य सिंडिकेट फीड)

Topics: दिल्ली समाचारDelhi Newsp-20 meetingपी-20पी-20 बैठकदिल्ली में पी20 बैठकP-20P20 meeting in Delhiपीएम मोदीPM Modi
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

हरित क्रांति की ओर कदम: PM मोदी 17 जुलाई को करेंगे जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI generated image)

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 संदिग्ध गिरफ्तार

प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

दिल्ली के सागरपुर में हनुमान चालीसा के दौरान विवाद, पथराव का वीडियो वायरल

क्यों ट्रंप ने कहा- ‘मोदी सोते नहीं…वो बिल्कुल मेरे जैसे’; US राजदूत ने सुनाया मजेदार किस्सा

सुनील शेट्टी ने कहा कि वह पीएम मोदी के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।

सुनील शेट्टी बोले- प्रधानमंत्री मोदी में कुछ तो मैजिकल है

ऑपरेशन के दौरान हुई बड़ी लापरवाही? महिला का दावा- डॉक्टर ने गलत नस काटी, फिर कहा ‘अल्लाह की मर्जी’

Load More

ताज़ा समाचार

मणिपुर में मैतेई समुदाय के घरों में आग लगा दी गई

मणिपुर: कुकी प्रदर्शनकारियों के मार्च के दौरान मैतेई समुदाय के घरों में लगाई गई आग

Uttarakhand Lok Samvardhan Parva Dehradun CM Pushkar Singh Dhami Kiren Rijiju First State Partnership

देहरादून में ‘लोक संवर्धन पर्व’ का शुभारंभ, केंद्रीय मंत्रालय संग साझेदारी करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड

Mirzapur Gym Jihad Case Gang Leader Imran Property Seized Gangster Act UP Police

मीरजापुर ‘जिम जिहाद’ : गैंग लीडर इमरान की 50 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

CM शुभेंदु अधिकारी बोले- गुजरात की तर्ज पर बंगाल में भी निवेशकों के लिए जमीन और मंजूरी प्रक्रिया होगी आसान

ओडिशा में एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों पर बड़ा एक्शन: CM मोहन माझी ने दिए क्राइम ब्रांच जांच के आदेश

पश्चिम बंगाल: ऋतब्रत गुट ने घोषित की TMC की नई जिला इकाइयां… देखते रह गईं ममता बनर्जी! 

CM Yogi in Gorakhpur Yogi Adityanath Samajwadi Party Congress Ram Bhakt UP Politics

“रामभक्तों के खून से सना है सपा का इतिहास…” गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, कांग्रेस और अखिलेश यादव पर बोला करारा हमला!

Explainer: आर्थिक कूटनीति का नया भारत और प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा

बांग्लादेश में मानसून का कहर: बाढ़- भूस्खलन से 44 की मौत, 10 लाख से अधिक प्रभावित

US-ईरान तनाव पर पाकिस्तान और सऊदी अरब क्यों चिंतित? बातचीत बहाल पर दिया जोर

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies