1950- 2019 : न्यायिक प्रक्रिया : जब पूरी हुई रामभक्तों की साधना
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

1950- 2019 : न्यायिक प्रक्रिया : जब पूरी हुई रामभक्तों की साधना

सर्वोच्च न्यायालय ने लगातार 40 दिन की सुनवाई करने के बाद 9 नवंबर, 2019 को अपना निर्णय दिया

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 13, 2023, 06:30 am IST
in भारत, विश्लेषण, उत्तर प्रदेश, धर्म-संस्कृति
5 अगस्त, 2020 को श्रीराम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर पूजन करते श्री नरेन्द्र मोदी और सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत

5 अगस्त, 2020 को श्रीराम मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर पूजन करते श्री नरेन्द्र मोदी और सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत

1950 के दशक में यह मामला न्यायालय पहुंचा। इसका पटाक्षेप 9 नवंबर, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के साथ हुआ।

श्रीराम मंदिर के लिए लगभग 70 वर्ष तक कानूनी लड़ाई चली। 1950 के दशक में यह मामला न्यायालय पहुंचा। इसका पटाक्षेप 9 नवंबर, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के साथ हुआ। सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने कहा, ‘‘विवादित ढांचे का निर्माण किसी खाली स्थान पर नहीं हुआ था। उसके नीचे एक ढांचा था और वह इस्लामी नहीं था। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के शोध की अनदेखी नहीं की जा सकती।’’ इसके साथ ही विवादित जमीन पर रामलला का अधिकार बताते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह एक न्यास बनाकर उसे वह जमीन सौंप दे। इसके बाद भारत सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का गठन किया। आजकल वही न्यास मंदिर का निर्माण करा रहा है।

पहली बार 17 दिसंबर, 1959 को निर्मोही अखाड़े ने न्यायालय से जमीन पर कब्जे और संरक्षण का अधिकार मांगा। फिर 18 दिसंबर, 1961 को सुन्नी वक्फ बोर्ड ने इस स्थान पर मालिकाना हक के लिए दावा दायर किया। यह मामला दशकों तक अदालतों में चलता रहा। अप्रैल, 2002 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई शुरू की और जमीन के मालिकाना हक के बारे में सच जानना चाहा।

न्यायालय के आदेश पर 2003 में कनाडा की तोजो विकस इंटरनेशनल कंपनी ने 1,650 फीट की गहराई तक की तस्वीरें लीं। कंपनी ने उच्च न्यायालय को बताया, ‘‘जहां ‘मस्जिद’ थी, उसके नीचे एक विशाल भवन का ढांचा नजर आता है।’’ इस तथ्य की पुष्टि के लिए अदालत ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को इस स्थान पर खुदाई का आदेश दिया। कड़ी शर्तों और पाबंदियों के बीच डॉ. बी.आर. मणि की देखरेख में यहां खुदाई की गई। अदालत में दो खंड में जमा की गई रपट में कहा गया कि विवादित स्थल पर खुदाई में उत्तर भारतीय मंदिर मिला।

अयोध्या में श्रीरामलला के विहंगम दर्शन

अंतत: 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने निर्णय देते हुए कहा कि विवादित ढांचा एक बड़े भग्नावशेष पर खड़ा था। न्यायमूर्ति धर्मवीर शर्मा ने कहा, ‘‘वह 12वीं शताब्दी के राम मंदिर को तोड़कर बनाया गया था।’’ न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा, ‘‘वह किसी बड़े हिंदू धर्मस्थान को तोड़कर बनाया गया।’’ न्यायमूर्ति खान ने कहा, ‘‘वह किसी पुराने ढांचे पर बना था।’’ पर किसी भी न्यायमूर्ति ने उस ढांचे को मस्जिद नहीं माना। इसके साथ ही न्यायालय ने विवादित स्थल को तीन पक्षों यानी रामलला विराजमान, सुन्नी वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े के बीच बांटने का आदेश दिया। इस फैसले से नाखुश सभी पक्ष दिसंबर, 2010 में सर्वोच्च न्यायालय पहुंचे।

मई, 2011 में सर्वोच्च न्यायालय ने यथास्थिति का आदेश दिया। 21 सितंबर, 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि मामला संवेदनशील है, इसलिए अदालत के बाहर हल निकालने के प्रयास किए जाने चाहिए, लेकिन यह प्रयास सिरे नहीं चढ़ा। 5 दिसंबर, 2017 को सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि इस मामले में मालिकाना हक से जुड़ी सभी 13 अपीलें 8 फरवरी, 2018 को सुनी जाएंगी।

अक्तूबर, 2018 में सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि यह विवाद मालिकाना हक के तौर पर सुना जाएगा और यह जनवरी, 2019 में समुचित पीठ के सामने सूचीबद्ध होगा। यही पीठ सुनवाई का कार्यक्रम तय करेगी। अंतत: 8 जनवरी 2019 को पांच सदस्यीय पीठ का गठन किया गया और पहली सुनवाई 10 जनवरी, 2019 को हुई। लगभग 10 महीने तक इस पर सुनवाई हुई। अंत में सर्वोच्च न्यायालय ने लगातार 40 दिन की सुनवाई करने के बाद 9 नवंबर, 2019 को अपना निर्णय दिया। उस निर्णय के आते ही भारत ही नहीं, पूरे विश्व के हिंदुओं में खुशी की लहर दौड़ गई।

Topics: Sunni Waqf Boardसरसंघचालक श्री मोहनराव भागवतNirmohi AkharaArchaeological Survey of Indiaसर्वोच्च न्यायालयनिर्मोही अखाड़ेरामलला विराजमानश्री नरेन्द्र मोदीSupreme CourtRamlala Virajmanभारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभागShri Narendra Modiराम मंदिरSarsanghchalak Shri Mohanrao BhagwatRam Mandirसुन्नी वक्फ बोर्ड
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

राखीगढ़ी में मिले हजारों वर्ष पुराने कंकाल

हरियाणा: राखीगढ़ी में हजारों वर्ष पुराने कंकाल और गहने मिले, प्राचीन श्रृंगार ने खोले संस्कृति के नए रहस्य

Suprime Court

3 महीने से ज्यादा नहीं रुकेगा फैसला, सुप्रीम Court ने हाई कोर्टों को दिया सख्त आदेश

न्यायालय के आदेश के बाद भोजशाला परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करते हिंदू

भोजशाला : विजय सत्य सनातन की

Suprime Court

डॉग बाइट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन, राज्यों को चेतावनी- आदेश नहीं माने तो होगी अवमानना

बनभूलपुरा हिंसा केस में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा एक्शन: आरोपियों की जमानत रद्द, कहा- ‘हाई कोर्ट ने तथ्य समझने में की गलती’

कार्यक्रम में श्री नृपेंद्र मिश्र को सम्मानित करते श्री मोहनराव भागवत। साथ में हैं स्वामी गोविंददेव गिरी जी महाराज और श्री भैयाजी जोशी

राम मंदिर के मार्गदर्शकों का सम्मान

Load More

ताज़ा समाचार

ऑपरेशन डेल्टा हंट के बारे में मीडिया को जानकारी देते उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी

बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ गुजरात में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’, 72 घंटे में 362 गिरफ्तार

कोर्ट का फैसला

‘प्राइड मंथ’ से पहले ऑस्ट्रेलिया से आया एक चौंकाने वाला फैसला

RSS Karyakarta Vikas Varg Kumar Mangalam Birla

नागपुर: RSS के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ का 4 जून को भव्य समापन, उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला होंगे मुख्य अतिथि

8 जून को इंडी गठबंधन की बैठक : अस्तित्व बचाने जुटेंगे 17 विपक्षी दल! क्या अंदरूनी कलह पर होगा मंथन!

former wipro employee alleges forced conversion

नासिक TCS के बाद Wipro में जबरन कन्वर्जन! पूर्व कर्मचारी ने किए चौंकाने वाले खुलासे, मुस्लिम सहकर्मी पर लगाए आरोप

supreme court

न्यायालय के आलोक में बेटी का अधिकार!

RSS Sangh Shiksha Varg Prayagraj Samajik Samrasata

125 गांव, हाथों में थैले और 5000 रोटियां: संघ शिक्षा वर्ग ने पेश की समरसता की मिसाल, घर-घर चूल्हों तक पहुंचा राष्ट्रवाद

ममता बनर्जी काे बड़ा झटका, पार्टी से निष्कासित ऋतब्रत को विधानसभा अध्यक्ष ने दिया नेता प्रतिपक्ष का दर्जा

pithoragarh yakshavati river rejuvenation plantation drive 130 ta eco kumaon

विश्व पर्यावरण सप्ताह : सेना की इको टास्क फोर्स ने शुरू किया यक्षवती नदी पुनर्जीवन, नागरिकों ने दिखाई एकजुटता

न्यूयॉर्क के मेयर मामदानी ने तोड़ी परंपरा! इजरायल डे परेड का किया बहिष्कार, लोगों ने कहा- ‘चला रहे हैं इस्लामिक एजेंडा’

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies