शास्त्र से संस्कृति तक स्त्री
August 25, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

शास्त्र से संस्कृति तक स्त्री

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: धरती पर स्त्रियों के बिना जीवन अकल्पनीय है। सम्पूर्ण सृष्टि के भार की वहनकर्ता को धरती मां पुकारता है यह भारत, जन्म से मृत्यु की यात्रा के मध्य मां गंगा, यहां तक कि हमारे त्योहार भी मातृत्व के सूचक हैं।

Written byसाक्षी सिंहसाक्षी सिंह
Mar 7, 2023, 12:20 pm IST
inभारत
साक्षी सिंह

साक्षी सिंह

अकेली सुंदरता कल्याणि ! सकल ऐश्वर्यों की संधान – कवि सुमित्रानंदन पंत जी की यह पंक्ति भारतीय नारी के उस वैभव, सम्मान का प्रतीक है जो हमारा राष्ट्र हमें संबोधित करता है, सुशोभित करता है। पूर्व वैदिक काल से लेकर आज तक भारत में स्त्रियों की वास्तविक स्थिति वैश्विक पटल पर सदैव ही दृढ़ रही है। वस्तुतः ऐसी स्थिति अन्यत्र देशों में कहीं भी देखने को नहीं मिलती है, विशेषकर उन पाश्चात्य नारीवाद का ढिंढोरा पीटने वाले देशों में भी नहीं, जो छद्म रूप में भारतीय सभ्यता पर कुठारघात करने आये।

स्त्रियों को शास्त्र ही नहीं अपितु शस्त्र की भी शिक्षा दी जाती थी। इसके अनेक उदाहरण आज भी हैं, गार्गी, अपाला , मैत्री, लोपमुद्रा, अनुसुइया जैसे नाम जो प्रमाण रूप में विद्यमान हैं। उत्तर वैदिक में स्त्रियों कि स्थिति में परिवर्तन देखने को मिलता है परंतु उस काल में भी नारी के उत्थान हेतु समाज अधिक जागृत था व निरंतर प्रयासरत था।

विदेशी आक्रांताओं (मुगल, ब्रिटिश) के आगमन के पश्चात स्त्रियों की दशा में नकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। उस काल खंड में आक्रांताओं से नारी की अस्मिता की रक्षा समाज की प्राथमिकता बन गई परंतु उन अत्याचारों से रक्षा में कब समाज कुरीतियों की ओर बढ़ता चला गया इसका भान कुछ समाज सुधारकों को छोड़ दें तो किसी को न रहा। सती प्रथा, पर्दा प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों के जनक इन दुराचारियों की भारतीय नारियों पर पड़ने वाली कुदृष्टि बनी।

तत्कालीन इतिहास साक्षी है कि स्त्रियों पर बढ़ते शोषण, दुराचार ने सम्पूर्ण कालखण्ड को रक्तरंजित कर दिया। माँ पद्मिनी का जौहर आज भी इसका प्रबल प्रमाण है तो सावित्री बाई फुले का नारियों को शिक्षित बनाने हेतु त्याग भी वरदान है। हमारी अध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत सर्वथा ही अक्षुण्ण रही, पूरब में कनकलता बरूआ तो पश्चिम में चांद बीबी वहीं दक्षिण में रानी चेन्नम्मा तो उत्तर में लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं ने इतिहास लिखे व नारी को इस विषम स्थिति से उबारा।

धरती पर स्त्रियों के बिना जीवन अकल्पनीय है। सम्पूर्ण सृष्टि के भार की वहनकर्ता को धरती मां पुकारता है यह भारत, जन्म से मृत्यु की यात्रा के मध्य मां गंगा, यहां तक कि हमारे त्योहार भी मातृत्व के सूचक हैं।

आज अनाथों को सनाथ बनाने वाली सिंधुताई सकपाल जैसी दृढ़ आत्मविश्वास से परिपूर्ण महिलायें अपने संघर्षों से भारत के अस्तित्व की कहानी नारीशक्ति को बल पर कह रही हैं। स्त्रियों ने बालपन से ही अपने जीवन को संघर्ष की वेदशाला में तपाकर समाज में आदर्श की स्थिति प्रस्तुत की है। भारतीय नारियों में जिस प्रकार पाश्चात्य नारीवाद के छद्म वेश का प्रवाह निरंतर बढ़ रहा, चिंताजनक है। वर्तमान की प्रचण्ड आवश्यकता भारतीय नारीवाद है। परिवर्तन अपनी राह पर कदम बढा चुका है, आज की नारी आत्मनिर्भरता का चुनाव कर रही है, लैंगिक समानता की बात हो रही है। वर्ष 2023 में महिला दिवस विशेष है क्योंकि नवाचार की चर्चा प्रौद्योगिकी के साथ होगी। महिला सशक्तिकरण हेतु डिजिटल युग में तकनीक युक्त शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिये। समाज में महिलाओं को संदर्भित पूर्वाग्रहों , विचारों में परिवर्तन कर भारतीय परंपरा युक्त पद्धति विकसित करने की आवश्यकता है। तभी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2023 के आयोजन का उद्देश्य लैंगिक समानता को दर्शाएगा, साथ ही हमारा भारतवर्ष सतत विकास के पथ पर बढ़ता जाएगा।

(लेखिका बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में परास्नातक कर रही हैं, एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् की राष्ट्रीय मंत्री हैं )

Topics: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवसWomen's Dayभारत और महिलाएं
Share3
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Mukhyamantri mahila samman yojna launched in Delhi

दिल्ली की महिलाओं के लिए खुशखबरी: हर महीने 2500 रुपये सीधे खाते में, शुरू हुई महिला सम्मान योजना!

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश- “स्त्री शक्ति की उपलब्धियों का करें सम्मान”

"Panchjanya news: Women empowerment 8 March 2025"

नारी शक्ति का करें सम्मान

Women’s Day 2024: महिलाओं को आसान और सुरक्षित सफर के लिए रेलवे से मिलती है ये सुविधाएं

लक्ष्मीबाई केलकर जी की जयंती पर भावांजलि

लक्ष्मीबाई केलकर : नारी जागरण की अग्रदूत

लक्ष्मी

जिस देश का नेतृत्व स्त्रियों के हाथ में रहा हो, वहां महिलाएं कमजोर नहीं हो सकतीं

Load More

ताज़ा समाचार

आज का श्लोक :  पितृपुण्यभुवं राष्ट्रं यन्मन्यन्ते च ये नराः

आज का राशिफल

25 अगस्त राशिफल: इन राशियों को मिलेगा लाभ, जानें मेष से मीन तक आज का भविष्यफल और शुभांक

25 अगस्त का पंचांग

25 अगस्त पंचांग: सिंह में सूर्य, मकर में चंद्रमा, जानें ग्रह स्थिति और लग्नारंभ का समय

आज का इतिहास

25 अगस्त का इतिहास: भारतीय पोलो टीम की विश्व कप जीत से बहरीन में श्रीनाथजी मंदिर तक, जानें इस दिन की प्रमुख घटनाएं

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

स्कूल यूनिफॉर्म के साथ हिजाब की अनुमति नहीं, इलाहाबाद हाईकाेर्ट ने खारिज की छात्रा की याचिका

ध्रुव जुरेल

IND vs SL : ध्रुव जुरेल का धमाकेदार शतक, बाजुओं पर ‘जय जवान-जय किसान’, कारगिल हीरो पिता का बढ़ाया मान

Odisha Weather: बारिश-बाढ़ की स्थिति पर सरकार की कड़ी नजर, प्रशासन 24 घंटे सतर्क

तस्करों के पास से बरामद हेरोइन और पिस्तौल

पंजाब पर विदेशी तस्करों की नजर: अमृतसर में 6 किलो हेरोइन और तुर्की की पिस्तौल बरामद, पांच गिरफ्तार

सुकमा में नक्सली डम्प से 23 हथियार, 492 जिंदा राउंड और 240 जिलेटिन स्टिक बरामद

उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को समीक्षा बैठक की

उत्तराखंड में SIR : लापरवाह अफसरों की तय होगी जिम्मेदारी, उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की समीक्षा बैठक

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies