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पौड़ी तक पहुंच गया मजार जिहाद, किमोली कल्जीखाल में बना दी गई मजार

ये कौन पीर बाबा है? कहां से आए हैं? किसने इन्हें यहां दफनाया? कोई जानकारी नहीं है। सब सुनी सुनाई कहानियां बना कर क्षेत्र के भावुक ग्रामवासियों में आस्था का गोरख धंधा चलाया जा रहा है।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Dec 12, 2022, 11:20 am IST
inउत्तराखंड
मजार

मजार

उत्तराखंड के देहरादून में हिंदू परिवार द्वारा स्वार्थ के लिए घर के पास मजार बना देने का मामला सामने आया था। अब पौड़ी गढ़वाल जिले में एक गांव में मजार बना देने का मामला सामने आया है। कल्जीखाल ब्लाक में किमोली गांव में मजार बनाकर अंधविश्वास का धंधा शुरू कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक किमोली गांव में कुछ साल पहले फलदा क्षेत्र में रहने वाले गढ़वाली मुस्लिम यहां दफनाया करते थे। करीब दो ढाई साल पहले यहां कब्र पर चादर डालने का काम शुरू हुआ और अब इसे पीर मजार बताकर आस्था का गोरख धंधा शुरू हो गया।

पीर बाबा मंझधार नाम की ये मजार कैसे बन गई? किसने इसकी इजाजत दी? ग्राम प्रधान इस पर क्यों खामोश रहे? सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए जिला प्रशासन से अनुमति जरूरी है, क्या इसकी निर्माण की अनुमति ली गई? ये मजार किसी व्यक्ति की जमीन पर नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर बना दी गई? ये कौन पीर बाबा है? कहां से आए हैं? किसने इन्हें यहां दफनाया? कोई जानकारी नहीं है। सब सुनी सुनाई कहानियां बना कर क्षेत्र के भावुक ग्रामवासियों में आस्था का गोरख धंधा चलाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक गढ़वाल में रहने वाले गढ़वाली मुस्लिमों ने स्थानीय ग्रामवासियों की मदद से एक मिशन के तहत ये मजार बनवा रहे हैं। न सिर्फ देहरादून, बल्कि पौड़ी गढ़वाल में ही देवराज, बिलखेत में भी इसी तरह की मजारे देखने में आई हैं। एक और दिलचस्प बात सामने आई है कि मजार के ऊपर टीन शेड डालने के लिए विधायक राज कुमार पोरी ने विधायक निधि से दो लाख रुपए दिए जाने की घोषणा भी की हुई है।

एक तरफ देव भूमि उत्तराखंड की धामी सरकार राज्य का देव स्वरूप बनाए रखने के लिए धर्मांतरण बिल ला रही है, सशक्त भू कानून, समान नागरिक संहिता बनाए जाने की बात कर रही है। वहीं, दूसरी ओर विधायक ही मजार जिहाद को संरक्षण देने में लगे हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिन छाया हुआ है, इस पर सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया की है। हिंदू संगठन से जुड़े कुलदीप कुमार का कहना है कि धामी सरकार को सरकारी जमीनों पर बन रही मजारों पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देहरादून जिले के अलावा अब पहाड़ों पर भी सरकारी जमीनों पर मजारे बनती जा रही हैं।

अधिवक्ता राजीव शर्मा कहते हैं कि उत्तराखंड में मजार जिहाद चल रहा है। अब ऐसा लग रहा है कि मुस्लिम समुदाय इस मामले में कुछ स्वार्थी और लोभी हिंदुओं को आगे कर ये षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजारों में जो थोथी आस्था के नाम पर चढ़ावा आ रहा है उसमें कुछ हिंदू भी लिप्त हैं और सरकारी जमीनों पर कब्जे कर मजारे बना रहे हैं और देव भूमि की सनातनी धर्म संस्कृति को नष्ट कर रहे हैं।

Topics: पौड़ी में मजारउत्तराखंड में मजार जिहादmazar in paurimazar jihad in uttarakhandUttarakhand Newsउत्तराखंड समाचारमजारMazarमजार जिहादMazar Jihad
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