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रुचि बनाएगी राह

12वीं के बाद विषय, कौशल का चयन महत्वपूर्ण होता है। शिखर तक जाने के लिए आवश्यक है कि विद्यार्थी अपनी अभिरुचि का ध्यान रखे। इस ज्ञान, कौशल को प्राप्त करने के लिए संसाधन भी छात्रवृत्तियों एवं शिक्षा ऋण के जरिए जुटाया जा सकता है

Written byडॉ. विश्वास त्रिपाठीडॉ. विश्वास त्रिपाठी
Sep 6, 2022, 10:54 am IST
inभारत, शिक्षा

जो विद्यार्थी 12वीं के बाद बीटेक करने के तुरंत बाद रोजगार के अवसर चाहते हैं तथा प्रोग्रामिंग एवं कंप्यूटर की बुनियादी कार्यपद्धति से भलीभांति परिचित हैं तो उनके लिए कंप्यूटर साइंस, आई.टी., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक अच्छा विकल्प है।

डॉ. विश्वास त्रिपाठी
कुलसचिव, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा

12वीं की परीक्षा पास करने के बाद करियर का चुनाव विद्यार्थियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय होता है, जो उनके भविष्य की दिशा तय करता है। अत: इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर छात्रों के मन में बहुत से प्रश्न होते हैं जैसे करियर का चुनाव कैसे किया जाए, करियर के चुनाव का आधार क्या हो, किस क्षेत्र में भविष्य में रोजगार की संभावनाएं अधिक हैं, चुने हुए करियर के लिए किस प्रकार के कौशल की आवश्यकता है, किन क्षेत्रों में भारत सरकार, राज्य सरकार या किसी अन्य तरह की छात्रवृत्ति उपलब्ध है इत्यादि।

अपनी रुचि के विषयों में उभर रहे नए क्षेत्रों के विषय में सही जानकारी न होने के कारण कई बार विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बदलते वर्तमान तकनीकी आधारित शिक्षा के परिवेश में 12वीं के बाद मेडिकल या इंजीनियरिंग क्षेत्र में जाने की अवधारणा अब पुरानी हो चुकी है। भविष्य की अपार संभावनाओं से भरे बहुत से नए सुनहरे अवसर छात्रों के सम्मुख उपलब्ध हैं। 12वीं की परीक्षा विज्ञान वर्ग से पास किए हुए विद्यार्थियों के लिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बहुत सी संभावनाएं हैं।

जो विद्यार्थी 12वीं के बाद बीटेक करने के तुरंत बाद रोजगार के अवसर चाहते हैं तथा प्रोग्रामिंग एवं कंप्यूटर की बुनियादी कार्यपद्धति से भलीभांति परिचित हैं तो उनके लिए कंप्यूटर साइंस, आई.टी., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक अच्छा विकल्प है। इसी प्रकार जिनकी रुचि आंकड़ों में है, उन्हें सूचनाओं को सूचीबद्ध करने तथा संकलित सूचनाओं के विश्लेषण का कौशल हासिल कर डाटा साइंस में करियर का चुनाव करना चाहिए। वर्तमान में बहुत सी सूचनाएं एकत्र करना एवं डाटा मैनेजमेंट और एनालिसिस समय की मांग होती जा रही है। चिप डिजाइनिंग एवं विश्लेषण में रुचि होना इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन चुनने का आधार हो सकता है।

इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज अथवा सार्वजनिक इकाइयों में विभिन्न प्रशासनिक /तकनीकी अधिकारी के पदों का लक्ष्य रखने वालों के लिए सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग एक सटीक चुनाव है। आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग में अपना करियर चुनने का आधार ड्राइंग एवं डिजाइनिंग में आपकी रुचि हो सकती है। यदि पिछले 3 वर्षों का आकलन करें तो कंप्यूटर साइंस, इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डाटा साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में भविष्य की अच्छी संभावनाएं हैं। इन पाठ्यक्रमों का चुनने वाले विद्यार्थियों की कंप्यूटर में अभिरुचि होनी चाहिए तथा कंप्यूटर प्रोग्रामिंग इत्यादि का प्रारंभिक ज्ञान होना चाहिए।

अपनी रुचि के अनुरूप ज्ञान एवं कौशल हासिल करने के लिए संसाधन जुटाना भी अब कठिन नहीं है। भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा 12वीं के बाद बहुत सी छात्रवृत्तियां भी प्रदान की जाती हैं जैसे -सेंट्रल सेक्टर स्कीम आफ स्कॉलरशिप फॉर कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स- यह छात्रवृत्ति 3:2:1 के अनुपात में 3 विज्ञान, 2 वाणिज्य, 1 मानविकी के उन छात्रों को दी जाती है जिन्होंने 80% अंक से अधिक एक नियमित माध्यम में केंद्र या राज्य सरकार के बोर्ड से प्राप्त किया हो तथा जिनकी पारिवारिक आय सालाना 8 लाख रुपये से कम हो।

यदि आप जीव विज्ञान की पृष्ठभूमि से हैं और 12वीं की बाद चिकित्सा के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो एमबीबीएस, डेंटल, आयुर्वेद, यूनानी स्वभाविक विकल्प है। जिन विद्यार्थियों का शोध एवं अनुसंधान तथा नवीन अनुप्रयोगों में रुचि है, उनके लिए बायोटेक्नोलॉजी, फूड टेक्नोलॉजी, फूड साइंस, न्यूट्रिशन साइंस, फार्मास्यूटिकल साइंस, फामार्कोजेनॉमिक्स इत्यादि में अच्छी संभावना है। मेडिकल डिवाइस एवं सेंसर तकनीकी में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए बायोमेडिकल इंजीनियरिंग एक सुनहरा अवसर है। इसके लिए आवश्यक है कि जीव विज्ञान के साथ-साथ भौतिकी विज्ञान की भी अच्छी जानकारी हो।

12वीं के बाद मैनेजमेंट कोर्स भी एक अच्छे विकल्प के रूप में उभरा है। छात्र अपनी रुचि के अनुसार मैनेजमेंट स्टडीज, बिजनेस मैनेजमेंट, स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक, हॉस्पिटल मैनेजमेंट और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट आदि में स्नातक उपाधि प्राप्त कर सकते हैं। आजकल फैशन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं। यदि आपका भी इस क्षेत्र में रुझान है तो आप देश के प्रतिष्ठित फैशन टेक्नोलॉजी संस्थानों से फैशन डिजाइनिंग में बैचलर्स की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आपके लिए कई सारे करियर विकल्प खुल जाएंगे।

इसी प्रकार यदि विधि के क्षेत्र में आपकी रुचि है और आप समसामयिक घटनाओं पर विश्लेषण इत्यादि का कौशल रखते हैं तो बहुत से प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय जैसे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज एवं देश के प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा इंटीग्रेटेड बी.ए.एल.एल.बी के पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पिछले 5 वर्षों में विधि के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बहुत तेजी से बढ़ी है। अब विधि का क्षेत्र केवल न्यायिक सेवा या पारंपरिक वकालत तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब विद्यार्थी विधि में उभरने वाली बहुत सी सहयोगी शाखाओं जैसे बौद्धिक संपदा अधिकार, साइबर सुरक्षा, प्रतिस्पर्धा कानून, अंतरराष्ट्रीय कानून इत्यादि में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित कंपनियों में अच्छे रोजगार पा रहे हैं। आपकी लेखन क्षमता एवं प्रस्तुतीकरण बेहतर है तो मास कम्युनिकेशन में भी करियर की अच्छी संभावनाएं हैं।

अपनी रुचि के अनुरूप ज्ञान एवं कौशल हासिल करने के लिए संसाधन जुटाना भी अब कठिन नहीं है। भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा 12वीं के बाद बहुत सी छात्रवृत्तियां भी प्रदान की जाती हैं जैसे -सेंट्रल सेक्टर स्कीम आफ स्कॉलरशिप फॉर कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स- यह छात्रवृत्ति 3:2:1 के अनुपात में 3 विज्ञान, 2 वाणिज्य, 1 मानविकी के उन छात्रों को दी जाती है जिन्होंने 80% अंक से अधिक एक नियमित माध्यम में केंद्र या राज्य सरकार के बोर्ड से प्राप्त किया हो तथा जिनकी पारिवारिक आय सालाना 8 लाख रुपये से कम हो।

किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना- यह छात्रवृत्ति योजना अनुसंधान के लिए दक्ष छात्रों की पहचान और उन्हें इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए है। इसके लिए परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है, तदोपरांत सफल छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

प्रगति स्कॉलरशिप स्कीम- एआईसीटीई प्रगति स्कॉलरशिप – एआईसीटीई द्वारा संचालित यह छात्रवृत्ति टेक्निकल डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रथम व द्वितीय वर्ष में पढ़ रही छात्राओं, जिनका प्रवेश 12वीं के अंक के आधार पर लैटरल एंट्री के जरिए हुआ हो, को लगभग सालाना 50 हजार रुपये दिया जाता है।

नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप- आर्थिक रूप से कमजोर, मेधावी छात्र-छात्राएं 8वीं कक्षा के बाद इसका लाभ ले सकते हैं। हर वर्ष लगभग एक लाख विद्यार्थियों को यह छात्रवृत्ति दी जाती है। इसमें हर विद्यार्थी को 12 हजार रुपये मिलते हैं।

समय-समय पर भारत सरकार अथवा राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर जैसे केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट,आईसीएमआर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान विभाग, एआईसीटीई, यूजीसी आदि की साइटों पर भी बहुत सी छात्रवृत्ति योजनाएं आती रहती हैं। बैंक भी विद्यार्थियों को आसान शर्तों पर शिक्षा ऋण उपलब्ध कराते हैं। विद्यार्थियों को उनका नियमित अवलोकन करते रहना चाहिए।

Topics: इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेजwill make interestकरियर का चुनावप्रोग्रामिंग एवं कंप्यूटर
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