बीरभूम नरसंहार मामले में तृणमूल नेता अनारूल हुसैन गिरफ्तार

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Panchjanya
बीरभूम जिले के रामपुरहाट ब्लाक अंतर्गत बगटुई गांव में आठ लोगों को जिंदा जलाने वाली घटना में मुख्य आरोपित तृणमूल कांग्रेस नेता अनारूल हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 

बीरभूम नरसंहार मामले में आरोपित रामपुरहाट ब्लॉक से ही तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अनारूल हुसैन को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने प्रसिद्ध तारापीठ मंदिर के पास से अनारूल को घेरकर पकड़ लिया है। पुलिस का दावा है कि वह फरार होने की फिराक में था लेकिन उसके फोन की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही थी। इससे पहले पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए सबसे पहले रामपुरहाट शहर से सटे शांतिपुर स्थित उसके घर को घेर लिया था लेकिन वह मौके से फरार हो गया। जिसके बाद पुलिस वापस लौट आई थी।

इस नरसंहार में मामले में अनारूल पर आरोप है कि सोमवार की रात तृणमूल नेता भादू शेख की हत्या के बाद उसने ही लोगों को भड़काया था और गांव के 10 से 12 घरों में आगजनी करने वालों का नेतृत्व किया था। इस बात का खुलासा गांव के लोगों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने किया था। जिसके बाद ममता ने  दवाब में आकर अनारूल को गिरफ्तार करने का आदेश दिया था।

राजमिस्त्री अनारूल ममता कैबिनेट में पूर्व मंत्री के है करीबी

बताया गया है कि अनारुल बीरभूम के रामपुरहाट कस्बे के समीप एक समय राजमिस्त्री का काम करता। पहले वह कांग्रेस का समर्थक था। तृणमूल के गठन के बाद अनारूल कांग्रेस छोड़कर तृणमूल खेमे में शामिल हो गया। वह धीरे-धीरे रामपुरहाट के विधायक और पूर्व राज्य मंत्री और विधानसभा के वर्तमान उपाध्यक्ष आशीष बंद्योपाध्याय के करीबी बन गया। इसके अलावा वह तृणमूल बीरभूम जिले के अध्यक्ष अनुब्रत मंडल के नजदीकी भी था। तृणमूल पार्टी ने उसे रामपुरहाट नंबर एक प्रखंड का अध्यक्ष बनाया। संगठनात्मक रूप से बगटुई गांव अनारूल की राजनीतिक देखरेख में था।

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