चीन की साजिश का नहीं हुआ असर, फ्रांस का हिस्सा बना रहेगा न्यू कैलेडोनिया, जनमत संग्रह में लोगों ने थामा फ्रांस का दामन
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चीन की साजिश का नहीं हुआ असर, फ्रांस का हिस्सा बना रहेगा न्यू कैलेडोनिया, जनमत संग्रह में लोगों ने थामा फ्रांस का दामन

Written byAlok GoswamiAlok Goswami
Dec 13, 2021, 06:00 pm IST
inविश्व, दिल्ली
96 प्र​तिशत लोगों ने फ्रांस के प्रति अपना भरोसा जताया है

96 प्र​तिशत लोगों ने फ्रांस के प्रति अपना भरोसा जताया है

दिलचस्प तथ्य है कि न्यू कैलेडोनिया में जिस तरह चीन तेजी से अपना असर बढ़ाता जा रहा था और वहां के लोगों को अपने पाले में बता रहा था, वह जनमत संग्रह से मिले नतीजे से हैरान है और इसे एक बड़े आघात की तरह देख रहा है

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के चेहरे पर कल संतोष का भाव दिखा जब न्यू कैलेडोनिया ने लोगों ने जनमत संग्रह में अपना भरोसा फ्रांस में जताया। जनमत संग्रह के नतीजे को मैक्रों ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस की भूमिका पर शाबाशी के तौर पर देखा है। जैसी आशंका थी, वहां के अलगाववादी तत्वों ने इस नतीजे पर निराशा जताई है। एक और दिलचस्प तथ्य है कि न्यू कैलेडोनिया में जिस तरह चीन तेजी से अपना असर बढ़ाता जा रहा था और वहां के लोगों को अपने पाले में बता रहा था, वह जनमत संग्रह से मिले नतीजे से हैरान है और इसे एक बड़े आघात की तरह देख रहा है। 

इस जनमत संग्रह से बहुत दिनों से चला आ रहा असमंजस दूर हुआ है और अब तय है कि न्यू कैलेडोनिया फ्रांस का हिस्सा बना रहेगा। इस जनमत संग्रह में न्यू कैलेडोनिया के 96 प्रतिशत लोगों ने फ्रांस के साथ रहने पर अपनी मुहर लगाई है। 

फ्रांस के प्रशांत सागर के इस क्षेत्र, न्यू कैलेडोनिया के नागरिकों ने 12 दिसम्बर को इस जनमत संग्रह में मत डाले थे। हालांकि वहां आजादी की मांग उठाने वाली कुछ ताकतों ने इस जनमत संग्रह का बहिष्कार किया था। उधर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इसे इस क्षेत्र के लोगों द्वारा हिंद प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस की भूमिका पर मुहर लगाने जैसा बताते हुए इस पर खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अब इस क्षेत्र का आगे क्या दर्जा होने वाला है उस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

जनमत संग्रह को लेकर अलगाववादी तत्वों की मांग थी कि इसे महामारी के चलते देर से कराया जाए। वे नाराज हैं। उनका आरोप है कि फ्रांस की सरकार ने जनमत संग्रह के अभियान पर असर डालने की कोशिश की है। उन्होंने अपने समर्थकों को मतदान केंद्रों तक जाने से भी मना किया था। लेकिन बड़ी तादाद में आजादी के समर्थकों द्वारा बहिष्कार करने के बावजूद 96 प्र​तिशत ने फ्रांस के प्रति अपना भरोसा जताया है।

इस जनमत संग्रह ने यह भी साफ कर दिया है कि जो चीन काफी समय से इस इलाके में अपना दबदबा बढ़ाते जाने की कोशिशें कर रहा था अब उसकी आगे दाल शायद नहीं गलेगी। न्यू कैलेडोनिया में इन नतीजों को चीन के लिए भी तगड़ा झटका माना जा रहा है।

जनमत संग्रह को लेकर अलगाववादी तत्वों की मांग थी कि इसे महामारी के चलते देर से कराया जाए। वे नाराज हैं। उनका आरोप है कि फ्रांस की सरकार ने जनमत संग्रह के अभियान पर असर डालने की कोशिश की है। उन्होंने अपने समर्थकों को मतदान केंद्रों तक जाने से भी मना किया था। लेकिन बड़ी तादाद में आजादी के समर्थकों द्वारा बहिष्कार करने के बावजूद 96 प्र​तिशत ने फ्रांस के प्रति अपना भरोसा जताया है। 

न्यू कैलेडोनिया वह द्वीपसमूह है, जिसे 19वीं सदी में नेपोलियन के भतीजे ने उपनिवेश बनाया था। यहां 2,70,000 लोग रहते हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने रविवार को टेलीविजन पर अपने संबोधन में कहा कि आज रात फ्रांस और सुंदर हो गया है, क्योंकि न्यू कैलेडोनिया ने (फ्रांस के साथ) कायम रहने का फैसला किया है।

Alok Goswami
Alok Goswami
A Delhi based journalist with over 25 years of experience, have traveled length & breadth  of the country and been on foreign assignments too. Areas of interest include Foreign Relations, Defense, Socio-Economic issues, Diaspora, Indian Social scenarios, besides reading and watching documentaries on travel, history, geopolitics, wildlife etc. [Read more]
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