केंद्र की दो टूक : किसानों की सीधी अदायगी करेंगे या गेहूं नहीं खरीदेंगे
June 17, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

केंद्र की दो टूक : किसानों की सीधी अदायगी करेंगे या गेहूं नहीं खरीदेंगे

Written byPanchjanyaPanchjanya
Apr 9, 2021, 12:43 pm IST
in भारत, पंजाब

राकेश सेन

सैटेलाइट से देखा जाए तो आज पंजाब स्वर्णिम नजर आएगा, क्योंकि राज्य में गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर तैयार है। लेकिन अगर राज्य सरकार ने सहयोग नहीं किया तो यही पीलापन भयभीत भी कर सकता है क्योंकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसानों को सीधी अदायगी नहीं की गई तो केंद्र सरकार गेहूं भी नहीं खरीदेगा। दूसरी ओर किसान संगठनों यहां तक कि दिल्ली की सीमा पर बैठे किसान संगठनों में भी इस बात को लेकर उत्साह है कि केंद्र सरकार उनके खातों में सीधे पैसे डालने वाली है और उन्हें अब आढ़तियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसीलिए किसान यूनियन के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां जो पहले किसान व आढ़तियों का रिश्ता नाखून मांस का बताते थे, आज इसे खरबूजे और छूरी का बता रहे हैं जिसमें कटना तो अंतत: किसान को ही पड़ता है। गेहूं की फसल खरीद की सीधी अदायगी किसानों के खाते में डालने के मामले में केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को स्पष्ट कर दिया है कि अगर इस साल से ऐसा न किया गया तो केंद्र सरकार पंजाब से गेहूं की खरीद नहीं करेगी। केंद्र ने पंजाब को यह झटका उस समय दिया जब शनिवार (10 अप्रैल) से पंजाब में गेहूं की खरीद शुरू होनी है।
केंद्र के इस रुख पर पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि केंद्र के कड़े रुख के बाद अब हमारे पास सीधी अदायगी करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है। दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री पीयूष गोयल ने पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत बादल, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु, शिक्षा मंत्री विजय इंद्र सिंगला और मंडी बोर्ड के चेयरमैन लाल सिंह के साथ बैठक की। गोयल ने सीधी अदायगी के मामले में पंजाब की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि यदि इस बार किसानों के खाते में सीधी अदायगी नहीं की गई तो इस रबी के सीजन में केंद्र पंजाब से गेहूं की खरीद नहीं करेगा।

वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री को एपीएमसी एक्ट में सीधी अदायगी का प्रवधान न होने की जानकारी दी गई तो उन्होंने पंजाब सरकार को अपने एक्ट में बदलाव करने की सलाह दी। इसके साथ ही कहा कि जब अन्य राज्यों में सीधी अदायगी हो रही है तो पंजाब ऐसा क्यों नहीं कर सकता।
मनप्रीत ने कहा कि पांच विभिन्न मुद्दों को लेकर हुई इस बैठक में सीधी अदायगी के मुद्दे को छोड़कर शेष सभी मांगें केंद्रीय मंत्री ने मान ली हैं। फसल खरीद के साथ जमीन रिकार्ड का ब्यौरा देने की शर्त को छह महीने के लिए टाल दिया है। अभी यह तय नहीं हो रहा था कि ठेके पर जमीन लेकर कृषि कर रहे किसानों को भुगतान कैसे किया जाएगा। गोयल ने कहा कि इसके लिए बाकायदा सिस्टम तैयार किया जाए।

किसानों को फसल की सीधी अदायगी को लेकर भले ही आढ़ती व पंजाब सरकार विरोध कर रही हो लेकिन किसान संगठन इसके हक में है। किसान संगठन खुद चाहते हैं कि फसल की सीधी अदायगी किसानों के खाते में जानी चाहिए। किसान चार महीने तक फसल को पालता है। लेकिन आढ़ती एक माह में ही किसानों से न सिर्फ ज्यादा कमाई कर लेता है। इससे किसान का शोषण ही होता है।

केंद्र सरकार द्वारा किसानों के खाते में सीधी फसल की अदायगी को लेकर किसान व किसान संगठनों में उत्साह है। यही कारण है कि आढ़ती व खुद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जब डीबीटी का विरोध किया तो किसानों ने कभी भी इसका समर्थन नहीं किया। सीधी अदायगी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले संयुक्त किसान यूनियन के नेता प्रो. जगमोहन सिंह कहते हैं, किसानों की लंबे समय से सीधी अदायगी की मांग रही है। इसके लिए बाकायदा हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया गया है।

इस फैसले को लेकर किसान केंद्र सरकार के साथ हैं, लेकिन अभी समय ठीक नहीं था। टाइमिंग पर संदेह व्यक्त करते हुए प्रो. जगमोहन सिंह कहते हैं कि यह किसानों के कृषि बिलों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को कमजोर करने के लिए किया गया है। सरकार को सीधी अदायगी का फैसला कुछ समय आगे बढ़ा देना चाहिए था। अलबत्ता केंद्र सरकार का यह फैसला अच्छा है।

वहीं, जोगिंदर सिंह उगरांहा तो सीधे किसान और आढ़ती के रिश्ते में किसानों को खरबूजा बताते हैं। चाहे छुरी खरबूजे पर गिरे या खरबूजा छूरी पर कटना तो खरबूजे को ही है। यही कारण है कि राज्य सरकार को डीबीटी के मामले में किसानों का समर्थन नहीं मिल पा रहा है। जैसा की कृषि सुधार कानून के मामले में नहीं था।
कृषि कानून के मामले में कांग्रेस द्वारा विरोध करने पर किसान संगठन सड़कों पर उतर आए थे। जोकि अभी तक सड़कों पर बैठे हुए हैं। वहीं, किसान भी केंद्र सरकार के इस फैसले से खुश हैं।

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

महाराणा प्रताप जयंती

महाराणा प्रताप थे हल्दीघाटी युद्ध के असली विजेता

Today Weather

Today Weather: बारिश ने बदली दिल्ली की तस्वीर, तापमान में आई भारी गिरावट, आगे कैसा रहेगा मौसम?

प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब: नशे की एक पुड़िया के लिए देश से कर ली गद्दारी, बठिंडा कैमरा जासूसी कांड में कई खुलासे

दिल्ली-एनसीआर में हमले की साजिश का पर्दाफाश, आतंकी गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में हमले की साजिश रच रहे थे आतंकी, ISI के इशारे पर कर रहे थे काम

जी 7 की बैठक में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस पहुंचे। इस दौरान ग्रुप फोटो भी हुई।

देशों के बीच रिश्ते परस्पर सम्मान पर आधारित होने चाहिए : प्रधानमंत्री मोदी

महाराणा प्रताप और आक्रांता अकबर

आक्रान्ता मुगलों पर विजय का प्रतीक था हल्दीघाटी युद्ध

Load More

ताज़ा समाचार

महाराणा प्रताप जयंती

महाराणा प्रताप थे हल्दीघाटी युद्ध के असली विजेता

Today Weather

Today Weather: बारिश ने बदली दिल्ली की तस्वीर, तापमान में आई भारी गिरावट, आगे कैसा रहेगा मौसम?

प्रतीकात्मक चित्र

पंजाब: नशे की एक पुड़िया के लिए देश से कर ली गद्दारी, बठिंडा कैमरा जासूसी कांड में कई खुलासे

दिल्ली-एनसीआर में हमले की साजिश का पर्दाफाश, आतंकी गिरफ्तार

दिल्ली-एनसीआर में हमले की साजिश रच रहे थे आतंकी, ISI के इशारे पर कर रहे थे काम

जी 7 की बैठक में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस पहुंचे। इस दौरान ग्रुप फोटो भी हुई।

देशों के बीच रिश्ते परस्पर सम्मान पर आधारित होने चाहिए : प्रधानमंत्री मोदी

महाराणा प्रताप और आक्रांता अकबर

आक्रान्ता मुगलों पर विजय का प्रतीक था हल्दीघाटी युद्ध

आज का श्लोक : नैष ज्ञानवता शक्यस्तपसा नैव चेज्यया।

आज का राशिफल

आज का राशिफल: मेष से मीन तक जानें 17 जून का पूरा भविष्यफल

आज जून का इतिहास

17 जून का इतिहास: रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान से लेकर HF-24 मारुत की पहली उड़ान तक, जानें आज के दिन की बड़ी घटनाएँ

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

राष्ट्र चेतना संकल्प सभा : उदयपुर पहुंचे सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies