गुजरात विधानसभा चुनाव - 2017 -हारेगा जातिवाद जीतेगा राष्टÑवाद
June 10, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

गुजरात विधानसभा चुनाव – 2017 -हारेगा जातिवाद जीतेगा राष्टÑवाद

Written byArchiveArchive
Nov 20, 2017, 12:00 am IST
in Archive

दिंनाक: 20 Nov 2017 11:11:11

गुजरात विधानसभा के चुनाव 9 और 14 दिसंबर को होने वाले हैं। जैसे-जैसे समय बीत रहा है वैसे-वैसे चुनाव प्रचार भी तीव्र होता जा रहा है। लेकिन मतदाताओं के मन में क्या घुमड़ रहा है, वे क्या सोच रहे हैं, इन सब तथ्यों पर नजर डालती एक रपट

   
कर्णावती से जयवंत पंड्या,  साथ में दिल्ली ब्यूरो

गुजरात में चुनावी सरगर्मी जोरों पर है। दोनों ही मुख्य दलों (भाजपा और कांग्रेस) के दिग्गज चुनाव प्रचार में लगे हैं। जहां भाजपा अपनी सरकार के विकास कार्यों और गुजराती अस्मिता के  नाम पर वोट मांग रही है, वहीं कांगे्रस जाति के नाम पर लोगोें को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है और हिंदुओं को यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि अब वह मुस्लिम तुष्टीकरण की राह पर नहीं है। इस सोच को पुख्ता करने के लिए राहुल गांधी आश्रमों, मठों और मंदिरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन गुजरात के लोगों का मानना है कि इन सबसे कांग्रेस के पाप नहीं धुलेंगे। उसने पूरे देश में तुष्टीकरण की राजनीति करके अनगिनत पाप किए हैं। गुजरात के लोग कांग्रेस के इन पापों से कई दशक तक परेशान रहे हैं। कर्णावती के मयंक व्यास कहते हैं, ‘‘एक समय कांग्रेस ने तुष्टीकरण की राजनीति करके गुजरात को कर्फ्यू प्रदेश बना दिया था। आए दिन कहीं न कहीं कर्फ्यू लगता था। भाजपा ने इस प्रदेश को कर्फ्यू से बाहर निकालकर विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है।’’
ऐसी सोच रखने वालों की कोई कमी नहीं है। गांधीनगर के सुरेश पटेल कहते हैं, ‘‘कांग्रेस ने गुजरात को पीछे धकेलने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। यही नहीं, जब नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री थे तब कांग्रेस ने गुजरात के विकास में रोड़ा अटकाने में कोई हिचक नहीं दिखाई थी। उसने बड़ी बेशर्मी के साथ विकास योजनाओं को रोकने का काम  किया था। इसका ज्वलंत उदाहरण है नर्मदा योजना।’’ उल्लेखनीय है कि तत्कालीन केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सैफुद्दीन सोज ने अनुचित हस्तक्षेप कर नर्मदा नदी पर बनने वाले सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने का काम अटका दिया था। इस मामले में कांग्रेस के नेता अभी भी झूठ बोल रहे हैं। अभी कुछ दिन पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुजरात में थे। उन्होंने खुलेआम कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी नर्मदा के मुद्दे पर कभी उनसे मिले ही नहीं। इस झूठ से भी गुजरात के लोग नाराज हैं, क्योंकि इस बात के साक्ष्य हैं कि मोदी ने 2006 और 2013 में नर्मदा मुद्दे पर मनमोहन सिंह से बातचीत की थी। लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी। जब मोदी खुद प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने नर्मदा बांध की ऊंचाई को बढ़ाने की अनुमति दी थी। आज उस बांध के पानी से गुजरात में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। मोदी ने महाराष्टÑ और दिल्ली के बराबर गुजरात को गैस के दाम न देने के लिए भी मनमोहन सिंह के समक्ष अपना विरोध जताया था। उस समय महाराष्टÑ और दिल्ली दोनों जगहों पर कंग्रेस की सरकारें थीं।
तत्कालीन केंद्र सरकार के विरोध और बाधाओं के बावजूद गुजरात सरकार ने राज्य के विकास के लिए अनेक काम किए हैं। जनता भी इस बात को महसूस करती है। सौराष्ट्र-कच्छ में नर्मदा का पानी पहुंचाया गया, दाहोद में एशिया का सबसे बड़ा पेट्रोकेमिकल्स संयंत्र लगाया गया, भरुच के पास भारत का सबसे बड़ा केबल ब्रिज बना, घोघा-दाहोद के बीच रॉ-रॉ फेरी सेवा शुरू की गई, लोगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है, गांवों से लेकर शहर तक अच्छी सड़कें बनी हैं, और सबसे बड़ी बात है गुजरात में कानून-व्यवस्था का अच्छा होना। अपराधी तत्वों और आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। वडोदरा में रहने वाले 60 वर्षीय जीतू भाई कहते हैं, ‘‘कांग्रेस के काल में माफिया और तस्कर पुलिस पर भारी पड़ते थे। उन तत्वों की पहुंच मुख्यमंत्री आवास तक होती थी। ये तत्व व्यापारियों को निशाना बनाते थे। इसलिए उन दिनों सैकड़ों व्यापारी गुजरात छोड़कर मुंबई चले गए थे। भाजपा सरकार ने इन तत्वों को खत्म किया है। इसलिए गुजरात में शांति है।’’
गुजरात के लोगों को 2002 के दंगों से पहले के दंगे भी अच्छी तरह याद हैं। कांग्रेस के मुस्लिम तुष्टीकरण ने राज्य को पूरी तरह अशांत बना दिया था। साल के 365 दिन में से लगभग 200 दिन कहीं न कहीं कर्फ्यू लगा रहता था। यह भी कहा जाता था कि गुजरात के बच्चे ‘मां’ बोलना सीखने से पहले ‘कर्फ्यू’ बोलना सीख जाते थे। यहां छबीलदास मेहता की सरकार (जो कि गुजरात में कांग्रेस की अंतिम सरकार थी) के समय की एक घटना का उल्लेख करना जरूरी है। चर्चित पुलिस अधिकारी डी. जी. बंजारा ने उस समय के कुख्यात तस्कर इभला शेठ को पकड़ा था। लेकिन गांधीनगर के आदेश के बाद उसे छोड़ दिया गया था और बतौर सजा बंजारा का स्थानांतरण कर दिया गया था। मेहता सरकार के तत्कालीन गृह मंत्री नरेश रावल ने सार्वजनिक रूप से कहा था, ‘‘यह सरकार असामाजिक तत्वों द्वारा चलाई जा रही है।’’
गुजरात की जनता काफी चतुर और समाधानवादी मानी जाती है। लेकिन अगर कोई उसे छेड़ता है तो वह उसे छोड़ती भी नहीं है। 2002 में गोधरा नरसंहार के बाद भड़के दंगों को लेकर गुजरातियों को पूरी दुनिया में बदनाम कर दिया गया। ऐसा कहा गया कि दंगों में केवल और केवल मुसलमान मारे गए, जबकि मरने वालों में हिंदू भी थे। कुछ तथाकथित समाजसेवियों ने दुनिया के अनेक देशों में घूम-घूमकर गुजरात के हिंदुओं को ‘मानवभक्षी’ तक कहा था। गोधरा में जिंदा जलाए गए हिंदुओं के बारे में तो पूरी तरह चुप्पी साध ली गई थी। उसी तरह 2007 में अपराधी सोहराबुद्दीन की मुठभेड़ में हुई हत्या को लेकर भी गुजरात को बदनाम किया गया। उसे ‘बेचारा’ बताकर सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ी गई। किसी ने उसके आतंक को जानने की कोशिश नहीं की। आतंकी इशरत जहां के मामले में भी गुजरात को बदनाम किया गया। खुफिया एजेंसियों की रपटों को दरकिनार कर उसे ‘निर्दोष’ बताया गया।
इन सबसे गुजरात के लोगों में गुस्सा बढ़ा और उन्होंने बदनाम करने वालों को पंचायत से लेकर विधानसभा चुनावों तक में पटखनी दी। गुजरातियों की एकता को तोड़ने के लिए ही कांग्रेस ने इस बार जातिवाद की राजनीति शुरू की है। इसी के तहत उसने पाटीदार नेता हार्दिक पटेल, पिछड़े वर्ग के नेता अल्पेश ठाकोर और वंचित समाज से आने वाले और सोच से वामपंथी जिग्नेश मेवाणी को अपने साथ लिया है। लोगों का मानना है कि ये तीनों कांगे्रस की शह पर ही पिछले कुछ साल से गुजरात की भाजपा सरकार के विरुद्ध आंदोलन कर रहे हैं। अब यह स्पष्ट दिखने भी लगा है। इसलिए गुजरातियों को सब कुछ समझ में आने लगा है। तूफानी चुनावी प्रचार के साथ ही गुजरातियों की यह समझ और परिपक्व होती जा रही है। इसलिए लोग कहने लगे हैं कि जातिवाद हारेगा और राष्टÑवाद जीतेगा।    

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Pushkar Singh Dhami meeting with officials

उत्तराखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2026 जारी: पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक से बनेगा ‘विकसित उत्तराखंड’

Mummy mana karti thi na emotional viral video girl crying father photo

“मम्मी मना करती थी न…”: पिता की तस्वीर के आगे बिलखती मासूम का वीडियो वायरल, शराब की लत ने उजाड़ा परिवार

संस्कारहीन सियासत, ओछे बोल

फातिमा तहिलिया, विधायक

मुस्लिम लीग की विधायक फातिमा दीप जलाकर फंसीं ? सत्ता में हाथ बटा रही कांग्रेस चुप? ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाने वाले खामोश

Lucknow Love Jihad Kerala Story model Hindu Girl Syria

UP में केरला स्टोरी जैसी वारदात: हिन्दू लड़की को सीरिया ले गया AC मैकेनिक इरशाद? परिजनों ने किया सनसनीखेज खुलासा

India 114th ILO Conference Geneva Shram Bal Labour Force

पाश्चात्य सोच पर भारत का कड़ा प्रहार! जिनेवा के 114वें ILO सम्मेलन में गूंजा संदेश- श्रम बाजार नहीं, ‘श्रम बल’ कहें

Load More

ताज़ा समाचार

Pushkar Singh Dhami meeting with officials

उत्तराखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति-2026 जारी: पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक से बनेगा ‘विकसित उत्तराखंड’

Mummy mana karti thi na emotional viral video girl crying father photo

“मम्मी मना करती थी न…”: पिता की तस्वीर के आगे बिलखती मासूम का वीडियो वायरल, शराब की लत ने उजाड़ा परिवार

संस्कारहीन सियासत, ओछे बोल

फातिमा तहिलिया, विधायक

मुस्लिम लीग की विधायक फातिमा दीप जलाकर फंसीं ? सत्ता में हाथ बटा रही कांग्रेस चुप? ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाने वाले खामोश

Lucknow Love Jihad Kerala Story model Hindu Girl Syria

UP में केरला स्टोरी जैसी वारदात: हिन्दू लड़की को सीरिया ले गया AC मैकेनिक इरशाद? परिजनों ने किया सनसनीखेज खुलासा

India 114th ILO Conference Geneva Shram Bal Labour Force

पाश्चात्य सोच पर भारत का कड़ा प्रहार! जिनेवा के 114वें ILO सम्मेलन में गूंजा संदेश- श्रम बाजार नहीं, ‘श्रम बल’ कहें

Haldighati Battle Maharana Pratap Horse Chetak Sacrifice

हल्दीघाटी का महानायक: जब 3 पैरों पर दौड़ते घायल ‘चेतक’ ने 25 फीट चौड़ा नाला लांघकर बचाई महाराणा प्रताप की जान

Bareilly RSS Sangh Shiksha Varg Path Sanchalan Swayamsevak

बरेली: ‘संघ शिक्षा वर्ग’ का निकला भव्य पथ संचलन, स्वयंसेवकों के अनुशासन और कदमताल ने मोहा मन

10 जून का पंचांग

11 जून पंचांग: कल एकादशी, जानें ग्रह-नक्षत्रों की चाल, शुभ योग और दिनभर के मुहूर्त

सयानी घोष

काबा मदीना गाने वालीं सयानी घोष भी क्या छोड़ेंगी ममता बनर्जी का साथ!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies