बेटियों के संरक्षक बादशाह
July 16, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

बेटियों के संरक्षक बादशाह

Written byArchiveArchive
Oct 16, 2017, 12:00 am IST
in Archive

दिंनाक: 16 Oct 2017 15:24:01


सूरत के लवजी भाई बादशाह पटेल समुदाय में पैदा होने वाली बच्चियों को  2,00000 रु. का बॉण्ड देते हैं। यह पैसा उन बच्चियों की पढ़ाई आदि में काम आता है।  अब तक 200 करोड़ रुपए के बॉण्ड दिए जा चुके हैं

लवजी भाई बादशाह पटेल

आयु     :    47 वर्ष
व्यवसाय    :    भवन निर्माण
प्रेरणा     :     गरीबी से निजात पाने की ललक
अविस्मरणीय क्षण :  कई दिनों तक भूखे रहना

अरुण कुमार सिंह

कन्या भ्र्रूणहत्या अमूमन देश के अनेक हिस्सों में आज भी जारी है, लेकिन गुजरात में पटेल समुदाय में इसका चलन कुछ ज्यादा ही दिखता है। इस समुदाय में लड़के और लड़कियों का अनुपात असंतुलित हो गया है। लोगों को अपने बेटों के लिए बहुएं नहीं मिल रही। कुछ युवाओं को 40-45 साल तक कुंआरा रहना पड़ रहा। इससे समाज के अनेक लोग बहुत चिंतित हैं। कई लोगों ने इस समस्या को समाप्त करने के लिए पहल की है। उन्हीं में से एक हैं लवजी भाई बादशाह। वे कहते हैं, ‘‘अनेक माता-पिता गरीबी के कारण बेटी पैदा नहीं करना चाहते। इसलिए मैंने तय किया है कि जिस भी परिवार में जितनी भी बेटियां पैदा होंगी, उन सबको 2,00000 रु. का बॉण्ड दिया जाएगा।’’

 विज्ञान का दुरुपयोग कर हमारे समाज ने महिला और पुरुष के अनुपात को बिगाड़ दिया है। समाज के अस्तित्व को बचाने के लिए लड़के और लड़कियों के अनुपात को ठीक करना ही होगा।

इसके लिए उन्होंने 2015 में ‘बादशाह सुकन्या बॉण्ड योजना’ शुरू की। अब तक 200 करोड़ रुपए के बॉण्ड दिए जा चुके हैं। इसके अलावा वे सामूहिक विवाह आयोजनों में भी आर्थिक सहयोग देते हैं। उन आयोजनों में खान-पान पर होने वाले खर्च को बादशाह भाई खुद उठाते हैं।
लवजी भाई सूरत में ‘अवध’ नाम से भवन निर्माण कंपनी चलाते हैं और लगभग 30 स्वयंसेवी संगठनों से जुड़कर अनेक प्रकार के सेवा कार्य भी करते हैं। उनका सालाना कारोबार लगभग 1,000 करोड़ रु. का है। यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने जो संघर्ष किया है, उस पर सहसा विश्वास नहीं होता, लेकिन यह तथ्य सोलह आने सच है। उन्होंने 11 वर्ष तक सूरत में मजदूरी की है।  वे भावनगर जिले के सहजलिया गांव के रहने वाले हैं। 1984 में वे गांव के स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ते थे। एक दिन स्कूल से लौटे और मां से खाना मांगा तो उन्होंने कहा, ‘‘बेटा! आज खाने के लिए कुछ नहीं है।’’ यह बात उन्हें अंदर तक हिला गई। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़कर कुछ काम करने का निर्णय लिया, लेकिन गांव में ऐसा कोई काम नहीं था। संयोग से उन्हीं दिनों गांव के कुछ लोग मजदूरी करने के लिए सूरत जा रहे थे। उस बालक ने भी सूरत जाने का निर्णय लिया, लेकिन गांठ में भाड़े के लिए भी एक पैसा नहीं। किसी रिश्तेदार से भाड़े का इंतजाम किया और चल पड़े सूरत के लिए।  यहां वे गांववालों के साथ ही रहकर हीरे के एक कारखाने में मजदूरी करने लगे। उस समय उनके पास दो कपड़ों के अलावा कुछ नहीं था। उन्हें यह भी नहीं पता था कि नहाने और कपड़े धोने के साबुन अलग-अलग होते हैं। उन्हें बाल मजदूर मानकर एक सामान्य मजदूर से कम ही पैसा दिया जाता था। इस कारण कई बार वे भूखे ही रहना पड़ता था। कुछ महीने बाद जब वे कुछ काम सीख गए तो पैसा थोड़ा ज्यादा मिलने लगा। इससे उन्हें थोड़ी राहत मिली।
 वे बताते हैं, ‘‘जो मजदूरी मिलती थी, उसी में से कुछ गांव भेजता था और कुछ अपने पास रखता था। कई वर्ष तक सूरत में फटेहाल जिंदगी बिताई। न खाने का ठिकाना था और न ही रहने का। पैसा बचाने के लिए कभी पानी पीकर दिन काटा, तो कभी भूख से कम खाना खाया। इस तरह 11 साल में करीब 3,00000 रु. जमा कर पाया। इसके बाद कुछ अपना ही काम करने का मन बनाया।’’ वे कहते हैं, ‘‘कुछ पढ़ा-लिखा तो था नहीं, इसलिए ऐसा कोई काम तो कर नहीं सकता था। कुछ दोस्तों से पूछा कि क्या करें तो उन्होंने कहा कि भवन निर्माण का काम कर सकते हो, लेकिन इतनी कम पंूजी में यह काम तो शुरू भी नहीं हो सकता था।’’
इसके बाद उन्होंने अपना काम करने का विचार कुछ दिनों के लिए छोड़ दिया। पर कुछ दोस्त उनकी मदद के लिए आगे आए और 1995 में मामूली पंूजी से भवन निर्माण का काम करना शुरू किया। आज उनकी कंपनी सूरत ही नहीं, देशभर में जानी-पहचानी कंपनी बन चुकी है। उनकी कंपनी में प्रत्यक्ष रूप से 3,000 लोग काम करते हैं और अप्रत्यक्ष रूप से कई हजार लोगों की रोजी-रोटी चलती है। वे सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यों में बढ़-चढ़कर योगदान करते हैं। उनका मानना है कि देश में जो भी संपन्न और प्रभावशाली लोग हैं, उन्हें गरीबी समाप्त करने के लिए मिल-जुल कर काम करना चाहिए। गरीबी कोढ़ है, जिसका इलाज करना ही होगा।
वे कहते हैं, ‘‘सूरत आया था तब बहुत लोगों को कड़ी जब मेहनत करते हुए देखता था। उन लोगों को देखकर मुझे भी मेहनत करने की प्रेरणा मिली और मैं दिन-रात काम करने लगा।  उसी मेहनत की वजह से यहां तक पहुंचा हूं।’’ यानी कड़ी मेहनत ने एक मजदूर को अरबों रुपए का ‘मालिक’ बना दिया। अब वे सच में ‘बादशाह’ हैं।      

ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

PM Modi Punjab Visit Sant Guru Ravidas Express Vande Bharat Sleeper Dera Sachkhand Ballan Political Equation

पीएम मोदी का पंजाब दौरा: पंजाब और काशी के बीच बनेगा आस्था व संस्कृति का नया सेतु, जानिए कैसे बदलेगा राजनीतिक समीकरण!

ममता राज में दुर्गा पूजा की पवित्रता से हुआ समझौता…BJP नेता शमीक भट्टाचार्य ने खोली TMC की पोल

देवी तारा

गुप्त नवरात्र:  देवी तारा, जो भगवान शिव की माता के रूप में जानी जाती हैं

Explainer। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में क्या खास? 682 सीटें और 10 कोच…75 KM/H की रफ्तार

Explainer: भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप, MODI की टेक क्रांति, बूम पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

Puri Jagannath Rath Yatra 2026 Crowd Gives Way To Ambulance RSS Volunteers Service Human Corridor

यही है सनातन धर्म: पुरी रथयात्रा में लाखों की भीड़, पलभर में मिला एम्बुलेंस को रास्ता, RSS स्वयंसेवकों ने पेश की मिसाल

Load More

ताज़ा समाचार

PM Modi Punjab Visit Sant Guru Ravidas Express Vande Bharat Sleeper Dera Sachkhand Ballan Political Equation

पीएम मोदी का पंजाब दौरा: पंजाब और काशी के बीच बनेगा आस्था व संस्कृति का नया सेतु, जानिए कैसे बदलेगा राजनीतिक समीकरण!

ममता राज में दुर्गा पूजा की पवित्रता से हुआ समझौता…BJP नेता शमीक भट्टाचार्य ने खोली TMC की पोल

देवी तारा

गुप्त नवरात्र:  देवी तारा, जो भगवान शिव की माता के रूप में जानी जाती हैं

Explainer। देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में क्या खास? 682 सीटें और 10 कोच…75 KM/H की रफ्तार

Explainer: भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप, MODI की टेक क्रांति, बूम पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

Puri Jagannath Rath Yatra 2026 Crowd Gives Way To Ambulance RSS Volunteers Service Human Corridor

यही है सनातन धर्म: पुरी रथयात्रा में लाखों की भीड़, पलभर में मिला एम्बुलेंस को रास्ता, RSS स्वयंसेवकों ने पेश की मिसाल

Akshay Kumar Donation Tribal Girls Hostel Udaipur Vanvasi Kalyan Parishad Aruna Bhatia Smriti

अक्षय कुमार का बड़ा काम: उदयपुर में माता अरुणा भाटिया के नाम पर बनेगी जनजाति कन्या छात्रावास की इमारत!

Bhartiya kisan sangh

कैंसर वाले रसायन ‘पैराक्वाट डाइक्लोराइड’ पर केंद्र सरकार ने लगाया प्रतिबंध, भारतीय किसान संघ ने फैसले का किया स्वागत

ब्रिटेन की गृहमंत्री शबाना महमूद। ग्रूमिंग गैंग सरगना शब्बीर अहमद (इनसेट में) को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की ब्रिटेन में चल रही है तैयारी।

ग्रूमिंग गैंग सरगना शब्बीर को क्या डिपोर्ट करेगा UK ? शबाना महमूद का नया दांव और पाकिस्तान की ब्लैकमेलिंग की पूरी कहानी

ब्रिटेन में जहां मुस्लिम संगठन को बेचा मंदिर वहां कितनी है हिंदू आबादी? 10 मस्जिद पहले से ही

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies