| दिंनाक: 05 Jun 2017 13:16:11 |
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गत 30 मई राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 26 हिंदी सेवियों को वर्ष 2015 के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, राज्य मंत्री महेन्द्र पांडे, केंद्रीय हिंदी संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. कमल किशोर गोयनका सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित थे। हिंदी प्रचार-प्रसार और हिंदी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रो़ एस़ शेषारत्नम, डॉ. एम. गोविन्द राजन, प्रो़ हरमहेन्द्र सिंह बेदी और प्रो़ एच़ सुवदनी देवी को गंगाशरण सिंह पुरस्कार दिया गया। हिंदी पत्रकारिता तथा जनसंचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए श्री बल्देव भाई शर्मा और श्री राहुल देव को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार दिया गया। विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉ. गिरीश चन्द्र सक्सेना और डॉ. फणी भूषण दास को आत्माराम पुरस्कार, सर्जनात्मक एवं आलोचनात्मक क्षेत्र के लिए प्रो़ सूर्य प्रसाद दीक्षित और श्रीमती चन्द्रकान्ता को सुब्रह्मण्य भारती पुरस्कार, हिंदी माध्यम से ज्ञान के विविध क्षेत्र, पर्यटन एवं पर्यावरण से संबंधित क्षेत्र में मौलिक अनुसंधान के लिए श्रीमती चित्रा मुद्गल और डॉ. जयप्रकाश कर्दम को महापंडित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार दिया गया। विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं लेखन में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रो़ ताकेशी फुजिइ (जापान) और प्रो. गब्रिइलानिक इलिएवा (अमेरिका) को डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार। विदेशों में हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं लेखन में उल्लेखनीय कार्य के लिए दो अप्रवासीय भारतीयों – डॉ. पुष्पिता अवस्थी (नीदरलैण्ड) और डॉ. पद्मेश गुप्त (लंदन) को पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार, कृषि विज्ञान एवं राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय लेखन कार्य के लिए डॉ. बी़ आऱ छीपा और श्री दयाप्रकाश सिन्हा को सरदार वल्लभ भाई पटेल पुरस्कार दिया गया।
मानविकी के क्षेत्र में और कला, संस्कृति एवं विचार की भारतीय चिंतन परंपरा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए डॉ. महेश चन्द्र शर्मा और डॉ. राकेश सिन्हा को दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार, भारतीय विद्या के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए श्री श्रीधर गोविन्द पराड़कर और डॉ. श्रीरंजन सूरिदेव को स्वामी विवेकानंद पुरस्कार, शिक्षाशास्त्र एवं प्रबंधन में हिंदी माध्यम से लेखन कार्य के लिए प्रो़ नित्यानन्द पाण्डेय और प्रो. जगदीश प्रसाद सिंघल को पंडित मदन मोहन मालवीय पुरस्कार और विधि एवं लोक प्रशासन के क्षेत्र में हिंदी भाषा में उल्लेखनीय कार्य के लिए प्रो़ शिवदत्त शर्मा और प्रो़ अशोक कुमार शर्मा को राजर्षि पुरुषोत्तमदास टंडन पुरस्कार दिया गया।
ये पुरस्कार केंद्रीय हिंदी संस्थान की ओर से दिए जाते हैं। हिंदी सेवी सम्मान योजना की शुरुआत 1989 में हुई थी। पुरस्कृत विद्वानों को संस्थान की ओर से राष्ट्रपति द्वारा एक लाख रुपए, शॉल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। वर्ष 2015 से पुरस्कार राशि पांच लाख रु. कर दी गई है। 2014 तक सात अलग-अलग पुरस्कार श्रेणियों के अंतर्गत प्रतिवर्ष 14 हिंदी सेवियों को सम्मानित किया जाता था। 2015 से 12 पुरस्कार श्रेणियां बनाई गई हैं। 1989 से 2014 तक गंगाशरण सिंह पुरस्कार से 119, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से 59, आत्माराम पुरस्कार से 57, सुब्रह्मण्य भारती पुरस्कार से 60, महापण्डित राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार से 44, डॉ. जॉर्ज ग्रियर्सन पुरस्कार से 22 तथा पद्मभूषण डॉ. मोटूरि सत्यनारायण पुरस्कार से 13 विद्वानों को सम्मानित किया जा चुका है। इस प्रकार अब तक विभिन्न श्रेणियों में कुल 374 विद्वान सम्मानित/ पुरस्कृत किए जा चुके हैं। -प्रतिनिधि