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गत दिनों गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें प्रकाशवर्ष के अवसर पर सूरत (गुजरात) में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि भारत संतों का देश रहा है। इस देश को महापुरुषों ने सींचा है। इन महापुरुषों के स्मरण से समाज में एक नई ऊर्जा फैलती है, शक्ति मिलती है। इस शक्ति के कारण ही समाज सब प्रकार की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी डटकर खड़ा रहता है। आज देश के लिए पुरुषार्थ, साहस, त्याग और समर्पण की आवश्यकता है, अपना सर्वस्व न्योछावर करने की आवश्यकता है। इन सबकी प्रेरणा गुरु गोबिंद सिंह जी जैसे महापुरुषों से मिलती है। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ में दो शब्द बहुत प्रसिद्ध हैं- संगत और पंगत। संगत में व्यक्ति आता है तो गुरुवाणी सुनकर भावविभोर हो जाता है, भक्ति से अंत:करण भर जाता है और पंगत में बैठता है तो सब प्रकार के भेदों को भुलाकर भोजन करता है। वहां ऊंच-नीच का कोई भेद नहीं होता। उन्होंने कहा कि आज फिर से गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजयभाई रूपानी, सिख संगत के राष्टÑीय महामंत्री श्री अविनाश जायसवाल और राष्टÑीय महासचिव डॉ. अवतार सिंह ने राष्टÑीय सिख संगत उद्घोष (गुजरात विशेषांक) का लोकार्पण किया। ल्ल प्रतिनिधि
पटना में कल्याण आश्रम की बैठक
गत दिनों पटना के राजेंद्र नगर में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम की राष्टÑीय कार्यकारिणी बैठक आयोजित हुई। इसका उद्घाटन कल्याण आश्रम के अध्यक्ष श्री जगदेव राम उरांव, उपाध्यक्ष द्वय श्री कृपा प्रसाद सिंह और श्रीमती नीलिमा पट्टे और महासचिव श्री चंद्रकांत देव ने भगवान राम, भारत माता और कल्याण आश्रम के संस्थापक बालासाहब देशपांडे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। राष्टÑीय कार्यकारिणी बैठक से पहले दिन उसी जगह अखिल भारतीय टीम की बैठक हुई। राष्टÑीय कार्यकारिणी के बाद एक और बैठक हुई, जिसमें राज्यों के सचिव, संगठन मंत्री आदि ने भाग लिया। राष्टÑीय कार्यकारिणी बैठक में अनेक विषयों पर चर्चा हुई और कई निर्णय लिए गए। इसके साथ ही आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। तय किया गया कि इस वर्ष दिसंबर के अंतिम सप्ताह में राष्टÑीय वनवासी तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसकी कार्यसमिति तय करने के लिए हरिद्वार में 27,28 और 29 जून को एक बैठक होगी। छात्रावासों के प्रभारियों की बैठक 18,19 और 20 अप्रैल को भोपाल में होगी। अखिल भारतीय कार्यकर्ता सम्मेलन 13 से 20 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में होगा। ल्ल प्रतिनिधि
मेरठ संघ कार्यालय पर समरसता भोज
मेरठ में राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ, क्षेत्रीय कार्यालय के भवन का निर्माण कुछ महीनों से चल रहा है। लगभग 45 मजदूर काम में लगे हैं। अधिकांश अनुसूचित जाति के बंधु हैं। इस होली पर कार्यालय प्रमुख बादाम सिंह ने सोचा कि सबके लिए सहभोज का आयोजन किया जाए, जिसमें क्षेत्र प्रचारक श्री आलोक कुमार, जिनका प्रवास होली पर मेरठ में होना था, सहित संघ कार्यकर्ता मजदूरों के साथ भोजन करें। इसलिए 12 मार्च को होली के दिन भट्ठियां जलाई गर्इं और स्वयंसेवकों ने मजदूरों के साथ मिलकर पूरी, सब्जी, चावल, मिठाई बनाई। फिर निर्माणाधीन भवन के भूतल पर सबने भूमि पर बैठ कर साथ-साथ भोजन का आनंद लिया। परोसने वालों में मजदूर और स्वयंसेवक दोनों ही थे। कुछ श्रमिक तो इस अवसर पर भावुक हो गए। एक ने कहा, ‘‘इसे मैं जिंदगी भर नहीं भूल सकूंगा। जिनके यहां हम मजदूरी कर रहे हैं, वे हमारे साथ भोजन बनाएं और साथ बैठ कर खाएं, ऐसा हम लोग सोच भी नहीं सकते।’’ बादाम सिंह, जो एक बुजुर्ग के नाते मजदूरों के प्रति पितातुल्य दृष्टि रखते हैं, ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने बेलूर मठ बनवाते समय वहां काम कर रहे संथाल मजदूरों को स्वादिष्ट भोजन बनवाकर अपने हाथ से परोसा था। उस समय उनके शब्द थे, ‘मेरे नारायण का भोग हुआ’। स्वामी जी के जीवन से वैसे ही संस्कार संघ कार्यकर्ताओं ने भी ग्रहण किए हैं। ल्ल अजय मित्तल
‘स्वयं भूखे रहकर दूसरे को खिलाना ही भारतीय संस्कृति’
जयपुर में 10 मार्च को ‘भारत की संस्कृति, पहचान, चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय पर एक गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ के धर्म जागरण समन्वय विभाग के अखिल भारतीय प्रमुख श्री शरद राव ढोले ने कहा कि स्वयं भूखे रह कर दूसरों को खिलाना ही भारतीय संस्कृति है और हम अपने संस्कारों द्वारा ही पूरी दुनिया को संस्कारवान बनाएंगे। परस्पर विरोधी लोगों को साथ बैठाने का संस्कार हिंदू समाज में ही है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत में हमें संस्कृति, इतिहास, विरासत में मिला है। इस कारण हमारी परिवार पद्धति आज भी जीवित है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि भारत में किसी भी हिंदू राजा ने कभी किसी पर अत्याचार नहीं किया, क्योंकि हिन्दू संस्कृति में सहजता का भाव सदैव रहा है।
राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने कहा कि राज्य में हो रहे वंशावली लेखन के श्रेष्ठ कार्य को आगे बढ़ाने के लिए हम पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक और संघ के धर्म जागरण विधि-निधि प्रमुख रामप्रसाद ने कहा कि कन्वर्जन के कारण हमारे अपने देश में हमारी अपनी संख्या घट रही है। इस अवसर पर मुकुंदराव पणशषीकर स्मृति ग्रंथ का लोकार्पण भी किया गया। संगोष्ठी का आयोजन अखिल भारतीय संस्कृति समन्वय संस्थान ने किया था।
ल्ल (विसंके., जयपुर)
चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान
राष्टÑीय स्वदेशी सुरक्षा अभियान को सफल बनाने के लिए गत दिनों जोधपुर में स्वदेशी जागरण मंच, जोधपुर महानगर की एक बैठक हुई। बैठक में मंच के प्रदेश संयोजक धर्मेन्द्र दुब ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हर प्रकार से भारत का विरोध कर रहा है। यही नहीं, चीनी वस्तुओं के प्रकोप से हमारे देश की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। इन सबका एकमात्र उपाय है अधिकाधिक स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग। स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने के लिए ही स्वदेशी सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत पूरे प्रदेश में 10 लाख लोगों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे और उन्हें चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का संकल्प दिलाया जाएगा। ल्ल प्रतिनिधि
‘गांव जग रहा है, अब देश जगेगा’
गत दिनों रांची में एकल संस्थान द्वारा ‘एकल अभियान उभरता परिदृश्य’ विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित हुई। इसे संबोधित करते हुए एकल अभियान के प्रणेता श्री श्याम गुप्त ने कहा कि गांव जग रहा है, अब देश जगेगा। गांव ही भारत की असली पहचान एवं ताकत है। जिन गांवों में एकल अभियान चल रहा है वे गांव आज सशक्त, स्वाभिमानी और स्वावलंबी बन रहे हैं।
एकल संस्थान की राष्टÑीय अध्यक्ष प्रो़ मंज श्री ने कहा कि ग्रामीण कार्यकर्ताओं ने एकल विद्यालय को खड़ा कर दिया है। अब नगरीय कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी वर्ग एवं संपन्न
लोग गांवों को गोद लेकर विकास कार्यों में भूमिका निभाएं।
संगोष्ठी की प्रस्तावना एकल संस्थान, रांची के संरक्षक श्री वैदेही शरण मिश्र ने रखी। इस अवसर पर अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे। ल्ल प्रतिनिधि
सामूहिक शिवरात्रि महोत्सव
नई दिल्ली स्थित हिंदी भवन में 5 मार्च को सामूहिक शिवरात्रि महोत्सव आयोजित हुआ। इसका आयोजन जम्मू-कश्मीर विचार मंच ने किया था। महोत्सव में कश्मीरी हिंदू बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। महोत्सव का उद्देश्य था कश्मीरी बच्चों को अपनी संस्कृति से जोड़े रखना। जम्मू-कश्मीर विचार मंच पिछले 22 वर्ष से इस महोत्सव का आयोजन कर रहा है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में शिवरात्रि बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती रही है। लेकिन कश्मीर घाटी से हिंदुओं के पलायन के बाद वहां कोई भी हिंदू त्योहार ठीक से नहीं मन पा रहा। दिल्ली में बड़ी संख्या में कश्मीरी हिंदू रह रहे हैं। उनके बच्चे कश्मीरी संस्कृति से कट न जाएं, इसलिए इस तरह के आयोजन होते हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार श्री रामबहादुर राय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। ल्ल प्रतिनिधि
‘महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि’
राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ, पंजाब प्रांत के संघचालक श्री बृजभूषण सिंह बेदी जी ने कहा कि संघ विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिला सम्मान के प्रति पूरी तरह संकल्पबद्ध है। इसलिए गुरमेहर कौर मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच हो और धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। एक विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि संघ महिलाओं का सम्मान करने वाली उस भारतीय संस्कृति का पक्षधर है जिसका पालन करते हुए शिवाजी महाराज ने अपने शत्रु की पत्नी को भी माता कह कर संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह इस मामले की गहराई से जांच करे और दोषी व्यक्ति वह चाहे किसी भी दल या संगठन से संबंधित हो, उसके खिलाफ विधि अनुसार कार्रवाई
की जाए। ल्ल जालंधर,विसंकें
सात दिन के शिशु का देहदान
दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री अरविंद ने अपने सात दिन के पौत्र का देहदान किया है। उस शिशु का जन्म 1 मार्च को हुआ था। जन्म के कुछ घंटे बाद ही उसके माता-पिता को सूचना दी गई कि उसकी धमनियां उलझी हुई हैं और शिशु को हल्का दिल का दौरा पड़ा है। इसके बाद उसे एम्स ले जाया गया। जन्म के सातवें दिन ही उसका आॅपरेशन किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका और 7 मार्च को उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद उसके दादा और पिता ने उसकी मृत देह को दान करने का निर्णय लिया। दधीचि देहदान समिति की देखरेख में यह देहदान संपन्न हुआ। एम्स के कार्यकारी निदेशक डॉ. बलराम ऐरन ने कहा, ‘‘यह उपहार बेशकीमती है क्योंकि यह नन्हीं देह हमारे विद्यार्थियों को मानव देह के कुछ जटिल मुद्दों को पढ़ा सकेगी़, खास तौर पर इसलिए कि सात दिन का यह शिशु दिल की खास बीमारी से पीड़ित था।’’ ल्ल प्रतिनिधि
तुमकुर में पथ संचलन
कर्नाटक के तुमकुर में 11 मार्च को राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ ने पथ संचलन का आयोजन किया। इसमें कुल 1,620 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। स्वयंसेवकों की इतनी संख्या वाला पथ संचलन तुमकुर में पहली बार हुआ। संचलन गवर्नमेंट जूनियर कॉलेज के मैदान से शुरू होकर एक साथ दो रास्तों पर निकला। स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर संचलन का स्वागत किया। यह संचलन 17 फरवरी को होने वाला था, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस के निर्देश पर इसे रद्द कर दिया गया था।











