|
'युवा शक्ति पर ही देश का भविष्य निर्भर है। आज देश विरोधी ताकतें युवाओं को भ्रमित करने में लगी हैं। इसलिए युवा जागरूक बनें और राष्ट्र निर्माण में सहयोग दें।' यह कहना है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मीडिया प्रभारी साकेत बहुगुणा का। वे गाजियाबाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, वैशाली महानगर द्वारा आयोजित युवा शंखनाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य श्री पवन सिन्हा ने दीप प्रज्जवलन कर किया। उन्होंने हिन्दू संस्कार व संस्कृति की विशेषता पर ध्यान आकृष्ट कराया और युवाओं को सकारात्मक विचार के साथ उच्च चरित्र एवं इतिहास के सही अध्ययन पर जोर दिया। ल्ल
'महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पंजाब प्रांत के संघचालक श्री बृजभूषण सिंह बेदी ने कहा कि संघ विचारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और महिला सम्मान के प्रति पूरी तरह संकल्पबद्ध है। इसलिए गुरमेहर कौर मामले की निष्पक्षता से जांच हो और आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। संघ महिलाओं का सम्मान करने वाली भारतीय संस्कृति का पक्षधर है। किसी भी महिला के प्रति असम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करना हमारी संस्कृति के खिलाफ है। ल्ल
'भारतीय संस्कृति में ही सुख की कामना'
गत दिनों जोधपुर प्रचार विभाग की ओर से पाथेय कण पाठक सम्मेलन एवं डाक मित्र सम्मान समारोह जोधपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत बौद्धिक प्रमुख महेन्द्र दवे ने कहा कि हमारी संस्कृति में सबके सुख की कामना रही है। हम श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के आधार पर जीवन जीकर समाज और राष्ट्र के सामने अपना आदर्श रखते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा समाज 'पृथ्वी हमारी माता है और हम सभी इसके पुत्र' हैं, यह भाव लेकर कार्य करता है और इसका ध्यान करके हम आगे बढ़ते रहते हैं। यही स्वभाव हमें स्वत: देश से प्रेम कराता है और गौरव की अनुभूति होती है। ल्ल प्रतिनिधि
'एकल विद्यालय में पढ़ने वाले राष्ट्रप्रेमी'
रांची स्थित केन्द्रीय मनोचिकित्सा एवं शोध संस्थान के अकादमिक सभागार में गत दिनों 'एकल अभियान उभरता परिदृश्य' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में एकल अभियान के संस्थापक सदस्य एवं अभियान के प्रणेता श्री श्याम गुप्त उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि आज 55 हजार एकल विद्यालय चल रहे हैं। इन एकल विद्यालयों में 15 लाख बच्चे पढ़ रहे है और लगभग इतने ही बच्चे एकल विद्यालयों से पढ़ कर निकल चुके हैं। इन विद्यालयों में 55 हजार एकल आचार्य हंै इसके अतिरिक्त 50 हजार एकल आचार्य् की भूमिका निभा कर अन्य कायोंर् में लगे हुए हैं। तो इस प्रकार एकल अभियान में महिलाओं की सहभागिता एवं सक्रियता के चलते गांवों की उन्नति का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। साथ ही यह अभियान महिला सशक्तिकरण का भी अभियान बन गया है। उन्होंने कहा कि मौजदा शिक्षा पद्धति बच्चों के भविष्य पर केंद्रित है लेकिन एकल विद्यालयों में जो शिक्षा दी जा रही है, वह सिर्फ बच्चों का भविष्य ही नहीं बना रही बल्कि उनके मां-पिता को भी प्रेरित कर रही है। श्री गुप्त ने कहा कि जब कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी की घटना हुई तो उन 270 गांवों जहां एकल विद्यालय संचालित हंै, उनमें से कोई भी युवक पत्थरबाजी में शामिल नहीं हुआ। हालांकि उन पर पत्थर फेंकने के लिए बहुत दवाब बनाया गया था। लेकिन उन्होंने कहा कि हम अलगावाद स्वीकार नहीं कर सकते। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए एकल संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजुश्री ने कहा की एकल संस्थान प्रबुद्ध वर्ग की ताकत है। इसे शहरों से लेकर गांव-गांव तक पहुंचाना है। ल्ल प्रतिनिधि











