जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से सुदूर म्यांमार और बांगलादेश से हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान बसाए जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। पंडितों की वापसी पर आंखें तरेरने वाले अलगाववादियों ने इन विदेशियों के लिए पलक-पांवड़े बिछाए हैं
August 12, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से सुदूर म्यांमार और बांगलादेश से हजारों की संख्या में रोहिंग्या मुसलमान बसाए जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। पंडितों की वापसी पर आंखें तरेरने वाले अलगाववादियों ने इन विदेशियों के लिए पलक-पांवड़े बिछाए हैं

Written byArchiveArchive
Jun 27, 2016, 12:00 am IST
inArchive

अब घाटी में भी रोहिंग्या!

दिंनाक: 27 Jun 2016 14:54:51

जन सुरक्षा  कानून के तहत अब तक 10 रोहिंग्या मुसलमानों  को  निरुद्ध भी किया गया

 

पहले से ही कई जटिलताओं से जूझ रहे जम्मू-कश्मीर में एक नई समस्या उभर रही है। हजारों की संख्या में विदेशियों की बसाहट ने राज्य की जनसांख्यिकीय और सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। राज्य में आकर बस रहे इन विदेशियों में पाकिस्तानी और बांगलादेशी नागरिकों के अलावा बड़ी संख्या रोहिंग्या मुसलमानों की है।
तथ्य यह भी है कि बहुत से उग्रवादी जो कई वर्ष पूर्व सीमापार आतंकी प्रशिक्षण प्राप्त करने और शस्त्र लाने में लगे थे, उनमें से कई नेपाल तथा अन्य मार्गों से कश्मीर वापस पहुंच रहे हैं। वे अपने साथ पाकिस्तानी पत्नियां और बच्चे भी साथ ला रहे हैं। इनकी संख्या सैकड़ों में है। उनकी नागरिकता क्या हो, यह प्रश्न भी राज्य के सामाजिक और राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन रहा है।
एक अनुमान के अनुसार लगभग 20,000 म्यांमारी मुसलमान राज्य के कई संवेदनशील इलाकों में आ बसे हैं। सरकारी तौर पर इन रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या 13,400 बताई गई है। इससे पूर्व 2013 में प्रो. चमनलाल गुप्ता के एक प्रश्न के उत्तर में सरकार ने यह संख्या 1,621 बताई थी। अर्थात् सरकारी रूप में भी यह माना जा रहा है कि विदेशी नागरिकों की घुसपैठ बढ़ रही है किन्तु बड़ा प्रश्न यह है कि हजारों मील दूर म्यांमार और बांगलादेश के सीमांत क्षेत्रों से इन विदेशियों को जम्मू-कश्मीर कौन ला रहा है और उन्हें इस संवेदनशील राज्य में लाने का अभिप्राय क्या है।
घाटी भले इस मुद्दे पर खामोश दिखे लेकिन जम्मू में आम लोगों की राय मुखर है। हालांकि लोग अपना नाम प्रकाशित नहीं कराना चाहते किन्तु यहां यह आमराय है कि इन विदेशी तत्वों की न केवल घुसपैठ को बढ़ावा दिया जा रहा है बल्कि राज्य में आकर बसने वाले विदेशी लगातार कट्टरपंथियों के संपर्क और प्रभाव में भी हैं। सूत्रों के अनुसार जमात-ए-इस्लामी की श्रीनगर शाखा के कुछ प्रमुख कार्यकर्ता इन विभिन्न ठिकानों पर कई प्रकार की सहायता उपलब्ध करवाने के अतिरिक्त रोहिंग्या मुसलमानों के बच्चों की मजहबी शिक्षा के लिए मदरसे भी खोल रहे हैं। जिन ठिकानों पर ये विदेशी आकर जम रहे हैं, उनके नाम भी बदले जा रहे हैं। एक ऐसी बस्ती का नाम हम्जा कॉलोनी रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में हम्जा शब्द को लश्कर-ए-तैयबा और वहाबी प्रसार के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है। घाटी में मारे गए कई लश्कर कमांडरों के नाम में 'हम्जा' जुड़ा था। पहले ये विदेशी राज्य के बाहरी क्षेत्रों में रहने लगे थे। अब समाचार है कि बहुत से रोहिंग्या कारगिल, लेह तथा बारामुला के अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों तक आ बसे हैं। ऐसे भी समाचार हैं कि पाक अधिकृत कश्मीर के छम्ब सैक्टर और अन्य भागों में भी बड़ी संख्या में ऐसे विदेशी बसे हैं।
जम्मू-कश्मीर में इन विदेशियों की उपस्थिति संबंधी प्रश्न जब गत दिनों उभरा तो नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक सदस्य ने यह कह डाला कि सभी गैर-राज्यीय तत्वों को एक ही रूप में देखा जाना चाहिए जिस पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। किन्तु यह एक बड़ा प्रश्न बन रहा है कि इन विदेशी नागरिकों का क्या  किया जाए    
    ल्ल प्रतिनिधि

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग, यह स्वयंसिद्ध और निर्विवाद वास्तविकता है : विदेश मंत्रालय

कन्वर्जन (प्रतीकात्मक चित्र)

पुणे : जबरन ईसाई कन्वर्जन के आरोप में ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस की गिरफ्त में आए ये चारों साइबर अपराधी

साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, जामताड़ा गैंग का मास्टरमाइंड जहुरुल अंसारी गिरफ्तार, हजारों लोगों को बनाया निशाना

विशाल जनभागीदारी-हजारों की संख्या में रत्नागिरि के नागरिक, छात्र और ‘जेन-जी’ युवा पदयात्रा में शामिल हुए

राष्ट्रहित में मौन हुंकार

कार्यक्रम को संबोधित करते श्री अतुल लिमये

देश सर्वोपरि की भावना के साथ आगे बढ़ें युवा : अतुल लिमये

Load More

ताज़ा समाचार

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय

अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न अंग, यह स्वयंसिद्ध और निर्विवाद वास्तविकता है : विदेश मंत्रालय

कन्वर्जन (प्रतीकात्मक चित्र)

पुणे : जबरन ईसाई कन्वर्जन के आरोप में ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस की गिरफ्त में आए ये चारों साइबर अपराधी

साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, जामताड़ा गैंग का मास्टरमाइंड जहुरुल अंसारी गिरफ्तार, हजारों लोगों को बनाया निशाना

विशाल जनभागीदारी-हजारों की संख्या में रत्नागिरि के नागरिक, छात्र और ‘जेन-जी’ युवा पदयात्रा में शामिल हुए

राष्ट्रहित में मौन हुंकार

कार्यक्रम को संबोधित करते श्री अतुल लिमये

देश सर्वोपरि की भावना के साथ आगे बढ़ें युवा : अतुल लिमये

बद्रीनाथ धाम

चारधाम यात्रा : 114 दिनों में दर्शनार्थियों की संख्या 47 लाख पार, पिछले साल के मुकाबले 4.68 लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे

अस्पताल

निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगेगी लगाम, 3-स्टार होटल से महंगा नहीं होगा अस्पताल का कमरा, संसदीय समिति ने की सिफारिश

विभाजन की विभीषिका? भारत ने खोया मुल्तान स्थित प्रह्लादपुरी मंदिर

झारखंड के कोने-कोने से पहुंचे छात्र, बोले- मांगें नहीं मानीं तो भर जाएगा पूरा मैदान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies