| दिंनाक: 30 May 2016 15:05:51 |
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उत्तर प्रदेश में बढ़ती चुनावी सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल ही में सहारनपुर में संपन्न हुई विकास पर्व रैली ने प्रदेश के राजनीतिक दलों के माथे पर शिकन लाने का काम जरूर किया है। जिस दिन रैली में प्रधानमंत्री को सुनने के लिए दो से ढाई लाख लोग पहंुचे थे उसी दिन विभिन्न मीडिया घरानों द्वारा देशभर में सरकार के कामकाज पर गराए गए अलग-अलग सर्वेक्षणों के नतीजे भी सामने आए। रैली की भीड़ और सर्वेक्षणों का रूझान बता रहा है कि विकास पथ पर बढ़ती सरकार में लोगों का विश्वास गहरा हुआ है। इस भीड़ ने यह साबित कर दिया कि उत्तर प्रदेश में 2014 में सपन्न हुए लोकसभा चुनाव जैसा माहौल अभी भी बरकरार है। तपती गर्मी और कड़क धूप में भी नरेन्द्र मोदी को सुनने के लिए दूर-दराज से लोग खिंचे चले आ रहे थे। इस सबको देखकर एक बात जरूर साबित हो गई कि प्रधानमंत्री मोदी का आकर्षण और जादुई नेतृत्व बरकरार है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रैली को संबोधित करना शुरू ही किया था कि अपार जन समूह की ओर से हर-हर मोदी, घर-घर मोदी, भारत माता की जय के गगन भेदी नारे गूंजने लगे। उत्साही भीड़ के शांत होने के बाद श्री मोदी ने कहा कि बनारस से सांसद होने के कारण अब वह उत्तर प्रदेश वाले हैं। इसलिए उन्हें उत्तर प्रदेश के लोगों का आशीर्वाद प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने गन्ना किसानों के प्रति अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चीनी मिल मालिक और पूर्व की सरकारें भले ही गन्ना मूल्य के भुगतान को लेकर अपनी मनमानी क्यों न करती रही हों, लेकिन उनके प्रधानमंत्री रहते अब यह संभव नहीं होगा। केंद्र सरकार ने छह हजार करोड़ रुपया भुगतान के लिए दिया था। पहलेे 14 हजार करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का बकाया था। अभी भी सात सौ-आठ सौ करोड़रुपए का बकाया है। श्री मोदी ने चीनी मिल मालिकों को चेतावनी दी कि वे अपने रवैये में बदलाव कर लें। केन्द्र ने चीनी मिलों के लिए ऐसी नीतियां तैयार की हैं कि यदि उन पर वे ईमानदारी से अमल करें तो ऐसी कोई वजह नहीं है कि गन्ना किसानों के भुगतान में समस्या पेश आए।
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को भी किसान हित में उठाया गया बड़ा कदम बताया। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार बनने से पूर्व तक स्थिति यह थी कि केंद्र के खजाने में 65 फीसद धन होता था और राज्यों के खजाने में 35 फीसद। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में हुए अनुभवों से सीख लेते हुए मैंने इसमें बड़ा बदलाव यह किया कि केंद्र के खजाने में 35 फीसद धन रहेगा और राज्यों के खजाने में 65 फीसद धन होगा। इससे राज्यों को ताकत मिलेगी।
रैली में प्रधानमंत्री ने ऐलान किया कि उनकी सरकार इसी सप्ताह देश के चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने जा रही है, जिससे चिकित्सकों का अभाव झेल रहे देश के लोगों को उपलब्ध चिकित्सकों की सेवाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सकेगा। इसी सिलसिले में उन्होंने देश के सभी चिकित्सकों से यह अपील भी की कि वे प्रत्येक माह की 9 तारीख को अपने यहां आने वाली प्रसूता महिला की नि:शुल्क जांच करे और समुचित उपचार करें। उन्होंने लोगों से वर्षा के पानी को संरक्षित करने की भी अपील की। वहीं कहा कि उनकी सरकार एक करोड से ज्यादा लोगों को रसोई गैस के नि:शुल्क कनेक्शन दे चुकी है। अगले साल पांच करोड गरीबों को नि:शुल्क गैस के कनेक्शन दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने विरोधी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा पंथ, जाति, संप्रदाय एवं वोटबैंक पर आधारित विकास की पूर्व की परिपाटी को छोड़कर गांव, किसान, गरीब, नौजवान एवं देश के सवा सौ करोड़ भारतीयों के हितों का ध्यान रखकर योजनाएं बनाने की दिशा में काम कर रही है।
रैली में केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उ.प्र. के प्रभारी ओम माथुर, उ.प्र. भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने भी संक्षिप्त विचार व्यक्त किए। सहारनपुर के सांसद राघव लखनपाल शर्मा, विधायक राजीव गुंबर ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किए। रैली में उत्तराखंड के भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष अजय भराला, केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान, बिजनौर के सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह, मेरठ के सांसद राजेंद्र अग्रवाल, कैराना के सांसद हुकम सिंह एवंं बागपत के सांसद सत्यपाल सिंह भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर मौजूद थे। -सुरेन्द्र सिंघल