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कुरुक्षेत्र के विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान एवं ठाकुर जगदेव चन्द स्मृति शोध संस्थान, नेरी, हिमाचल प्रदेश के सौजन्य से 29 जनवरी को संस्कृति भवन में ''भारतीय इतिहास की विसंगतियां और राष्ट्रवादी दृष्टि'' विषय पर विचार गोष्ठी रखी गई। यह आयोजन वीरव्रती इतिहासपुरुष ठाकुर रामसिंह जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में था जिसमंे मुख्य वक्ता केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश के कुलपति डॉ. कुलदीपचंद अग्निहोत्री रहे। रा.स्व.संघ के क्षेत्रीय संपर्क प्रमुख श्री कृष्ण सिंघल ने की। डॉ.अग्निहोत्री ने कहा कि इतिहास देश के अतीत को पटल पर रखता है और भविष्य के लिए मार्गदर्शक बनता है। ऐसे में तथ्यों के साथ छेडछाड़ होगी तो हम भावी पीढ़ी को सही आईना नहीं दिखा सकते। डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि भारतीय इतिहास की मूल दृष्टि दर्शन पर आधारित है। देश की प्रगति के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान अनिवार्य हो। हमें अंग्रेजों द्वारा पैदा की गई अवधारणाओं को दूर कर भारतीय तथ्य और अवधारणाओं पर आधारित इतिहास लिखना चाहिए और अध्यक्षीय संबोधन में श्री सिंघल ने वीर सावरकर को याद करते हुए कहा कि अंदमान निकोबार द्वीप समूह का नाम बदलकर वीर सावरकर द्वीप समूह रखना चाहिए। नेरी के प्रबंध निदेशक चेतराम ने ठाकुर रामसिंह के जीवन पर प्रकाश डाला। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अधिष्ठाता डॉ़ राघवेंद्र तंवर व डॉ़ हिम्मत सिंह सिन्हा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में शोध संस्थान नेरी के महासचिव राजेंद्र शर्मा एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान के शोध निदेशक डॉ़ हिम्मत सिंह सिन्हा व संस्थान के निदेशक ड़ॉ रामेंद्र सिंह, डॉ़ ओम प्रकाश अरोड़ा, ड़ॉ. सी़सी़ त्रिपाठी, डॉ़ आर. ऋषि, अशोक राठी, डॉ़ जितेंद्र कुमार, योगेश शर्मा सहित अनेक शिक्षाविद् और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। विश्व संवाद केन्द्र, कुरुक्षेत्र











