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विद्यालय की भूमिका अहम

Written byArchiveArchive
Nov 23, 2015, 12:00 am IST
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दिंनाक: 23 Nov 2015 14:52:24

गांधी नगर के शंकर नगर स्थित आर.ए. गीता सह-शिक्षा वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए अपने हुनर का प्रदर्शन किया। समारोह में विद्या भारती के अखिल भारतीय महामंत्री डॉ. ललित बिहारी गोस्वामी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे। डॉ. गोस्वामी ने कहा कि विद्यालय सामाजिक निर्माण की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण जरिया है। यह देश के भविष्य को नई दिशा देने का अहम माध्यम है, जहां बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण किया जाता है। संघ संचालक प्राणनाथ ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से संघ की दृष्टि व उद्देश्य परिलक्षित होता है। वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत, नृत्य, विभिन्न प्रान्तों के लोकनृत्य, संस्कृत गीत, काव्यालि, पर्यावरण संरक्षण और सर्वशिक्षा अभियान से संबंधित नाटक सहित कई अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिससे उन्होंने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम की सत्रों में अध्यक्षता समिति के उपाध्यक्ष श्रीराम प्रकाश भाटिया ने की। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार वशिष्ठ, नरसिंह सहरावत, सतीश, रवि, अशोक, विजय, जितेन्द्र चौधरी (निगम पार्षद), महामंत्री उमेश वर्मा सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता, अभिभावक, शिक्षक व विद्यालय कर्मचारियों की उपस्थिति रही।     – प्रतिनिधि

संघ प्रचारक श्री रामजीदास शर्मा का देहदान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री रामजीदास शर्मा ने 7 नवम्बर 2015 को दिल्ली में अपनी नश्वर काया छोड़ दी,वह 85 वर्ष के थे। श्री रामजीदास शर्मा की देह, उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को दान कर दी गयी। इस दान को उनके परिवार, भारतीय मजदूर संघ, दिल्ली के अध्यक्ष श्री बी़ एस़ भाटी, दधीचि देह दान समिति के उपाध्यक्ष श्री सुधीर गुप्ता व दिल्ली दक्षिण क्षेत्र के सह-संयोजक श्री दीपक गोयल ने सम्पन्न कराया।
श्री रामजीदास शर्मा ने संघ के विभिन्न क्षेत्रों में काम किया विभाजन के दु:खदायी दिनों में हिन्दुओं की रक्षा के लिए काम करते हुए उनके पास ही बम फट गया था, जिससे उनके पैर काले पड़ गये थे, जो मृत्यु तक वैसे ही रहे।
उन्होंने पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में काम किया, फिर उन्हें बंगाल के चुनौती भरे क्षेत्र में भारतीय मजदूर संघ के लिए भेज दिया गया। श्री रामजीदास ने 10 वर्ष से अधिक बंगाल में रहकर वहां वामपंथियों के प्रभुत्व से संघर्ष किया व भारतीय मजदूर संघ का काम मजबूत नींव पर खड़ा किया। उनके विस्तृत अनुभवों और योग्यता का लाभ उठाने के लिए उन्हें लखनऊ से दिल्ली बुलाकर भारतीय मजदूर संघ के केंद्रीय कार्यालय का प्रभारी बनाया गया। इस जिम्मेदारी को पूरी उत्कृष्टता के साथ उन्होंने मृत्युपर्यंत निभाया। उन्होंने अपने मूलस्थान पर स्थित अपनी पैतृक संपत्ति भी संघ कार्यालय के लिए दान कर
दी थी। जीवन भर मनसा वाचा कर्मणा वह मातृभूमि के लिए समर्पित रहे और मृत्यु के बाद भी अपनी पूरी देह शिक्षा और अनुसन्धान के लिए मेंडिकल छात्रों को दे गये। उनकी श्रद्धांजलि सभा में पूर्वी दिल्ली के महापौर व दधीचि देह दान समिति के महामंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि श्री रामजी दस शर्मा अपने श्रेष्ठ जीवन के कारण अवश्य ही मुक्त होकर, इस सूर्य मंडल को भेदकर भगवान के परमधाम में निवास कर रहे होंगे, हम सबको उनके जीवन से व मरण से भी प्रेरणा लेनी चाहिए हमारी विनम्र  श्रद्धांजलि! 
-प्रतिनिधि

 

चीन से सतर्क रहें
भारत तिब्बत सहयोग मंच,दिल्ली-एनसीआर द्वारा संकल्प स्मरण दिवस मनाया गया। मंच के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर एकत्रित होकर अपनी आवाज को देश की संसद तक पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में मंच के संरक्षक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश कुमार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि चीन ने जिस तरीके से एक सोची समझी साजिश के तहत 20 अक्तूबर 1962 को भारत पर हमला किया था वह बहुत ही निन्दनीय था। चीन अपनी विस्तारवादी नीतियों के तहत काम कर रहा था और हमारे देश की तत्कालीन सरकार चीन से सम्बन्ध बनाने में लगी हुई थी। श्री इन्द्रेश कुमार ने बताया कि भारत चीन युद्घ के बाद 14 नवम्वर 1962 को हमारे देश की संसद के दोनांे सदनों ने संयुक्त रूप से यह संकल्प लिया था कि चीन द्वारा हथियाई गई भारत की भूमि को जब तक हम वापस नहीं ले लेंगे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। इस कार्य में समय चाहे जितना लगे। परन्तु शायद दुर्भाग्यवश वह संकल्प आज किसी भी सांसद को याद नहीं है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मंच के अध्यक्ष श्री पंकज गोयल ने कहा कि हमारे देश के राजनेताओं एवं सांसदों तथा मीडिया को जवाहरलाल नेहरू का जन्म दिन तो मनाना खूब याद रहता है लेकिन उसी दिन 14 नवम्बर को लिया गया यह संकल्प याद नहीं रहता। भारत तिब्बत सहयोग मंच के कार्यकर्ता इस संकल्प को याद दिलाने का हरसम्भव प्रयास कर रहे हंै।
वक्ताओं ने कहा कि तिब्बत की आजादी, कैलाश मानसरोवर की मुक्ति एवं भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ पूर्ण रूप से समर्पित होकर सभी को काम करना चाहिए। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हर सम्भव प्रयास करते रहना चाहिए। कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री मनिन्दर सिंह धीर भी उपस्थित रहे। श्री धीर ने  चीन की कूटनीति से सर्तक रहते हुए भारत को एशिया महाद्वीप में स्वयं को एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित करना चाहिए।     ल्ल प्रतिनिधि

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