| दिंनाक: 03 Jan 2015 15:15:11 |
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आवरण कथा :
मनोज श्यामलन
उपलब्धि-वर्ष 2008 में श्यामलन को भारत सरकार द्वारा पदम्श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया
भारत से नाताख- भारत में जन्मे, अब फिल्म निर्देशक बनकर विदेश मंे देश का नाम कर रहे हैं
भविष्य का सपना-ज्करना व उपन्यास लेखन का कार्य जारी रखना
भारतीय विषयों को उठाया नोज श्यामलन (एम. नाइट. श्यामलन) का जन्म 1970 में पुद्दुचेरी के माहे में हुआ, वे अब अमरीका मेंं भारतीय मूल के फिल्म निर्माता, निर्देशक व कथा लेखक के रूप में अपनी धाक जमा रहे हैं। वर्ष 2008 में श्यामलन को भारत सरकार द्वारा पदम्श्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
श्यामलन की बड़ी बहन वीना के जन्म के बाद ही उनका परिवार अमरीका जाकर बस गया था, लेकिन उनके जन्म के समय मां जयालक्ष्मी वापस चैन्ने लौट आई थीं और जन्म के छह सप्ताह बाद तक श्यामलन पुद्दुचेरी में ही रहे। अभी वे पेन्सिलवेनिया के विलिसटाउन में रहते हैं। 1988 में श्यामलन ने न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से 'स्कॉलरशिप' प्राप्त की। पढ़ाई के दौरान ही उनका दूसरा नाम 'नाइट' पड़ा। उन्होंने शुरुआत में ही निर्णय कर लिया था कि उन्हें आगे फिल्म जगत से जुड़ना है और युवा अवस्था में ही सुपर-8 कैमरा खरीद लिया था। 17 वर्ष की उम्र में ही वे स्टीवन स्पीलबर्ग के जबरदस्त प्रशंसक बन गए, जो कि 45 फिल्में बना चुके थे। श्यामलन ने न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान पहली फिल्म 'प्रेइंग विद एंजर' दोस्तों और परिवार के सहयोग से बनाई थी। उनकी दूसरी फिल्म थी 'वाइड अवेक' जिसके लिए उन्हें 1999 का 'यंग आर्टिस्ट अवार्ड' दिया गया। 1999 में आई उनकी फिल्म 'सिक्स्थ सेंस' के लिए उन्हें बेहतर फिल्म और बेहतर निर्देशक का पुरस्कार दिया गया। फिल्म समीक्षकों द्वारा उस फिल्म को खूब सराहा गया था। इस फिल्म को बाद में छह अकादमी पुरस्कार की श्रेणी में नामांकन प्राप्त हुआ जिससे सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ कथानक शामिल हैं। इसके अलावा 2000 में आई 'अनब्रेकेबल', 2002 में 'साइन', 2004 में 'दा विलेज', 2006 में 'लेडी इन दा वाटर', 2010 में 'दा लास्ट अरबेंड और 2013 में 'ऑफ्टर अर्थ' प्रदर्शित हो चुकी है। श्यामलन ने मनोचिकित्सक भावना वासवानी से विवाह किया और उनके तीन बच्चे हैं। इनकी अपनी प्रोडक्शन कंपनी 'बलिनडिंग ऐज पिक्चर्स' है।