| दिंनाक: 28 Jun 2014 15:13:17 |
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आखिर अमरीका ने इराक में अपनी सेना को तैनात कर ही दिया। कहा जा रहा है कि ये अमरीकी सैनिक इराकी सैनिकों को उचित सलाह देंगे। यह सब अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी की बगदाद यात्रा के बाद हुआ है। केरी के जरिए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इराकी सरकार को यह भी कहा कि वह देश के सभी समुदायों को साथ लेकर जिहादियों को मार भगाए। इसके बाद इराक में मिली-जुली सरकार की मांग उठी। ऐसी मांग करने वालों का कहना है कि मिली-जुली सरकार में शिया और सुन्नी समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हों। लेकिन इराकी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी,जो शिया हैं, ने मिली-जुली सरकार की मांग को खारिज कर दिया है। जानकारों का मानना है कि इससे इराक संकट और गहरा सकता है,क्योंकि सुन्नी खुलकर सरकार की मदद नहीं करेंगे। जो जिहादी इराक में मार-काट कर रहे हैं वे सुन्नी फिरके से आते हैं।