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दादरी – मुजफ्फरनगर में भाजपा नेताओ की हत्या
उत्तर प्रदेश सरकार की छत्रछाया में अपराधी फलफूल रहे हैं, इसका प्रमाण पहले दिन से लेकर आज तक सबके सामने हैं। अभी बदायूं में दो नाबालिगों के साथ बलात्कार के बाद उनकी हत्या का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि दादरी में भाजपा नेता विजय पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के पीछे भी समाजवादी पार्टी के एक नेता का हाथ होने की आशंका जताई गई है। दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर में भी एक पूर्व फौजी व भाजपा नेता को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पहली घटना ग्रेटर नोएडा के दादरी की है। भाजपा नेता विजय पंडित (37) जून की रात अपने भाई की दुकान से पैदल घर लौट रहे थे। तभी तहसील के निकट मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए बदमाशों ने उन पर गोलियां चलाकर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घायल नेता को गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। भाजपा नेता की मौत से गुस्साए क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने पुलिस बूथ और वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान भीड़ ने जमकर पत्थरबाजी भी की और राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे दिल्ली-अलीगढ़-कानपुर जाने वाला यातायात ठप हो गया। हत्या के रोष में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी आवास पर प्रदर्शन भी किया और दादरी के पुलिस उपाधीक्षक अनुज चौधरी को हटा दिया गया। उधर भाजपा नेता की हत्या के मामले में उनकी पत्नी व दादरी नगरपालिका की अध्यक्ष गीता पंडित ने आरोप लगाया है कि 2011 में नगरपालिका का चुनाव जीतने के बाद से ही उनके पति को धमकियां मिलनी शुरू हो गईं थीं। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी महेश शर्मा का प्रचार करने पर उन्हें बदमाश अनिल दुजाना ने फोन पर प्रचार से हटने की धमकी भी दी थी। गत 2 अप्रैल को उसके खिलाफ दादरी कोतवाली में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि हत्यारों को सपा नेता का संरक्षण प्राप्त था जिसने विजय पंडित की हत्या करवाई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर देवेन्द्र चौहान ने तनावग्रस्त दादरी क्षेत्र का मुआयना किया और पुलिस की नाकामी को स्वीकार करते हुए कहा कि पुलिसिया कार्यशैली की जांच की जाएगी और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने पुरानी रंजिश बताते हुए मामले का पर्दाफाश करने का दावा किया है। इस संबंध में तीन लोगों को हथियार व मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपी की पुलिस तलाश कर रही है।
दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर में भाजपा नेता ओमवीर सिंह (45) की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सेना में हवलदार रहे ओमवीर सिंह ने बदमाशों पर गोली चलाकर जवाबी कार्रवाई की, लेकिन वे स्वयं को न बचा सके। जानकारी के मुताबिक मीरापुर कस्बे के भाजपा नगर उपाध्यक्ष ओमवीर अपने गांव नंगला खेड़ा से खेतों की तरफ जा रहे थे, तभी पहले से वहां घात लगाए बदमाशों ने ताबड़तोड़ तीन गोलियों से उन पर हमला कर दिया। ओमवीर की जवाबी कार्रवाई में गोली से एक बदमाश भी घायल हो गया। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें पांच और गोली मार दीं जिससे ओमवीर ने दम तोड़ दिया। बदमाश उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर और अपने साथी को लेकर मौके से फरार हो गए। भाजपा नेता की हत्या से गुस्साए लोगों ने मेरठ और पानीपत मार्ग पर जाम लगा दिया और बाजार बंद करवा दिए गए। पुलिस ने इस प्रकरण में जमीनी विवाद के चलते एक हमलावर मोनू को मोदीपुरम से गिरफ्तार किया, जो कि अस्पताल में उपचार करा रहा था। ल्ल अजय मित्तल
वरिष्ठ प्रचारक राकेश कुमार का निधन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक आनुषांगिक संगठन 'सीमा जागरण मंच' के राष्ट्रीय संगठन मंत्री और वरिष्ठ प्रचारक श्री राकेश कुमार का सड़क दुर्घटना में 12 जून को निधन हो गया। जैसलमेर से जोधपुर आते समय सोडाकोर ग्राम के पास वाहन के पलटने से यह दुर्घटना हुई। उनके साथ यात्रा कर रहे 'सीमाजन कल्याण समिति', जैसलमेर के संगठन मंत्री श्री भीक सिंह का भी निधन हो गया। श्री राकेश कुमार मूलत: लुधियाना के थे। सीमा जागरण में दायित्व सम्भालने से पूर्व वे जम्मू-कश्मीर प्रान्त के प्रान्त प्रचारक थे। पिछले वर्ष आयोजित 'सरहद को प्रणाम' कार्यक्रम में उनकी महती भूमिका रही थी। वे अपनी संगठनात्मक कार्यशैली, मिलनसार व्यवहार और मृदुभाषी बोली के कारण कार्यकर्ताओं के बहुत प्रिय थे। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में 13 जून को किया गया। इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे। पाञ्चजन्य परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित है। ल्ल प्रतिनिधि











