| दिंनाक: 09 Jun 2014 16:39:29 |
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अमरीका में इन दिनों राष्ट्रपति बराक ओबामा की कार्यशैली की बड़ी निन्दा हो रही है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में ओबामा ने अपने एक सार्जेन्ट बो बर्गडैल की रिहाई के बदले तालिबान के पांच आतंकवादियों को ग्वाटेनामो बे जेल से छोड़ा है। छोड़े गए आतंकवादी हैं-मोहम्मद फजल,खिराउल्ला खैरख्वा,अब्दुल हक वसिक,मुल्ला नुरुल्लाह नूरी और मोहम्मद नबी ओमरी। इस फैसले की अमरीकी सेना के कई अधिकारियों और रिपब्लिकन सांसदों ने आलोचना की है। उनका कहना है कि इस निर्णय से आतंकवादियों का मनोबल बढ़ेगा और अमरीकी सेना अफगानिस्तान में और अधिक खतरा महसूस करेगी। पता हो कि 2009 में अफगानिस्तान में तालिबान के हक्कानी नेटवर्क ने बो बर्गडैल का अपहरण कर लिया था। तभी से वे आतंकवादियों के कब्जे में थे। कहा जा रहा है कि आतंकवादियों ने उन्हें पाकिस्तान की सीमा के अन्दर रखा था। अमरीका बर्गडैल की रिहाई के लिए कोशिश करता रहा,पर वह सफल नहीं हो पाया। बर्गडैल की रिहाई के बदले आतंकवादियों को छोड़ने का मुद्दा इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ रहा है कि वे 2009 से अपनी सेना से नाराज थे। नाराजगी के दौरान ही एक दिन वे जानबूझकर छावनी से बाहर हो गए थे। उसके कुछ समय बाद ही उन्हें तालिबान के आतंकवादियों ने पकड़ लिया था। अमरीकी फौज बर्गडैल को भगोड़ा मानती है और उन पर मुकदमा चलाना चाहती है।