| दिंनाक: 21 May 2014 12:00:11 |
|
बाजार की मांग को देखते हुए कहा जा सकता है कि जितने प्रोफेशनल्स की जरूरत है, उस हिसाब से पूर्ति नहीं हो पा रही है। आजकल गहनों का आयात भी खूब हो रहा है तथा समय के साथ हॉल मार्किंग की सुविधा बढ़ रही है। इससे लोगों का आकर्षण और बढ़ता जा रहा है। काम की अधिकता के चलते आज स्थिति यह है कि अधिकांश प्रोफेशनल्स किसी एक संस्था से न जुड़कर कई जगह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस क्षेत्र में सफल होने के लिए छात्रों को अपने अंदर रचनात्मकता का गुण लाना होगा, तभी वे आगे चलकर सफल हो सकते हैं।
– ऋतु गुलाटी, प्रमुख, ज्वेलरी डिजाइनिंग एंड इनोवेशन एकेडमी, नोएडा
प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान
ल्ल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ जेमोलॉजी,
ईस्ट पार्क रोड, करोल बाग, नई दिल्ली-05I
वेबसाइट – ६६६.्र्रॅिीह्णँ्र.ूङ्मे
ल्ल आर्क जेमोलॉजी एंड ज्वेलरी इंस्टीट्यूट,
9, मालवीय नगर, इंस्टीट्यूशनल एरिया, जयपुर, राजस्थान
वेबसाइट – ६६६.ं१ूँीि४.ूङ्मे
ल्ल इनसाइन द ज्वेल डिजाइन इंस्टीट्यूट,
सिटी टॉवर, नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा, नई दिल्ली-110088
वेबसाइट -६६६.ील्ल२्रॅल्ल.्रल्ल
ल्ल द जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया,
29, गुरुकुल चैंबर्स, मुंबादेवी रोड, मुंबई-400002
वेबसाइट – ६६६.्र्रॅिीह्णँ्र.ूङ्मे
ल्ल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नालॉजी (निफ्ट),
निफ्ट कैंपस, हौजखास, नई दिल्ली-05
वेबसाइट – ६६६.ल्ल्रा३्रल्ल्रिं.ूङ्मे
ल्ल अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी,
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
वेबसाइट -६६६.ंे४.ंू.्रल्ल