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अतिरिक्त उग्रवादी घटनाओं में वृद्धि होने की आशंका बढ़ने लगी है। केन्द्र में होने जा रहा सत्ता परिवर्तन इसकी एक बड़ी वजह बताया जा रहा है। इसे भांपते हुए अभी से कश्मीर में मोदी विरोधी प्रचार शुरू हो गया है।
कश्मीर में अभी से अलगाववादियों के माथे पर चिंता की रेखाएं स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी हैं। इस कारण वे बौखलाहट में तथ्यहीन बातें कर भययुुक्त वातावरण का निर्माण करने लगे हैं। कश्मीर से जुड़े लोगों का मानना है कि यह कोई नई बात नहीं है, जब कभी भी सत्ता परिवर्तन होता है तो अलगाववादी स्वर घाटी में तेजी से उभरने लगते हैं। भ्रष्टाचारियों को जेल भेजने वाली नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेताओं की बातों का भी अलगाववादियों के दिल-दिमाग पर असर पड़ रहा है क्योंकि भ्रष्टाचार के मामले में भी जम्मू-कश्मीर काफी ऊपर है। इसी कारण नरेन्द्र मोदी को खतरे की दृष्टि से देखा जाने लगा है। इसी क्रम में आतंकी घटनाएं बढ़ रही हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
आंकड़ों के मुताबिक गत तीन वर्षों में 75 एफआईआर अलगाववादियों के खिलाफ दर्ज की गईं हैं। मामले दर्ज होने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर, उल्टे उन्हें हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
गुप्त सूत्रों की मानें तो सेना और पुलिस को निर्देश है कि वे आतंकवादियों के गोली चलाने पर ही उन पर जवाबी कार्रवाई करें। सरकार की गलत नीतियों की वजह से सेना और पुलिस के जवान आतंकियों की गोली से शहीद
हो रहे हैं। * विशेष प्रतिनिधि
हिसार में सतरोल खाप पंचायत ने दी अंतरजातीय विवाह की मंजूरी
समाज में बदलते परिवेश को देखते हुए हिसार में जाट समुदाय की सतरोल खाप पंचायत ने अंतरजातीय विवाह से आपत्ति हटा ली है। सतरोल खाप पंचायत के अंतर्गत करीब 42 गांव आते हैं जिनमें पहले आपस में विवाह नहीं होते थे और अब वे एक-दूसरे के गांव में विवाह कर सकेंगे।
अंतरजातीय विवाह की मंजूरी को ऐतिहासिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि करीब 650 साल बाद इस तरह का बदलाव किया गया है। लेकिन लड़के-लड़की को समगोत्र, गांव और गांव की सीमा वाले पड़ोसी गांव में विवाह करने की अनुमति नहीं होगी।
गत 20 अप्रैल को हिसार के नारनौंद गांव में सतरोल खाप की महापंचायत हुई थी जिसमें यह फैसला लिया गया। सतरोल खाप के प्रधान सूबेदार इंद्र सिंह मोर ने महापंचायत में कहा कि उनका समाज कुछ पुरानी रीतियों के कारण पिछड़ रहा था, इसीलिए अंतरजातीय विवाह को मंजूरी देने के लिए पुराने नियम में बदलाव किया गया, जो कि सभी की सम्मति और सम्मान को ध्यान में रखकर किया गया है। वहीं दिल्ली की पालम 360 खाप पंचायत के अध्यक्ष चौ. रामकरण सोलंकी का कहना है कि युवा पीढ़ी आज के दौर में यदि माता-पिता के गोत्र, गांव और पड़ोस को छोड़कर विवाह करे तो समाज में आएदिन प्रेम-विवाह को लेकर होने वाली हिंसा अपने-आप ही समाप्त हो जाएगी। * प्रतिनिधि











