| दिंनाक: 25 Mar 2014 14:18:16 |
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गत 18 मार्च को विश्व हिन्दू परिषद् का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमण्डल चुनाव आयोग से मिला। यह प्रतिनिधिमण्डल संप्रग सरकार की मुस्लिम तुष्टीकरण की नीति और चुनाव आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने हेतु गया था। विहिप का कहना है कांग्रेसनीत संप्रग सरकार ने 5 मार्च, 2014 को एक अधिसूचना के द्वारा दिल्ली के महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित 123 सम्पत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड के हवाले करने का जो निर्णय लिया है वह न केवल अवैधानिक है, अपितु आदर्श चुनाव आचार संहिता का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन भी है। इन सम्पत्तियों में वायुसेना के वायरलेस स्टेशन व उप-राष्ट्रपति निवास में स्थित सम्पत्ति भी शामिल है। इनकी संवेदनशीलता पर भी विचार न करते हुए जिस अफरातफरी में यह अधिसूचना जारी की गई, उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि इस आदेश का एकमात्र उद्देश्य मुस्लिम वोट बैंक को आकर्षित करना है। इस वोट बैंक को लुभाने के लिए यह सरकार इतनी उतावली हो रही थी कि वह यह भी विचार नहीं कर पाई कि उसी दिन आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई थी और सरकार का यह निर्णय चुनाव आयोग के आदेश का सीधा-सीधा उल्लंघन है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश सिंहल के नेतृत्व में गए इस प्रतिनिधिमण्डल में संगठन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री चम्पत राय, केन्द्रीय मंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक अग्रवाल, प्रान्त महामंत्री श्री रामकृष्ण श्रीवास्तव व प्रान्त मीडिया प्रमुख श्री विनोद बंसल भी शामिल थे। ल्ल प्रतिनिधि