सीबीआई की ढिलाई
September 1, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

सीबीआई की ढिलाई

Written byArchiveArchive
Nov 17, 2012, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 17 Nov 2012 15:25:56

 

जूना अखाड़े की शाही यात्रा के प्रवेश से शुरू हुई कुम्भ की चहलकदमी

प्रयाग/ प्रतिनिधि

कुम्भ नगरी प्रयाग में देश के सबसे बड़े जूना अखाड़े के सन्तों व महन्तों ने दर्जनों हाथी, घोड़े, ऊंट बैण्ड-बाजे व ध्वज-पताका के साथ शाही अंदाज में गत 11 नवम्बर को प्रवेश किया। इस शाही यात्रा की शुरुआत तेलियरगंज स्थित प्रिंटिंग टेक्नालॉजी प्रशिक्षण केन्द्र से हुई। इस शाही यात्रा की अगवानी ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती व काशी सुमेरु पीठाधीश्वर नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज ने की।

इस शोभा यात्रा में जूना अखाड़े के महन्त अपने आराध्य देव दत्तात्रेय और ध्वज-पताका लिये आगे-आगे बढ़ रहे थे तो साजो-सामान से सुसज्जित रथ में विराजमान ज्योर्तिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य वासुदेवानन्द सरस्वती व नरेन्द्रानन्द्र सरस्वती को अगवानी करते देख लग रहा था जैसे स्वर्गलोक से देवगण मृत्युलोक पर पधारे हैं। यात्रा को देखने के लिए निश्चित मार्गों पर भक्तजनों का तांता लगा रहा। चारों तरफ हो रहे प्रभु की जयकारों से पूरा आकाश गुंजायमान था।

इस अवसर पर सुमेरू पीठाधीश्वर नरेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि कुम्भ की परम्परा प्राचीन है। कुम्भ के निमित्त जब सन्त प्रयाग में प्रवेश करते थे तो उस समय के राजा-रजवाड़े शाही अंदाज में सन्तों-महन्तों का स्वागत करते थे। श्री सरस्वती ने आगे कहा कि गंगा की स्थिति बहुत ही खराब है। प्रशासन ने अगर समय रहते गंगा में स्वच्छ और पर्याप्त जल की व्यवस्था नहीं की तो सन्त समाज आन्दोलन करने को मजबूर होगा।

जूना अखाड़े के राष्ट्रीय मंत्री महंत हरिगिरि जी महाराज ने बताया कि यह यात्रा वर्ष 2010 में हुए हरिद्वार कुम्भ से चल रही है। एक कुम्भ समाप्त होने के बाद जहां अगला कुम्भ होता है, वहां यह यात्रा चल देती है। प्रयाग के बाद यह यात्रा 2016 में उज्जैन कुम्भ को पैदल प्रस्थान कर जाएगी।

यात्रा में आये अखाड़े के सन्त मौज गिरि आश्रम में 17 दिसम्बर,2012 तक रहेंगे। वहां से 18 दिसम्बर को साज-सज्जा के साथ कुम्भ क्षेत्र में शाही स्नान के लिए प्रवेश करेंगे।

सीबीआई की ढिलाई के चलते ताज कारीडोर मामले में भले ही मायावती को राहत मिल गई हो लेकिन मायाराज के घोटालों की कथा का अंत नहीं है। इससे लगता है कि मायाराज में घपलों-घोटालों के अलावा कुछ भी नहीं हुआ। अब एक-एक कर उन घपलों-घोटालों पर से पर्दा उठ रहा है। बहुजन समाज के नेताओं के नाम पर स्मृति स्थलों और पाकर्ों के निर्माण में हुए घपले, 21 चीनी मिलों की औने-पौने दामों पर हुई बिक्री में घोटाला, मायावती को बतौर मुख्यमंत्री मिले आवास में हुई आर्थिक अनियमितता जैसे बहुचर्चित किस्सों के अलावा अब लैकफेड मामला तूल पकड़ रहा है। यह मामला है लैकफेड (श्रम निर्माण एवं सहकारी संघ लिमिटेड) के घोटाले का। तत्कालीन मायावती सरकार में विकास कार्यों के संपादन के लिए इस संस्था का गठन किया गया था। मई, 2010 तक यह एजेंसी 10 लाख रुपये तक के काम ठेके पर कराती थी। बाद में इसे ही राजकीय निर्माण एजेंसी बनाया गया। कहा गया कि इसी के माध्यम से राज्य में सारे निर्माण कार्य होंगे। इससे पहले लोक निर्माण विभाग और राजकीय निर्माण निगम सारे काम करवाते थे। जब लैकफेड को राजकीय निर्माण एजेंसी बनाने का प्रस्ताव आया तो इन दोनों विभागों ने अपनी रपट में साफ लिखा था कि यह एजेंसी मानकों को पूरा नहीं कर रही है। कहा गया कि इसके संसाधन अपूर्ण हैं। पर किसी राज्य में पहला ऐसा मौका रहा है कि किसी एजेंसी को राजकीय निर्माण एजेंसी बनाने के लिए भी कमीशन लिया गया हो। लैकफेड को राजकीय निर्माण एजेंसी बनाने के लिए 43 लाख रुपये का कमीशन लिए जाने की बात सामने आयी है। तत्कालीन मुख्य सचिव भी इस लेपेटे में आ गए हैं। जांच की आंच उन तक भी पहुंच रही है। लैकफेड जैसी केंद्रीय निर्माण एजेंसी के गठन के पीछे की मंशा थी कि घोटाला करने में एक ही एजेंसी से सौदा किया जा सके। हुआ भी यही। इस एजेंसी के गठन के साथ ही एक साथ नौ सरकारी विभागों ने इसे निर्माण का ठेका दे दिया। आरोप है कि हर मंत्रालय के मंत्री को इसकी बदले 8 से 10 प्रतिशत का अग्रिम कमीशन दिया गया।

उल्लेखनीय है कि 2010 में लैकफेड गठन हुआ था। थोड़े ही समय में इसे 300 करोड़ रुपए का ठेका मिल गया। कमीशन की जमकर बंदरबाट हुई और जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम देखने को नहीं मिला। आरोप है कि सरकार ने तत्कालीन पंचायती राज मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को पिछड़ा क्षेत्र मदद योजना में 143 करोड़ रुपए आवंटित कर दिये। इसका ठेका तत्काल लैकफेड को दे दिया गया। आरोप है कि मंत्री जी को 8 से 10 प्रतिशत तक कमीशन मिला। इसी प्रकार राज्य में आईटीआई के निर्माण और मरम्मत आदि के लिए इस विभाग के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण के विभाग को 31 करोड़ रुपए दिए गए। माया सरकार के सबसे ताकतवर मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के विभाग को रासायनिक प्रयोगशालाओं के निर्माण, 15 पोस्टमार्टम घरों को बनाने के लिए 12 करोड़ रुपये दिए गए। इसी क्रम में मंत्री नंद गोपाल 'नंदी' के विभाग को डेढ़ करोड़ रुपए, अवध पाल सिंह यादव के पशुपालन विभाग को 68 लाख रुपये, परिवार कल्याण मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के विभाग को 53 करोड़ रुपये, मंत्री सदल प्रसाद के विभाग को 11 करोड़ रुपये, अनीश अहमद उर्फ फूल बाबू के विभाग को 18 करोड़ रुपए, रंगनाथ मिश्र के विभाग को भी 18 करोड़ रुपये निर्माण कार्य के लिए दिए गए। अन्य विभागों को भी करोड़ों रुपये का आवंटन किया गया। पर मंत्रियों को कमीशन मिलने के बाद भी संबंधित विभागों को मिले धन से धरातल पर कोई ठोस काम देखने को नहीं मिला।

लैकफेड में इस घोटाले की चर्चा तो माया सरकार में ही शुरू हो गई थी, लेकिन उसका खुलासा हुआ नई सपा सरकार के गठन के बाद ही। अब तक 300 से 350 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आ चुकी है। इस मामले में सपा सरकार ने पुलिस के सहकारिता प्रकोष्ठ को जांच का जिम्मा सौंपा था। प्रकोष्ठ की ओर से गठित विशेष जांच टीम ने खोजबीन शुरू की तो बड़ों-बड़ों के नाम सामने आए। पूर्व मंत्री बादशाह सिंह इसी मामले में गिरफ्तार किए गए। एक अन्य पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र इस मामले को उच्चतम न्यायालय ले गए, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। अब वह फरार घूम रहे हैं। बाकी मंत्रियों को जांच टीम ने बुलाया तो कई ने आनाकानी की और जो सामने आ भी रहे हैं वे भी खानापूर्ति कर रहे हैं। प्राय: सभी का कहना है कि नई सपा सरकार के गठन के बाद अब उन्हें उन्हीं से संबंधित विभाग सहयोग नहीं कर रहे हैं जिसके कि वे मंत्री थे। एक पूर्व मंत्री ने तो यहां तक कहा कि उस समय के दस्तावेजों को प्राप्त करने के लिए उन्होंने संबंधित विभाग में आरटीआई लगा रखी है।

बहरहाल विशेष जांच टीम ने तीन माह की जांच के बाद एक लम्बा-चौड़ा आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस आरोप पत्र में अब तक गिरफ्त में आए पूर्व मंत्री बादशाह सिंह के अलावा सात अधिकारी और अभियंता  शामिल हैं। इनमें लैकफेड के पूर्व अध्यक्ष सुशील कटियार, पूर्व जन संपर्क अधिकारी प्रवीण सिंह, पूर्व महाप्रबंधक पंकज चतुर्वेदी (इन्हें जमानत मिल चुकी है), पूर्व मुख्य अभियंता जी.एस. श्रीवास्तव, पूर्व वित्त एवं लेखाधिकारी अनिल अग्रवाल, पूर्व अधिशासी अभियंता डीके साहू और पूर्व महाप्रबंधक बीपी सिंह के नाम शामिल बताए जाते हैं।

अब चीनी मिलों की बिक्री में घोटालों की भी जांच होगी। माया सरकार में औने-पौने दामों पर बेची गई 21 चीनी मिलों में हुए घोटाले की जांच करवाने से कतरा रही अखिलेश सरकार को अंतत: इस मामले की जांच करवाने का फैसला करना ही पड़ा। इनकी बिक्री में कैग (नियंत्रक एवं महा लेखा परीक्षक) ने 1179.84 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की बात कही थी। उस रपट में यहां तक कहा गया कि कई मिलों को उनकी जमीन और मशीनरी की कीमत से भी कम दामों पर बेचा गया। सपा ने चुनाव प्रचार के दौरान इस मामले की जांच कराने का वादा किया था, लेकिन सरकार में आने के बाद वह उससे पीछे हट गई। कारण बताते हैं कि माया सरकार के करीबी रहे शराब व्यवसायी पोंटी चड्ढा ने सपा सरकार को भी साध लिया था। पर कैग की रपट के अनुसार चीनी मिलों को दो कंपनियों 'वेव इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड' और 'पीबीएस फूड प्राइवेट लिमिटेड' को बेचा गया था। ये दोनों ही कंपनियां प्रत्यक्ष-परोक्ष रूप से पोंटी चड्ढा के प्रभुत्व वाली बताई गईं। पर जांच के लिए छह माह तक आनाकानी की गई तो जनता और मीडिया में इसकी निंदा होने लगी। अंतत: सरकार को दबाव में जांच कराने का फैसला लेना पड़ा। हालांकि जांच राज्य के लोकायुक्त ही करेंगे।

मराठवाड़ा में मुसलमीन की दस्तक

महाराष्ट्र/ द.बा.आंबुलकर

महाराष्ट्र के नांदेड़ महानगर निगम के पिछले दिनों आए चुनाव परिणाम सभी राजनीतिक दलों को चौंकाने वाले रहे। नांदेड़ के मुस्लिमबहुल इलाकों में कांग्रेस को तो मुंह की खानी ही पड़ी, लेकिन अन्य दलों की ओर न जाकर मुस्लिम समाज मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) से जुड़ गया, और पहली बार में ही 11 स्थान जीतकर एमआईएम ने राज्य के मराठवाड़ा संभाग में भारी उलटफेर कर दिया।

उल्लेखनीय है कि मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन का गठन हैदराबाद में स्वाधीनता पूर्व काल में विशेष तौर पर किया गया था ताकि उस समय तक 'आजाद' हैदराबाद रियासत का स्वाधीन भारत में विलय न हो। इस मुद्दे पर एमआईएम ने कड़ा विरोध भी जताया था, पर सरदार वल्लभ भाई पटेल के सामने वह सारे प्रयास विफल रहे। स्वाधीनता के बाद एमआईएम ने अपने आपको राजनीतिक दल के रूप में परिवर्तित कर तथा हैदराबाद को अपना केन्द्र बनाते हुए अपनी गतिविधियां जारी रखीं। हैदराबाद के मुस्लिमबहुल इलाके से इस समय इस दल का एक सांसद, सात विधायक तथा हैदराबाद-सिकंदराबाद महानगर निगम में 43 पार्षद हैं। इस दृष्टि से इस राजनीतिक दल के वजूद को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

इस बार पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में पहुंच बनाने के लिए एमआईएम ने एक योजना के तहत प्रयास किये थे। नांदेड़ महानगर निगम के चुनाव के प्रचार के दौरान ही यह बात खासतौर पर प्रचारित की गयी थी कि कांग्रेस को मुसलमानों और उनके कल्याण में कोई लेना-देना नहीं है और कांग्रेस सिर्फ मुसलमानों के वोटों का लाभ उठाने की ही राजनीति करती है। एमआईएम द्वारा मुसलमानों को कांग्रेस के खिलाफ मतदान करने का प्रचार दोहरा रंग लाया। एक ओर जहां कांग्रेस को मुसलमानों के एकमुश्त वोटों से पहली बार हाथ धोना पड़ा, वहीं दूसरी ओर महानगर निगम में एक मुस्लिम दल पहली बार बड़ी संख्या में अपने पार्षद जिताकर लाने में सफल रहा है। एमआईएम चुनाव प्रचार में इस बात को भी बढ़ा चढ़ाकर पेश किया कि विगत कुछ महीनों में मराठवाड़ा के औरंगाबाद, बीड़, परभणी तथा नांदेड़ के मुस्लिम युवाओं को कथित रूप से आतंकवाद से जोड़ा गया। इस प्रचार का साथ भी एमआईएम के स्थानीय मुसलमानों ने दिया। यह तो स्पष्ट है कि महाराष्ट्र के मुम्बई एवं पुणे महानगरों के अलावा राज्य के मराठवाड़ा विभाग के कुछ प्रमुख नगरों में इस्लामी आतंकवादी तथा उनके समर्थक तत्वों ने अपनी पैठ जमा ली है। इस सारे परिदृश्य में एमआईएम के नांदेड़ से पहली बार चुनाव लड़ने और पहली बार में ही 11 सीटें जीतने के दूरगामी परिणाम देखे जा रहे हैं। यह इस बात का भी संकेत है कि महाराष्ट्र के मुसलमान कांग्रेस से दूर जा रहे हैं, और यह भी कि वे अब अधिक कट्टर हो रहे हैं।

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

'नॉन-मेडिकल' ब्रांच से बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल बनीं शक्ति शर्मा।

कौन हैं शक्ति शर्मा, जिन्होंने भारतीय वायुसेना में रचा इतिहास, ‘नॉन-मेडिकल’ ब्रांच से बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल

भारतीय नौसेना ने 31 अगस्त 2026 को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में निस्टार श्रेणी के दूसरे डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) आईएनएस निपुण को शामिल किया

आईएनएस निपुण: समुद्र की गहराइयों में भारत का स्वदेशी ‘संकटमोचक’

 वंदे मातरम् कुछ अज्ञात तथ्य

अवैध पटाखा फैक्ट्री के गोदाम पर चला बुलडोजर

अवैध पटाखा फैक्ट्री के गोदाम पर चला बुलडोजर, पुलिसकर्मी निलंबित

पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में 10वीं-12वीं पास के लिए सरकारी नौकरियां, 18 सिंतबर तक करें आवेदन

स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर को जौहर में कायरता दिखी, लेकिन खिलजी के कनीज बाजार और ‘जौहर क्यों हुआ’ के सच पर खामोशी क्यों?

Load More

ताज़ा समाचार

'नॉन-मेडिकल' ब्रांच से बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल बनीं शक्ति शर्मा।

कौन हैं शक्ति शर्मा, जिन्होंने भारतीय वायुसेना में रचा इतिहास, ‘नॉन-मेडिकल’ ब्रांच से बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल

भारतीय नौसेना ने 31 अगस्त 2026 को मुंबई के नौसेना डॉकयार्ड में निस्टार श्रेणी के दूसरे डाइविंग सपोर्ट वेसल (डीएसवी) आईएनएस निपुण को शामिल किया

आईएनएस निपुण: समुद्र की गहराइयों में भारत का स्वदेशी ‘संकटमोचक’

 वंदे मातरम् कुछ अज्ञात तथ्य

अवैध पटाखा फैक्ट्री के गोदाम पर चला बुलडोजर

अवैध पटाखा फैक्ट्री के गोदाम पर चला बुलडोजर, पुलिसकर्मी निलंबित

पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में 10वीं-12वीं पास के लिए सरकारी नौकरियां, 18 सिंतबर तक करें आवेदन

स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर को जौहर में कायरता दिखी, लेकिन खिलजी के कनीज बाजार और ‘जौहर क्यों हुआ’ के सच पर खामोशी क्यों?

कांग्रेस ने अपनी वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद वंदे मातरम् के शुरआती दो ही छंद गाने का निर्णय लिया है

तुष्टीकरण की राजनीति का अंत कब ?

Canada: RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत जी बोले- हिंदू को भाषा, पूजा या जीवनशैली से नहीं बांधा जा सकता

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर- मंतर प्रदर्शन की सभी FIR रद्द कीं, CJP ने 5 सितंबर का प्रोटेस्ट लिया वापस

BJP का आरोप: राहुल गांधी देवभूमि की सामाजिक संस्कृति समझे बिना कर रहे ‘विभाजनकारी राजनीति’

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies