देहदान-अंगदान आज की सबसे बड़ी जरूरत
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नई दिल्ली में दधीचि देहदान समिति का 22वां देहदानियों का उत्सव
–सुशील मोदी, उपमुख्यमंत्री, बिहार
दधीचि देहदान समिति के तत्वावधान में गत 29 जुलाई को नई दिल्ली में देहदानियों का 22वां उत्सव सम्पन्न हुआ। इसमें 49 देहदानियों के परिजनों को सम्मानित किया गया। साथ ही इस अवसर पर 125 लोगों ने देहदान एवं अंगदान का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सुशील मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्यसभा सांसद श्रीमती स्मृति ईरानी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री आलोक कुमार भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में श्री सुशील मोदी ने कहा कि आज भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता यह है कि लोग बड़ी संख्या में देहदान और अंगदान के लिए आगे आएं, ताकि प्रतिवर्ष लाखों लोगों को जीवनदान मिल सके। उन्होंने कहा कि लोग अंगदान नहीं करते इसलिए ही अंगों का अवैध कारोबार होता है, यदि हम चाहते हैं कि यह कारोबार बंद हो तो हमें अंगदान और देहदान के लिए आगे आना होगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत ऋषि दधीचि जैसे महान देहदानी का देश है। यहां परोपकार और लोक कल्याण के लिए अपना सर्वस्व त्यागने की प्राचीन परम्परा रही है। हमें उसी परम्परा को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि समाज के सम्पन्न तथा प्रभावशाली लोगों को देहदान तथा अंगदान के लिए स्वत: आगे आना चाहिए, ताकि आम जनता भी उनका अनुसरण करे। श्री मोदी ने घोषणा की कि वे बिहार में भी दधीचि देहदान समिति की शाखा खुलवाएंगे और सबसे पहले देहदान की शपथ लेंगे।
श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को इस पुनीत कार्य में भाग लेना चाहिए, क्योंकि देहदान, अंगदान से बड़ा कोई भी दान नहीं है। समिति के अध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने कहा कि भारत में सर्वकल्याण को सबसे अधिक महत्व देने की संस्कृति रही है। भारत की प्राचीन जनकल्याण की परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए ही आज से 22 साल पहले दधीचि देहदान समिति का गठन किया गया था। समिति के माध्यम से अब तक 2000 लोगों ने शरीर दान करने का संकल्प लिया है। 68 लोगों ने अब तक देहदान किया है तथा 375 लोग नेत्रदान कर चुके हैं। 4 लोगों ने अपनी अस्थियों का दान किया है।
समिति के महामंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि समिति की शाखाएं भारत के अन्य राज्यों में भी खोली जाएंगी, ताकि बड़े पैमाने पर लोगों की प्राण रक्षा की जा सके। डा. नरेन्द्र सैनी ने देहदान तथा अंगदान के संबंध में कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जानकारी दी। इस अवसर पर विहिप के आचार्य गिरिराज किशोर, भाजपा नेता श्री मांगेराम गर्ग विशेष रूप से उपस्थित थे। प्रतिनिधि











