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जीवनशाला
जीवन अमूल्य है। दुर्गुण और कुसंस्कार या गलत आदतें जीवन में ऐसी दुर्गंध उत्पन्न कर देती हैं कि हर कोई उस व्यक्ति से बचना चाहता है। जीवन को लगातार गुणों और संस्कारों से संवारना पड़ता है, तभी वह सबका प्रिय और प्रेरक बनता है। यहां हम इस स्तंभ में शिष्टाचार की कुछ छोटी–छोटी बातें बताएंगे जो आपके दैनिक जीवन में सुगंध बिखेर सकती हैं–
कई लोगों के बीच बैठकर आपस में कानाफूसी न करें।
आप जैसी भी संगत या मंडली में हों, उसके बारे में सचेत रहें।
कभी भी ज्ञानियों या जानकार लोगों के बारे में हल्की बातें न करें।
कभी भी किसी आवश्यक चीज या बात की नकल न करें या उसका मजाक न बनाएं।
हमेशा हंसमुख और खुशमिजाज रहें, लेकिन जब मामला गंभीर हो तो शांत और संयत व्यवहार रखें।











