| दिंनाक: 06 Mar 2007 00:00:00 |
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पशु-हाट बंद होंमेनका गांधी, सांसद, लोकसभासीमा सहाय, इंदौर (म.प्र.)इंदौर में गाय तथा कुत्तों को बड़ी क्रूरता से पकड़ा जाता है? आप इस बारे में क्या कर सकती हैं?मुझे इस क्रूरता के सम्बंध में सैकड़ों शिकायतें प्राप्त हुई हैं। मैंने इंदौर जाकर वहां के महापौर तथा आयुक्त से कुत्तों के बंध्यीकरण के बारे में बात की थी परन्तु उन्होंने कुछ भी करने से इंकार कर दिया। मैंने कुत्तों के लिए एक योजना बनाई थी किन्तु इंदौर का प्रशासन इसे मानने को तैयार ही नहीं होता। मैंने वहां की सांसद श्रीमती सुमित्रा महाजन से भी सम्पर्क किया, किन्तु बात फिर भी नहीं बनी। इंदौर के आस-पास कई सारी गोशालाएं हैं। पता चला है कि गोशाला प्रबंधकों एवं नगर निगम के कर्मचारियों के बीच सांठ-गांठ है। वे गायों को वध के लिए कसाइयों को बेच देते हैं तथा यह दर्शाते हैं कि वे उन्हें वनों में छोड़ रहे हैं। इसकी शुरूआत पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के समय हुई थी और यह भाजपा शासन में भी जारी है।मंगलेश मधुकर राव खोड़े, बेगमपुरा, उज्जैन (म.प्र.)उज्जैन में कुत्तों की नगर निगम द्वारा हत्या की जा रही है। क्या इसे कैसे रोका जा सकता है?केन्द्र में जब भाजपानीत सरकार थी उस समय एक आदेश द्वारा पूरे देश में कुत्तों की हत्या पर रोक लगा दी गई थी। किन्तु मध्य प्रदेश, जहां भाजपा की सरकार है वहां पशु नियंत्रण कार्यक्रम को अभी तक लागू नहीं किया गया है। जबकि इस कार्यक्रम को प्रारंभ किए गए प्रत्येक शहर से रैबीज समाप्त होने लगा है। इन शहरों में गैर सरकारी संगठनों एवं सम्बंधित नगरपालिका द्वारा कुत्तों का बंध्यीकरण किया जाता है।शंकर ओझा, मिहीजाम, झारखंडबिहार में गायों की कालाबाजारी जोरों पर है। इसे कैसे रोकी जाएगी?गायों को प्रत्येक दिन बिहार से पश्चिम बंगाल भेजा जाता है। वहां से बंगलादेश ले जाकर उनकी हत्या की जाती है। प्रतिदिन हजारों गाय बंगलादेश ले जायी जा रही है। स्थनीय पुलिस भी इस तस्करी में शामिल है।लालू राज में तो तस्करों एवं अपराधियों का हौंसला बुलंद था। जब वे रेल मंत्री बने तो उन्होंने रेल के माध्यम से गो ढोने की अनुमति दे दी। इस कारण गो तस्करी में और वृद्धि हुई। जब नीतिश कुमार रेल मंत्री थे उन्होंने इस पर रोक लगा दी थी। अब नीतिश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। उन्हें पुलिस को कड़ा आदेश देना चाहिए कि वे एक भी गाय बिहार की सीमा पार पश्चिम बंगाल में न जाने दें। सभी हाटों को भी बंद किया जाना चाहिए क्योंकि वे केवल कसाइयों के लिए ही कार्य कर रही हैं। बिहार में कहीं भी पशु कल्याण पर काम करने वाला कोई संगठन नहीं है। उन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।झावरलाल चंद मुरादाबाद (उ.प्र.)गायों की सबसे अधिक तस्करी किस राज्य में होती है?गायों की तस्करी में सबसे पहले गुजरात, फिर राजस्थान तथा मध्य प्रदेश का स्थान आता है। इन राज्यों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में गायें उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र भेजी जाती हैं, जहां कसाइयों द्वारा उनकी हत्या की जाती है। किन्तु इन राज्यों का प्रशासन मौन है।पशु कल्याण आंदोलन में भाग लेने के इच्छुक पाठकश्रीमती मेनका गांधी से 14, अशोक रोड,नई दिल्ली-110001 के पते पर अथवा[email protected] पर सम्पर्क कर सकते हैं।इस स्तम्भ में हर पखवाड़े प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शाकाहार कीे समर्पित प्रसारक श्रीमती मेनका गांधी शाकाहार, पशु-पक्षी प्रेम तथा प्रकृति से सम्बंधित पाठकों के प्रश्नों का उत्तर देती हैं। अपना प्रश्न भेजते समय कृपया निम्नलिखितचौखाने का प्रयोग करें।श्रीमती मेनका गांधी”सरोकार” स्तम्भ / द्वारा, सम्पादक, पाञ्चजन्यसंस्कृति भवन, देशबन्धु गुप्ता मार्ग, झण्डेवाला,नई दिल्ली-11005530