| दिंनाक: 06 Mar 2007 00:00:00 |
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थ् शक की सूई हरकत उल जिहाद इस्लामी (हूजी) और सिमी की ओरथ् फैजाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक और फर्रुखाबाद से ग्रेनेड बरामदथ् श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निशाने पर!गोरखपुर के सूत्र कहां?-गोरखपुर से पवन कुमार अरविन्दहैदराबाद की मक्का मस्जिद में विस्फोटों में मासूमों की चीख अभी हवा में गूंज ही रही थी कि गत 22 मई को गोरखपुर शहर में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों ने आम आदमी को दहला कर रख दिया। प्रशासन विस्फोट में शामिल आतंकवादी तत्वों की जांच-पड़ताल में जुटा ही था कि फैजाबाद रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय में बड़ी मात्रा में विस्फोटक पदार्थों की बरामदगी की सूचना ने समूचे उ.प्र. राज्य में सनसनी पैदा कर दी। हर देशभक्त की जुबान पर आज एक ही सवाल है कि ये हो क्या रहा है? जहां गोरखपुर में प्रशासन ने विस्फोटों के सिलसिले में 15 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है, वहीं अयोध्या में पुलिस ने 9 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पकड़े गए लोगों में 7 दिल्ली के बताए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि अयोध्या प्रशासनिक दृष्टि से फैजाबाद जिले में आता है। अयोध्या और फैजाबाद में मात्र कुछ कि.मी. की दूरी है। फैजाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी से लोगों के मन में ठीक दो वर्ष पूर्व की घटनाएं ताजा हो उठी हैं, जब सन् 2005 में 5 जून को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में 5 आतंकवादी घटनास्थल पर मारे गए थे।शासन ने यद्यपि पूरे प्रदेश में रेड अलर्ट की घोषणा कर दी है किन्तु गत 24 मई को फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन से पुन: शक्तिशाली ग्रेनेड की बरामदगी से स्पष्ट हो गया है कि समूचा प्रदेश बारुद के ढेर पर बैठा है। कहीं भी, कभी भी, कुछ भी घटित हो सकता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में शक की सुई सिमी और बंगलादेशी आतंकी संगठन हरकत उल जिहाद इस्लामी (हूजी) की ओर घूम रही है। गोरखपुर शहर में “गोलघर” के अतिव्यस्त बाजार में 22 मई की शाम पांच-पांच मिनट के अन्तराल पर लगातार तीन बम विस्फोट हुए, जिनमें सात लोगों के घायल होने के समाचार हैं। पहला विस्फोट शाम 7.05 बजे नगर निगम के जलकल भवन के सामने लगे ट्रांसफार्मर के पास, दूसरा 7.10 बजे बलदेव प्लाजा के सामने स्थित पेट्रोल पम्प के पास और तीसरा 7.15 बजे गणेश चौराहे पर शेरे पंजाब होटल के सामने लगे विद्युत ट्रांसफार्मर के पास हुआ। तीनों स्थानों पर हुए विस्फोटों में उल्लेखनीय बात यह रही कि बम रखने के लिए पीले रंग के थैले का इस्तेमाल किया गया था। थैला टांगने के लिए एकदम नई साइकिल का प्रयोग और समय का चयन निश्चित रूप से इस बात की पुष्टि कर देता है कि विस्फोट करने वाले प्रशिक्षित आतंकवादी थे। विशेषज्ञों के अनुसार, ये श्रृंखलाबद्ध विस्फोट सुनियोजित आतंकी तंत्र का ही हिस्सा हैं। संकट मोचन मंदिर-वाराणसी, श्रमजीवी एवं समझौता एक्सप्रेस में हुए विस्फोट, मालेगांव, हैदराबाद की मक्का मस्जिद आदि स्थानों पर हुए विस्फोट भी इसी प्रकार के थे।गोलघर बाजार में किये गये श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों की घटना में हुई क्षति भले ही छोटी लग रही हो लेकिन आतंकवादियों का इरादा तो व्यापक पैमाने पर तबाही फैलाना था। पुलिस ने इस घटना में कम से कम एक दर्जन आतंकियों के शामिल होने की आशंका जतायी है। विस्फोट के तरीके से स्पष्ट है कि विस्फोट में या तो “टाइमर” का प्रयोग किया गया या फिर “रिमोट” का। घटना के बारे में पुलिस महानिरीक्षक दिलीप त्रिवेदी का कहना है कि “इस घटना से गहरी साजिश की बू आ रही है। विस्फोट का तरीका आई.एस.आई. या ऐसे ही किसी खतरनाक आतंकी संगठन का हाथ होने के संकेत देता है।” विस्फोट के बारे में पुलिस जांच दल को कुछ सुराग हाथ लगे हैं। जांच दल ने बलदेव प्लाजा के पास स्थित पेट्रोल पंप पर लगे क्लोज सर्किट कैमरे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों के रेखाचित्र भी जारी किए हैं। पुलिस ने इन विस्फोटों में पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आई.एस. आई. और माओवादियों के शामिल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।उल्लेखनीय है कि भारत-नेपाल सीमा पर दोनों देशों के सुरक्षा बल तैनात रहते हैं, मगर आतंकियों ने दोनों देशों को जोड़ने वाले तमाम ऐसे रास्ते खोज निकाले हैं जिन पर सुरक्षा बलों की निगाह नहीं होतीं। इन रास्तों का इस्तेमाल तस्करी और अवैध आवागमन के लिए होता है। इसी रास्ते से भारत में बहुत बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों, नकली नोटों और आधुनिक हथियारों की खेप आई.एस.आई. काफी दिनों से पहुंचा रही है। सरकारी एजेन्सियों ने इसकी पुष्टि भी की है।उधर 23 मई को विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर घटना के विरोध में गोरखपुर बन्द का आह्वान किया जिसका व्यापक असर देखा गया। बजरंग दल, विश्व हिन्दू परिषद् व अन्य हिन्दू संगठनों ने अलग-अलग स्थानों पर आतंकवाद का पुतला जलाया। दूसरी ओर उ.प्र. की मुख्यमंत्री सुश्री मायावती ने श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों को किसी बड़ी साजिश का हिस्सा बताया और कहा कि सरकार घटना का पर्दाफाश करके रहेगी।17