| दिंनाक: 09 Feb 2007 00:00:00 |
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नहीं चाहिए रहम की खिचड़ीगत 22 अगस्त को चांदनी चौक (दिल्ली) स्थित दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय टाउन हाल के समक्ष रेहड़ी-पटरी दुकानदारों ने अनशन व सत्याग्रह किया। इनका नेतृत्व मानुषी संगठन की अध्यक्ष श्रीमती मधु किश्वर ने किया। इन दुकानदारों का समर्थन करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती रानी जेठमलानी, गीता लूथरा, प्रो. दिनेश मोहन, प्रो. योगेन्द्र यादव आदि ने भी धरने में भाग लिया।उल्लेखनीय है कि श्रीमती मधु किश्वर अनेक वर्षों से दिल्ली के रेहड़ी-पटरी दुकानदारों के हक के लिए सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ रही हैं। उनका कहना है कि इन दुकानदारों को न उजाड़ा जाए और उन्हें कारोबार करने का लाइसेंस दिया जाए। धरने के बाद एक प्रतिनिधिमण्डल ने निगम में सदन के नेता श्री सुभाष आर्य को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि इन दुकानदारों के लिए बनी राष्ट्रीय नीति को ईमानदारी से लागू करने के लिए उप राज्यपाल की अध्यक्षता में एक कार्यबल बनाया जाए और यह कार्यबल दुकानदारों की पड़ताल करके उनके लिए तहबाजारी का स्थान तय कर दे। सेवा नगर माडल परियोजना को माफियाओं से भी बचाने की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि सेवा नगर माडल परियोजना राष्ट्रीय नीति के तहत बनाई गई थी और दुकानदारों को जगह आवंटित की गई थी। किन्तु अब वहां माफिया उन जगहों पर कब्जा कर रहे हैं। प्रतिनिधि23