| दिंनाक: 06 Dec 2005 00:00:00 |
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तमिलनाडु में सागर किनारे बसा है त्रिचेन्दूर। यहां सागर तट पर भगवान मुरुगन का बड़ा प्रसिद्ध मन्दिर है। इस मन्दिर के सन्दर्भ में एक जनास्था और पौराणिक कथा है कि जल देवता वरुण देव ने भगवान मुरुगन को एक बार आश्वस्त किया था कि वह कभी उनके मन्दिर की मर्यादा का अतिक्रमण नहीं करेंगे। 26 दिसम्बर, 2004 को जब सुनामी लहरों ने भारत के समूचे पूर्वी समुद्र तट विशेषत: तमिलनाडु के सागर तट को अपना रौद्र रूप दिखाया और त्रिचेन्दूर बस अड्डे सहित आस-पास के पूरे नगर को अपनी चपेट में ले लिया। तब लोग यह देखकर आश्चर्यचकित थे कि वरुण देव ने अपने वचनों की लाज रखी। समुद्र तट से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित भगवान मुरुगन के मन्दिर को सुनामी लहरें स्पर्श करते हुए लौट गयीं, मन्दिर के भीतर समुद्र का पानी नहीं पहुंचा। है न चमत्कार!NEWS