| दिंनाक: 07 Oct 2005 00:00:00 |
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गूंजे कविता के स्वरप्रतिनिधिकाव्य पाठ करते हुए श्री भालचंद तिवारी। मंच पर बैठे हैं अन्य कवि।गत दिनों आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में अखिल भारतीय साहित्य परिषद् से सम्बद्ध भारतीय साहित्य संगम के तत्वावधान में स्व. ईशदत्त यादव स्मृति अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के अध्यक्ष श्री सोम ठाकुर, गीतकार श्री बुद्धिनाथ मिश्र, कवि एवं विद्वान डा. श्रीपाल सिंह सहित अनेक वरिष्ठ कवियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।इस अवसर पर श्री सोम ठाकुर ने वरिष्ठ आलोचक डा. कन्हैया सिंह की चार पुस्तकों का लोकार्पण भी किया। कवि सम्मेलन के आयोजक नगर पालिका अध्यक्ष श्री गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण किया।प्रतिनिधितलपटसी.एन.जी. यानी “कम्प्रेस्ड नैचुरल गैस” जमीन की सतह के नीचे पायी जाती है। सी.एन.जी. प्राकृतिक गैस है, जिसे लगभग 3,500 पौंड प्रतिवर्ग इंच के दबाव पर तैयार किया जाता है। सी.एन.जी. जलने के बाद कोई अवशेष नहीं छोड़ती इसलिए इसके उपयोग से वाहनों की मरम्मत और आयल बदलने के बार-बार के झंझट से बचा जा सकता है। सी.एन.जी. का उपयोग करने वाले वाहन चालक रखरखाव पर होने वाले खर्च में काफी बचत कर सकते हैं।NEWS