| दिंनाक: 07 Oct 2005 00:00:00 |
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पुलिस महानिरीक्षक ने दिए जांच के आदेशखुद को पंथनिरपेक्षता की झंडाबरदार मानने वाली कांग्रेस पार्टी द्वारा शासित पंजाब सरकार के खाते में छद्म पंथनिरपेक्षता की एक उपलब्धि उस समय जुड़ गई जब भटिंडा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ईसाई मिशनरियों के कार्यक्रम का विरोध करने वाले एक संत से अभद्र व्यवहार किया। पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक श्री राजिंदर सिंह ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।जानकारी के अनुसार रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा एक सभा का आयोजन किया था। राष्ट्रवादी संगठनों ने भटिंडा के उपायुक्त राहुल भंडारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कपिल देव को ज्ञापन देकर बताया कि वहां मतांतरण किया जा रहा था। संत समाज के स्वामी सूर्य प्रकाश जी, स्वामी परमानंद जी, संत जगजीत सिंह सेवड़े वाले, बाबा हरजीत सिंह उदासीन अखाड़ा के नेतृत्व में विश्व हिन्दू परिषद् की गोरक्षा समिति श्री ब्राहृसभा ने कार्यालय के बाहर मतांतरण के विरोध में नारे बाजी की। इसके बाद संतों के नेतृत्व में जब लोग चर्च के बाहर पहुंचे तो वहां पर तैनात उपनिरीक्षक जनक सिंह ने स्वामी सूर्य प्रकाश जी से हाथापाई की। इसके विरोध में एक शिष्टमंडल ने गत दिनों पुलिस महानिरीक्षक से भेंट की थी।NEWS