| दिंनाक: 07 Mar 2005 00:00:00 |
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भारत की जल संचय शक्तिभारत को प्रतिवर्ष सभी प्राकृतिक स्रोतों से लगभग 4000 अरब घन मीटर पानी प्राप्त होता है। इसमें से 1500 अरब घन मीटर पानी तो सीधे सागर की गोद में चला जाता है और 700 अरब घन मीटर पानी भाप बनकर पुन: वायुमण्डल में विलीन हो जाता है। लगभग इतना ही जल (700 अरब घन मीटर) भूमि सोख लेती है और इस प्रकार बचता है 1,110 अरब घन मीटर पानी। इसमें से 430 अरब घनमीटर भूजल की भरपाई में और 370 अरब घन मीटर जल का इस्तेमाल दैनिक जीवन में मनुष्य व जीव-जन्तुओं द्वारा होता है। शेष बचता है 300 अरब घन मीटर जल, जिसका संचयन यदि ठीक ढंग से किया जाए तो जल संकट का समाधान हो सकता है।NEWS