| दिंनाक: 07 Mar 2005 00:00:00 |
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अब और नीचे नहीं गिर सकते नेता-विनोद मेहता, प्रधान सम्पादक, आउटलुक साप्ताहिकयह प्रश्न बड़ा गहरा है कि देश के असली नेता कौन हैं? क्या वे, जो राजनीतिज्ञ हैं और सत्ता में जमे हैं या फिर वे, जो समाज के दूसरे क्षेत्रों में नाम कमा रहे हैं, देश की साख बढ़ा रहे हैं? स्थिति बड़ी विचित्र सी है। क्योंकि आई.टी. के क्षेत्र में कोई बड़ा काम रहा हो या कोई बड़ा सम्पादक हो या संस्कृतिकर्मी हो या फिल्म कलाकार, इनका सीमित दायरे में ही प्रभाव होता है। लेकिन जो लोग सत्ता में हैं उनके हाथ में बदलाव की ताकत रहती है। उदाहरण के लिए, मैं एक संपादक हूं लेकिन हिन्दुस्थान की तस्वीर नहीं बदल सकता हूं। मैं केवल लिख सकता हूं कि हिन्दुस्थान बदलना चाहिए। लेकिन जो प्रधानमंत्री है, मंत्री है, नेता है, उसके हाथ में यह बदलाव लाने का औजार होता है। हमारे देश की त्रासदी यही है कि सत्ता की राजनीति ही बदलाव का माध्यम है। इसे देश की उन्नति के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन हमारे जैसे लोग, जो समाज के दूसरे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और भले ही बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, हमारे हाथ में सत्ता नहीं है, बदलाव लाने की ताकत नहीं है। हमारे यहां सत्ता राजनेताओं के हाथ में है। यह त्रासदी है कि जिनके हाथ में सत्ता है उन्होंने देशवासियों को निराश ही किया है। दूसरी ओर, जिनके हाथ में नैतिक, आर्थिक, बौद्धिक या इसी तरह किसी अन्य क्षेत्र में ताकत है उनके पास बदलाव लाने की सामथ्र्य नहीं होती। यानी मैं चाहूं तो संसद में कोई विधेयक नहीं ला सकता, प्रधानमंत्री ला सकते हैं। बस, यही फर्क है राजनेता और समाजनेता में। त्रासदी यह है कि आज राजनेता चाहे किसी दल का हो, उसकी छवि लोगों की नजर में बहुत गिर चुकी है। इन नेताओं ने अपनी छवि खुद खराब की है। ये भले कहते हों कि मेरी छवि पाञ्चजन्य ने खराब की है या आउटलुक ने खराब की है। ये मीडिया पर बहुत दोष मढ़ते हैं कि हमारी छवि तो बहुत अच्छी है पर मीडिया ने खराब कर दी। हमारे देश मेंं जिनके हाथ में सत्ता है उनकी छवि और विश्वसनीयता नहीं बची है और यह दिन-ब-दिन गिरती ही जा रही है। हालत तो यह है कि अब और नीचे गिरने की गुंजाइश ही नहीं है। ये इतना नीचे गिर चुके हैं कि अब और गिर ही नहीं सकते।ऐसे में हमारी नई पीढ़ी इस सबसे अछूती नहीं रह सकती। इन नेताओं से ठीक विपरीत तरह हमारे वे आदर्श हैं, जो समाज के दूसरे क्षेत्रों में ऊ.ंचे काम कर रहे हैं। देश के असली नेता तो ये हैं।NEWS