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दिल्ली में राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच

Written byArchiveArchive
Feb 1, 2005, 12:00 am IST
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दिंनाक: 01 Feb 2005 00:00:00

विदेशी षड्यंत्रों से सावधानसोनिया देश को बांट रही हैं-प्रतिनिधिगत 22 दिसम्बर की शाम को जहां बाहर ठिठुरन वाली ठण्ड थी, वहीं नई दिल्ली के मावलंकर सभागार का तापमान चढ़ा हुआ था। अवसर था राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच के तत्वावधान में आयोजित एक संगोष्ठी का। संगोष्ठी का विषय था “संप्रग सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा-खतरा कहां से?”राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री कुप्.सी.सुदर्शन, राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व रक्षा मंत्री श्री जार्ज फर्नांडीस, विश्व हिन्दू परिषद् के अन्तरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष श्री अशोक सिंहल, राष्ट्रीय स्वाभिमान की लड़ाई लड़ने वाले श्री सुब्राह्मण्यम स्वामी, समता पार्टी की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती जया जेटली और प्रसिद्ध चिन्तक श्री गोविन्दाचार्य ने लोगों का आह्वान किया कि इस समय हमारे यहां विदेशी शक्तियां खुलेआम कार्य कर रही हैं इसलिए भारतवासी सजग रहें, और उन्हें परास्त करने के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार रहें।श्री कुप्.सी. सुदर्शन ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के 57 वर्ष बाद भी राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए ऐसे कार्यक्रम करने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथियों ने देश में एक विचित्र स्थिति पैदा कर दी है इसलिए ऐसे कार्यक्रम देश के अन्य भागों में भी होने चाहिए। श्री सुदर्शन ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या की जांच कर रहे जैन आयोग की विस्तृत रपट को सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा, जैन आयोग ने मार्गरेट अल्वा, सुबोध कान्त सहाय और सुधा सुब्राह्मण्यम पर संदेह की अंगुली उठाई थी। इन लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होने के बजाय आज ये लोग केन्द्रीय मंत्रिमंडल और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर विराजमान हैं। इसकी भी जांच होनी चाहिए। अनेक चीजें रहस्य के पीछे हैं, जिससे राष्ट्र की सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने कहा कि एक विदेशी महिला हमारे यहां प्रधानमंत्री बनने की कोशिश कर रही थी, किन्तु संवैधानिक अड़चनों के कारण जब वह प्रधानमंत्री नहीं बन सकीं तो यह प्रचारित किया गया कि उन्होंने “त्याग” किया है।उन्होंने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के बारे में कहा कि जो महिला शपथ-पत्र में अपनी शिक्षा के बारे में गलत जानकारी देती हैं, उन पर विश्वास कैसे किया जा सकता है?श्री जार्ज फर्नांडीस ने “तहलका डाट काम” पर आरोप लगाते हुए कहा कि तहलका का असली नाम सोनिया गांधी है और इसकी योजनाएं 10 जनपथ में बनती हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग झूठ से पैदा होने वाले, झूठ पर पलने वाले और झूठ के सहारे आगे बढ़ने वाले हैं। इसलिए इन लोगों से देश की सुरक्षा को भयंकर खतरा है। उन्होंने श्रीमती सोनिया गांधी को चुनौती दी कि जिस ताबूत का भूत उन्होंने खड़ा किया था उसका सबूत निकालें अन्यथा जवानों के मनोबल को गिराने वाले ऐसे आरोप न लगाएं। क्योंकि यह एक अपराध है और विदेशों में इसकी सजा मृत्यु दण्ड है।श्री फर्नांडीस ने जोर देकर कहा कि अपने 65 साल के सार्वजनिक जीवन में हमने न कोई गलत काम किया है और न करेंगे। इसलिए मुझे भ्रष्ट करने वाला या खरीदने वाला न कोई पैदा हुआ है और न होगा।श्री अशोक सिंहल ने कहा कि आज हम पुन: 1942-43 की स्थिति में आ गए हैं। सर्वत्र विदेशी शक्तियां हावी होकर भारत को बांटने की योजनाएं बना रही हैं। उनकी योजना के अनुसार दक्षिण भारत को एक अलग राष्ट्र, दूसरा दलितस्तान और तीसरा मौलवीस्तान बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना को पूरा करने की दिशा में श्रीमती सोनिया गांधी प्रयासरत हैं।श्री सिंहल ने कहा कि आज भारत का 43 प्रतिशत भाग आतंकवादियों से घिरा हुआ है और यह सब विदेशी ताकतों की देन है। उन्होंने कांची कामकोटि मठ के पूज्य शंकराचार्य स्वामी जयेन्द्र सरस्वती जी की गिरफ्तारी के पीछे भी विदेशी शक्तियों का हाथ बताया, क्योंकि ये शक्तियां मानती हैं कि उनके मतान्तरण कार्य को ये हिन्दू सन्त बाधित करते हैं। इन सन्तों के कार्यों से लोगों में धार्मिक आस्था बढ़ती है। परिणामस्वरूप, मतान्तरण की प्रक्रिया धीमी चल रही है। श्री सिंहल ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य जी की गिरफ्तारी से पहले नई दिल्ली के हयात होटल में कांग्रेस अध्यक्षा कुछ यूरोपीय प्रतिनिधियों से मिली थीं और वहीं इसकी योजना बनी थी। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी पोप के उस आदेश को भारत पर लागू कर रही हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगली सदी में पूरे एशिया में ईसाइयत की फसल उगाई जाएगी।सभा को सम्बोधित करते हुए श्री सुब्राह्मण्यम स्वामी ने कहा कि श्रीमती सोनिया गांधी जिस तरह व्यवहार कर रही हैं, उससे लगता है कि देश का भविष्य अंधकारमय है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है कि प्रधानमंत्री के पद को मजाक बना दिया गया है। प्रधानमंत्री जब भोजन पर लोगों को बुलाते हैं तो दो-चार मंत्री ही आते हैं, पर जब कांग्रेस अध्यक्षा बुलाती हैं तो पूरा मंत्रिमंडल आता है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति भी कहते हैं कि भारत-पाकिस्तान वार्ता के समय श्रीमती सोनिया गांधी भारत का नेतृत्व करें। यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा को घटाना नहीं तो क्या है? इससे राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है। श्री स्वामी ने कांग्रेसियों को चुनौती दी कि अगर सचमुच श्रीमती सोनिया गांधी ने त्याग किया है तो उस चिट्ठी को सार्वजनिक करें, जो 17 मई, 2004 को राष्ट्रपति ने श्रीमती गांधी को भेजी थी।श्रीमती जया जेटली ने कहा कि देश की इज्जत बेचने वाले चापलूसों का बाजार इन दिनों गर्म है। ये लोग चापलूसी उस विदेशी महिला की कर रहे हैं, जिन्होंने पहले अपने पति और प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी को बोफर्स तोप खरीदने के लिए विवश किया किया ताकि उनके कुछ विदेशी मित्रों को लाभ हो। लेकिन उसे छिपाने के लिए 16 साल बाद उन्होंने विदेश से हवाला के द्वारा 6 करोड़ रुपए भारत मंगाए और वह रुपया दो-तीन ऐसे लोगों को दिया, जो अपने आपको बहुत बड़े पत्रकार मानते हैं। उस पैसे का उपयोग बोफर्स काण्ड को उछालने वाले लोगों के विरुद्ध किया गया। जार्ज फर्नांडीस जैसे लोगों को बदनाम करने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि हवाला के माध्यम से जिसके पास पैसा आया उसने ही तहलका की जांच करने वाले फूकन आयोग के सामने कबूला था कि यह पैसा पहले दुबई से चेन्नै आया था। इसके बाद हमने इसे मारीशस भेजा। मारीशस से फिर मुम्बई आया और इसे तहलका को दिया। यह सच्चाई आने के बाद से ये लोग फूकन आयोग को भंग करने की मांग कर रहे थे और अब सत्ता में आते ही इन लोगों ने उस आयोग को भंग कर फिर से तहलका काण्ड की जांच का आदेश दिया है। यानी ये लोग सच्चाई को सामने आने ही नहीं देना चाहते हैं। वरिष्ठ स्वदेशी चिन्तक श्री गोविन्दाचार्य ने लोगों को आश्वासन दिया कि स्वाभिमान की लड़ाई लड़ने वालों को एक दिन विजय अवश्य मिलेगी और देशद्रोही ताकतें परास्त होंगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।NEWS

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