उत्तर प्रदेश

‘धन के लिए धर्म नहीं त्यागूंगा, युद्ध छिड़ा तो बम-गोले भी दागूंगा’- CM योगी

संघ की राष्ट्रवादी विचारधारा और सेवा परंपरा की सराहना करते हुए CM योगी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ ने सम और विषम परिस्थितियों में कभी भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

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सुनील राय

वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म, राष्ट्रवाद और देश की रक्षा को लेकर बड़ा बयान दिया है। वाराणसी में भारत सेवाश्रम संघ की काशी शाखा के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संन्यासी का जीवन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर उसे राष्ट्र रक्षा के लिए भी तैयार रहना चाहिए। योगी ने कहा कि धन के लिए धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए और देश व धर्म के लिए किया गया त्याग हमेशा महान होता है। इस दौरान उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ की सेवा परंपरा, स्वामी प्रणवानंद जी महाराज के योगदान और पश्चिम बंगाल की राजनीति का भी जिक्र किया।

100 साल पुरानी परंपरा को किया याद

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1926 में स्वामी प्रणवानंद जी महाराज ने काशी में भारत सेवाश्रम संघ की शाखा की शुरुआत की थी। उस समय देश अंग्रेजों की गुलामी में था। स्वामी प्रणवानंद जी ने देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर स्वतंत्रता की भावना जगाने और हिंदू जागरण के लिए काम किया। योगी ने कहा कि आज भारत सेवाश्रम संघ देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा का प्रसार कर रहा है।

धर्म और विरासत की रक्षा पर दिया जोर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब कोई राष्ट्र संकट में होता है, तो उसकी धार्मिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत भी प्रभावित होती है। काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और श्रीकृष्ण जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसे दौर आए, जब इन पवित्र स्थलों को नुकसान पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि संतों ने अलग-अलग कालखंडों में समाज को जागरूक करने और धार्मिक-सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूजा के साथ राष्ट्र रक्षा भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ की परंपरा में पूजा केवल धूप और दीप तक सीमित नहीं है, बल्कि मां भगवती के अस्त्र-शस्त्र की पूजा भी की जाती है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर राष्ट्र की रक्षा के लिए तैयार रहना भी जरूरी है। उनके मुताबिक, भारत सेवाश्रम संघ ने कठिन परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया है।

संन्यासियों को धमकाने पर बंगाल सरकार पर निशाना

पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बंगाल में एक हिंदू विरोधी (ममता) सरकार भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को धमकाने लग गई,  मैंने कहा अब तो गई यह सरकार, अब इसको कभी नहीं आना है, क्योंकि वह अब रावण की तरह धमकाने का काम कर रही है, कंस की तरह धमकाने का काम कर रही है, संन्यासियों को धमकाने का काम कर रही है, इसका मतलब अब वह सरकार गई। उन्होंने भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों की सराहना करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में भी वे विचलित नहीं हुए।

‘देश और धर्म के लिए जिएंगे, मरेंगे’

मुख्यमंत्री ने अपने बंगाल प्रवास का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां की सभाओं में संघ का कोई न कोई संन्यासी उनसे मिलने जरूर आता था। वे पहले मंच से दूर रहते थे, लेकिन उनके आग्रह पर मंच पर भी आ जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब उन्होंने संन्यासियों से पूछा कि कोई भय तो नहीं है, तो उनका जवाब था, नहीं, कैसा भय? क्या लेकर आए हैं, क्या लेकर जाएंगे? देश और धर्म के लिए मरेंगे, देश और धर्म के लिए जिएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वही जज्बा जिसने विपरीत परिस्थितियों में भारत को भारत बनाए हुआ है।

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