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डीप स्टेट साजिश: प्रदर्शनों के नाम पर विदेशी फंडिंग और वाशिंगटन पोस्ट का भारत-विरोधी नरैटिव, मैरी मिलबेन ने किया खारिज

वाशिंगटन पोस्ट ने दावा किया कि अक्टूबर 2026 के युवा प्रदर्शनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सियासी पकड़ कमजोर पड़ रही है। अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने इस रिपोर्ट को खारिज किया।

Published by
कुलदीप सिंह

भारत के खिलाफ डीप स्टेट की गहरी साजिशें चल रही हैं। देश की व्यवस्था को तहस-नहस करने के विदेशी फंडिंग के आधार पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसमें भारत विरोधी विदेशी मीडिया लगातार नरैटिव फैला रही है। इसी क्रम में अमेरिकी मीडिया वाशिंगटन पोस्ट ने एक लेख लिखा, जिसमें उसने झूठ फैलाया कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सियासी पकड़ कमजोर पड़ रही है।

क्या लिखा वाशिंगटन पोस्ट ने?

वाशिंगटन पोस्ट लिखता है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता पर लंबे समय से काफी मजबूत पकड़ मानी जाती रही है। 2014 से सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी भाजपा ने चुनावों में बार-बार बड़ी जीत हासिल की। करीब एक अरब मतदाताओं वाले इस देश में उनका राजनीतिक दबदबा लगभग चुनौतीहीन लगता था। लेकिन अक्टूबर 2026 में शुरू हुए युवाओं के बड़े प्रदर्शनों ने इस स्थिति को बदल दिया है।

कॉकरोचों के प्रदर्शनों का दिया हवाला

अमेरिकी मीडिया दिल्ली में कॉकरोचों के द्वारा हाल ही में किए गए प्रदर्शन का हवाला देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नरैटिव फैला रहा है कि हालिया प्रदर्शनों के कारण उनकी सियासी जमीन दरकनी शुरू हो रही है।

हालांकि, अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ही इस रिपोर्ट को खारिज कर रही हैं। वो इस दावे को उन्होंने पूरी तरह से गलत करार दे दिया है। इस नैरैटिव का सोशल मीडिया पर भी विरोध किया जा रहा है।

इसी क्रम में शिवमोगा हुडुगा नाम के यूजर ने एक्स पोस्ट करके कहा कि हमें इन बकवास रिपोर्ट्स में भरोसा नहीं है। हमें हमारे प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है। हम उनके साथ हैं।

वहीं एम सिंह नाम के यूजर लिखते हैं कि ये वामपंथी टूलकिट है। वाशिंगटन पोस्ट, NYT, BBC जैसे चैनल वामपंथियों और जिहादियों के हाथों बिक चुके हैं।

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