
प्रतीकात्मक तस्वीर
दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण रेल सेवाओं पर असर पड़ने की खबरों के बीच यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में जिन लोगों ने पहले से ट्रेन में सफर करने के लिए टिकट बुक कर रखा है, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल है कि ट्रेन रद्द होने पर किराए की रकम वापस कैसे मिलेगी। क्या इसके लिए टिकट कैंसिल करना जरूरी है या फिर रेलवे खुद पैसे लौटाता है? आइए, आसान भाषा में समझते हैं रिफंड से जुड़े जरूरी नियम।
यदि रेलवे स्वयं ट्रेन रद्द करता है, तो पात्र यात्रियों को बिना किसी कैंसलेशन शुल्क के पूरा किराया वापस मिल सकता है। रिफंड की प्रक्रिया टिकट बुकिंग के तरीके पर निर्भर करती है।
ऑनलाइन ई-टिकट बुक कराने वाले यात्रियों के लिए रिफंड की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान होती है। यदि संबंधित ट्रेन रेलवे की ओर से रद्द की जाती है, तो सामान्य परिस्थितियों में टिकट को अलग से कैंसिल करने की आवश्यकता नहीं होती। नियमानुसार रिफंड की प्रक्रिया अपने आप शुरू हो सकती है और रकम भुगतान के लिए इस्तेमाल किए गए मूल खाते में वापस भेजी जाती है। अगर निर्धारित समय तक पैसा खाते में नहीं आता, तो यात्री IRCTC अकाउंट में लॉगिन करके अपने टिकट और रिफंड से संबंधित जानकारी देख सकते हैं। भुगतान की स्थिति और लेनदेन का विवरण जांचने से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि रिफंड की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है।
काउंटर से टिकट खरीदने वाले यात्रियों को रिफंड के लिए रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ सकता है। ऐसे में टिकट को संभालकर रखना जरूरी है। संबंधित आरक्षण या टिकट काउंटर पर जाकर मौजूदा नियमों के अनुसार रिफंड की जानकारी लें। समय-सीमा और अन्य शर्तें लागू हो सकती हैं, इसलिए स्टेशन जाने से पहले रेलवे से आधिकारिक जानकारी प्राप्त करना बेहतर रहेगा।
यात्रियों को स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए। इसके लिए रेलवे की आधिकारिक ऐप या हेल्पलाइन नंबर 139 पर जानकारी ले सकते हैं। रेलवे की ओर से ट्रेन रद्द किए जाने और यात्री द्वारा अपनी मर्जी से टिकट कैंसिल करने की परिस्थितियों में रिफंड के नियम अलग हो सकते हैं। टिकट कैंसिल करने से पहले ट्रेन की स्थिति और नियम जरूर जान लें, ताकि रिफंड आसानी से मिल सके और परेशानी न हो।