
नाना पाटेकर का निधन।
हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत और उनके करोड़ों प्रशंसकों के बीच शोक की लहर है। 75 साल की उम्र में नाना पाटेकर ने दुनिया को अलविदा कह दिया। अपने दमदार अभिनय, अलग अंदाज और बेबाक बोलने के लिए मशहूर नाना पाटेकर ने कई दशकों तक सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाई। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है।
श्री नाना पाटेकर जैसी समर्पण की भावना, अपनी अलग पहचान और एक खास प्रभाव बहुत कम अभिनेताओं में देखने को मिलता है। उन्होंने हर भूमिका में अद्भुत विविधता और रचनात्मकता दिखाई और ऐसी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। अपने स्पष्ट और बेबाक विचारों के लिए भी उनका काफी सम्मान किया जाता था। अपने विश्वास पर अडिग रहते हुए अपनी बात रखने में वे कभी नहीं हिचकिचाते थे।
हिंदी और मराठी फिल्म जगत में श्री नाना पाटेकर का योगदान बहुत बड़ा रहा है। उनके निधन से कला जगत में एक बड़ी कमी पैदा हो गई है। मैं उनके परिवार, मित्रों और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। ॐ शांति!
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि प्रख्यात अभिनेता, रंगमंच के सशक्त कलाकार एवं संवेदनशील समाजसेवी, ‘पद्म श्री’ नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने विलक्षण अभिनय से भारतीय सिनेमा को समृद्ध किया और अपने सामाजिक सरोकारों से समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त किया। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों एवं प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी नाना पाटेकर के निधन को कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि करीब पांच दशकों तक नाना पाटेकर ने अपने सहज अभिनय और दमदार संवाद अदायगी से दर्शकों के दिल में खास जगह बनाई। गंभीर सामाजिक मुद्दों से लेकर हास्य और व्यंग्य तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को अपनी अदाकारी से यादगार बनाया।
जानकारी के मुताबिक, नाना पाटेकर गुरुवार तड़के गोवा के डोना पाउला स्थित अपने अपार्टमेंट में बेहोश पाए गए। इसके बाद उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें होश में नहीं लाया जा सका। सुबह करीब 5 बजकर 10 मिनट पर उन्हें मृत घोषित किया गया। नाना पाटेकर सामाजिक कार्यों से भी जुड़े रहे। अमित शाह ने नाम फाउंडेशन के जरिए किसानों की मदद और जवानों का हौसला बढ़ाने में उनके योगदान को याद किया।