
नई दिल्ली। विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र कुमार जैन ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस और शौर्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की है. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित ने जिस असाधारण वीरता का प्रदर्शन करके 9/11 जैसी भयानक घटना को दोहराने के षड्यंत्र को विफल किया है, उसके लिए विश्व हिन्दू परिषद उनका हार्दिक अभिनंदन करती है.
डॉ. जैन ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आज कट्टरपंथी इस्लाम सम्पूर्ण मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है. इससे पीड़ित विश्व समुदाय इस पर चिंता तो अवश्य करता है, परन्तु अब यह समय आ गया है कि सम्पूर्ण विश्व इस चुनौती को हमेशा के लिए परास्त करने हेतु एक साझा रणनीति अपनाए.
डॉ. सुरेन्द्र जैन ने कहा कि भारत गत 1400 वर्ष से इस बर्बर मानसिकता से पीड़ित रहा है तथा कट्टरपंथी इस्लाम से जितना संघर्ष भारत को करना पड़ा है, उतना किसी अन्य देश को नहीं करना पड़ा. उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर देश के कष्टकारी विभाजन के बाद भारत को इस मानसिकता से मुक्ति मिल जानी चाहिए थी, लेकिन सेक्युलर राजनीति के नाम पर अपनाई गई तुष्टिकरण की दुर्नीति ने भारत को इस पीड़ा से और अधिक त्रस्त कर दिया है.
“हिन्दुओं के धार्मिक आयोजनों पर जेहादियों के हमले, हिन्दू कन्याओं का लव जेहाद के नाम पर बलपूर्वक या धोखा देकर अपहरण, और हिन्दू बस्तियों पर हमले प्रतिदिन के विषय बनते जा रहे हैं। जनवरी 2026 से 31 अगस्त, 2026 के बीच जेहादियों द्वारा 254 हिन्दुओं की हत्याओं की सूची इस बात का प्रमाण है।” — डॉ. सुरेन्द्र जैन, संयुक्त महामंत्री, वीएचपी
वीएचपी द्वारा सरकारों के समक्ष रखी गई प्रमुख मांगें:
अंत में डॉ. जैन ने मुस्लिम समाज के सौहार्दप्रेमी नेतृत्व से भी अपील की कि वे अलगाववादी और जेहादी प्रवृत्ति को छोड़कर शांतिपूर्ण सहअस्तित्व की दिशा में आगे बढ़ें. उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल इन परिस्थितियों को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकता और हिन्दुओं की रक्षा के लिए संविधान सम्मत सभी उपायों पर विचार कर रहा है.