CBI के पूर्व डायरेक्टर एम. नागेश्वर राव अब राजनीति में आ गए हैं। उन्होंने सनातन धर्म के मूल्यों को सामने रखकर एक नई पार्टी बनाई है, जिसका नाम है सर्वजन सनातन पार्टी (SSP)। खास बात ये कि उन्होंने पार्टी की आधिकारिक लॉन्चिंग वाराणसी में ही की। इससे पहले करीब 40 साल तक वो देश के टॉप ब्यूरोक्रेट रह चुके हैं।
उनका कहना है कि प्रशासनिक अनुभव से उन्हें ये समझ आया कि सिर्फ प्रशासन सुधारने से देश नहीं बनेगा। देश को आधुनिक विकास चाहिए, लेकिन अपनी सभ्यता की जड़ों से जुड़े रहना भी उतना ही जरूरी है।
पार्टी के चार स्तंभ
राव के मुताबिक सनातन सिर्फ पूजा-पाठ का तरीका नहीं है। ये तो जीने का तरीका है, जिसमें सत्य, धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय, संयम, प्रकृति, परिवार, समाज और जनकल्याण सब शामिल हैं। पार्टी का विजन चार मुख्य स्तंभों पर टिका है—शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सभ्यता से दोबारा जुड़ना।
- शिक्षा में पार्टी चाहती है कि भारतीय सभ्यता, इतिहास और ज्ञान परंपराओं को आधुनिक और वैश्विक शिक्षा से जोड़ा जाए।
- स्वास्थ्य में आधुनिक दवाओं के साथ-साथ भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं को मिलाकर अच्छी और सस्ती सेवाएं देने पर जोर है।
- आजीविका स्तंभ युवाओं, किसानों, कारीगरों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए सम्मानजनक रोजगार के मौके बनाने पर केंद्रित है।
- चौथा स्तंभ भारतीय भाषाओं, कलाओं, मंदिरों, तीर्थ स्थलों, त्योहारों, ज्ञान परंपराओं, परिवारों और सांस्कृतिक संस्थाओं को देश की असली ताकत मानता है।
आधुनिक भारत, सनातन जड़ों के साथ
राव ने साफ कहा कि पार्टी अतीत में लौटना नहीं चाहती। बल्कि सभ्यता की विरासत पर खड़े होकर आधुनिक भारत बनाना चाहती है। पार्टी का बड़ा विजन है—“आधुनिक भारत, अपनी सनातन सभ्यता की जड़ों के साथ”। इसमें तकनीकी और आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को भी जोड़ा गया है।
इसे भी पढ़ें: ‘मुस्लिम को-पायलट ने पहले पढ़ी नमाज…कर दिया हमला’: स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बताई उस दिन की घटना
उन्होंने कहा कि सनातन को सिर्फ चुनावी प्रतीक न समझा जाए। ये मूल्य हैं जो शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, शासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में दिखने चाहिए। मंदिरों और तीर्थ स्थलों को सिर्फ पूजा की जगह न मानकर भारतीय सभ्यता की जीवित संस्थाओं के रूप में बचाया और संवारा जाना चाहिए। उनके कामकाज में सम्मान, पारदर्शिता और सार्थक भागीदारी होनी चाहिए।
किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं
राव ने साफ कर दिया कि पार्टी का नजरिया किसी खास जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है। सनातन किसी के खिलाफ नहीं है। पार्टी सबके लिए काम करना चाहती है, कोई विभाजन पैदा नहीं करना चाहती। काशी को अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य आधुनिकता और सभ्यता की जड़ों के बीच संतुलन बनाना होना चाहिए। इस मौके पर पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष रितु राठौड़, महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी, प्रवक्ता बबीता शर्मा, उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश तिवारी और संगठन मंत्री नरनारायण सिंह शामिल थे।












