उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण सरयू नदी में बाढ़ आ गई है। इससे कटान भी तेज हो गया है। हेतमापुर गांव में शिव मंदिर, मस्जिद और करीब दस घर नदी में समा गए हैं। नदी का जलस्तर 18 साल का रिकॉर्ड तोड़ चुका है।
रात में अचानक बढ़ा पानी
तहसील रामनगर के हेतमापुर में शनिवार शाम तक सरयू शांत थी। रात करीब दो बजे पानी बढ़ने लगा और कटान तेज हो गया। पहले कगार पर बनी मस्जिद नदी में चली गई। थोड़ी देर बाद पास का शंकरजी का मंदिर भी बह गया। इसके बाद कटान बाबा नारायण दास की तपोस्थली की तरफ बढ़ गया। मंदिर के निचले हिस्से का लिंटर भी पानी में समा चुका है। बाढ़ खंड ने मंदिर बचाने के लिए बोल्डर, पत्थर और ईंटों की बोरियां नदी में डालीं, लेकिन तेज धारा में वे बह गए। खतरा देखकर गांव वाले खुद अपने पक्के मकान तोड़कर सामान सुरक्षित जगह ले जा रहे हैं।
पशु अस्पताल भी खतरे में
सरयू का कटान पशु अस्पताल तक पहुंच गया है। अस्पताल की बाउंड्रीवॉल नदी में समा चुकी है और भवन की तरफ कटान बढ़ रहा है। खतरे को देखते हुए अस्पताल खाली करा दिया गया है। जरूरी सामान सुरक्षित जगह पहुंचाया जा रहा है।
अधिकारी मौके पर पहुंचे
रविवार को एडीएम निरंकार सिंह, एसपी अर्पित विजय वर्गीय, एएसपी विवेक तिवारी और सीएमओ डॉ. रंजन गौतम समेत अधिकारी हेतमापुर पहुंचे। एसडीएम आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल सिंह सुबह से ही मौके पर थे और स्थिति देख रहे थे। इस बाढ़ में कई लोगों के घर नदी में समा गए। कईयों के घरों पर पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है।
18 साल में ऐसा कटान नहीं देखा
ग्रामीणों के मुताबिक हेतमापुर में रविवार जैसा तेज कटान पिछले 18 साल में नहीं हुआ। पशु अस्पताल की तरफ आबादी तेजी से कट रही है। मस्जिद के पूरब नदी ने करीब पांच बीघा खेती की जमीन भी निगल ली है।
पूरनपुर में भी नुकसान
सरयू के दूसरे छोर पर पूरनपुर में भी शनिवार रात कटान हुआ। रामानंद, सुरेश, राकेश, रामजतन, राज कुमार, कमला प्रसाद और मदन लाल के मकान बह गए। मदन लाल के घर में बंधी दो गायें भी मकान के साथ चली गईं। फक्कड़, खुशीराम, भोला, दशरथ और शिवशंकर समेत कई लोगों के मकान अभी भी खतरे में हैं। बेघर परिवार खुले में रहने को मजबूर हैं।
एसडीएम आकांक्षा गुप्ता के अनुसार हेतमापुर में मस्जिद, शंकरजी मंदिर और करीब 10 घर नदी में समा चुके हैं। बाढ़ खंड मंदिर बचाने की कोशिश कर रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा है और भोजन की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।











